• Latest
  • Trending
India had discovered water on the moon

भारत ने ही खोजा था चांद पर पानी

July 7, 2023
ev car

तीन लाख के पार: भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

July 17, 2026
employment

जवान देश की सबसे बड़ी पूंजी: नौकरी और हुनर का असली इम्तिहान

July 17, 2026
Agriculture

बारिश ने पकड़ी रफ्तार: कमज़ोर शुरुआत के बाद घटने लगी मानसून की कमी

July 17, 2026
Market

बाज़ार में लौटी रौनक: बड़े शेयरों के दम पर सेंसेक्स चढ़ा, रिलायंस के नतीजे आज

July 17, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

तीन समझौते, तीन रफ्तार: ब्रिटेन से रास्ता खुला, यूरोप करीब, अमेरिका आखिरी कदम पर

July 17, 2026
india-vs-england

जवाब आया: एजबेस्टन में भारत ने पहला वनडे छह विकेट से जीता

July 17, 2026
Agriculture

आसमान पर टिकी नज़र: कमज़ोर मानसून और महंगाई के बीच खेती की परीक्षा

July 17, 2026
ऊर्जा संक्रमण से भारत घटा रहा तेल आयात पर निर्भरता

2030 का आधा सफर तय: अब साफ बिजली की असली परीक्षा ग्रिड और भंडारण की है

July 17, 2026
water

पूर्वानुमान से परे: जल सुरक्षा भारत की चुपचाप चलती राष्ट्र-निर्माण परियोजना क्यों है

July 17, 2026
job

हर साल 1 करोड़ 10 लाख युवा: सबसे बड़ा सवाल है नौकरी

July 17, 2026
ev car

अब हर 8 में से 1 गाड़ी इलेक्ट्रिक, जून में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री

July 17, 2026
गगनयान मिशन

वापसी सुरक्षित हो, तभी उड़ान: गगनयान के तीन अहम टेस्ट पास

July 17, 2026
Friday, July 17, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत ने ही खोजा था चांद पर पानी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 7, 2023
in the blitz
0
India had discovered water on the moon
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने दावा किया है कि चांद पर पानी भारत की खोज है। चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता चंद्रयान-1 पर मौजूद भारत के अपने मून इंपैक्ट प्रोब (एमआईपी) ने लगाया। बाद में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के उपकरण ने भी चांद पर पानी होने की पुष्टि की है।

चंद्रयान-1 के प्रक्षेपण के करीब एक पखवाड़े बाद भारत का एमआईपी यान से अलग होकर चंद्रमा की सतह पर उतरा था। उसने चंद्रमा की सतह पर पानी के कणों की मौजूदगी के पुख्ता संकेत दिए थे और इस सदी की महत्वपूर्ण खोज की थी। इसरो के अनुसार चांद पर पानी समुद्र, झरने, तालाब या बूंदों के रूप में नहीं बल्कि खनिज और चट्टानों की सतह पर मौजूद है। चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी पूर्व में लगाए गए अनुमानों से कहीं ज्यादा है।

YOU MAY ALSO LIKE

तीन लाख के पार: भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

जवान देश की सबसे बड़ी पूंजी: नौकरी और हुनर का असली इम्तिहान

आंकड़े का सार्वजनिक प्रदर्शन
चंद्रयान-1 द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़े 2010 में जनता के लिए उपलब्ध कराए गए थे। आंकड़े को दो सत्रों में विभाजित किया गया था जिसमें पहला सत्र 2010 के अंत तक सार्वजनिक हो गया था और दूसरा सत्र 2011 के मध्य तक सार्वजनिक हुआ। आंकड़ों में चंद्रमा की तस्वीरें और चंद्रमा की सतह के रासायनिक और खनिज मानचित्रण के आंकड़े शामिल हैं।

भारत का पहला यान
चन्द्रयान (अथवा चंद्रयान-1) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के अंतर्गत चंद्रमा की तरफ कूच करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष यान था। एक मानवरहित यान को 22 अक्टूबर, 2008 को चन्द्रमा पर भेजा गया और यह 30 अगस्त, 2009 तक सक्रिय रहा। यह यान ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पोलर सेटेलाइट लांच वेहिकल, पी एस एल वी) के एक संशोधित संस्करण वाले राकेट की सहायता से सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से प्रक्षेपित किया गया। इसे चन्द्रमा तक पहुंचने में 5 दिन लगे पर चन्द्रमा की कक्षा में स्थापित करने में 15 दिनों का समय लग गया। चंद्रयान ऑर्बिटर का मून इम्पैक्ट प्रोब (एमआईपी) 14 नवंबर 2008 को चंद्र सतह पर उतरा, जिससे भारत चंद्रमा पर अपना झंडा लगाने वाला चौथा देश बन गया।

चंद्रयान का उद्देश्य चंद्रमा पर हीलियम की तलाश करना भी था। चंद्रयान-प्रथम ने चंद्रमा से 100 किमी ऊपर 525 किग्रा का एक उपग्रह ध्रुवीय कक्षा में स्थापित किया। इसने अपने रिमोट सेंसिंग उपकरणों के जरिये चंद्रमा की ऊपरी सतह के चित्र भेजे। भारतीय अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण के अनुक्रम में यह 27वा ंउपक्रम था। इसका कार्यकाल लगभग 2 साल का होना था, मगर नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूटने के कारण इसे पहले बंद कर दिया गया। इस उपक्रम से चन्द्रमा और मंगल ग्रह पर मानव-सहित विमान भेजने के लिये रास्ता खुला।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation