ब्लिट्ज ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए कुरुक्षेत्र जिले में 2,000 एकड़ भूमि का क्लस्टर चिह्नित किया है।
इस परियोजना के तहत प्रतापगढ़, सिरझमा, बिछौली और मठाना गांवों के किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। यह पहल ‘हर पाई की भरपाई’ योजना के साथ लागू की जा रही है, जिसके तहत फसल नुकसान की भरपाई सरकार करेगी।
योजना के अनुसार इस क्लस्टर में आधुनिक तकनीक के साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना में शामिल किसानों को कम से कम तीन वर्ष तक प्राकृतिक खेती करनी होगी। इसकी निगरानी स्थानीय कृषि विभाग और हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचकूला मुख्यालय द्वारा की जाएगी।
फसल नुकसान का आकलन क्रॉप कटिंग प्रयोगों और फसल पकने के दौरान किए जाने वाले सर्वे के आधार पर किया जाएगा। पात्र किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार ‘हर पाई की भरपाई’ योजना का लाभ दिया जाएगा।
मोरनी ब्लॉक के 14 गांव पहले ही चुने जा चुके
राज्य सरकार इससे पहले पंचकूला जिले के मोरनी ब्लॉक के सभी 14 गांवों को प्राकृतिक खेती के लिए चयनित कर चुकी है। योजना के तहत किसानों को देसी गाय खरीदने के लिए 30 हजार का अनुदान दिया जाएगा। साथ ही खेती करने वाले किसानों की भूमि और सिंचाई जल के नमूनों की नियमित जांच भी की जाएगी, ताकि प्राकृतिक खेती की गुणवत्ता सुनिश्चित हो।












