• Latest
  • Trending
He left his job as a scientist at ISRO and started a taxi service

इसरो में वैज्ञानिक की नौकरी छोड़ शुरू की टैक्सी सेवा

April 18, 2025
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
Thursday, November 5, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

इसरो में वैज्ञानिक की नौकरी छोड़ शुरू की टैक्सी सेवा

आज कमा रहे 2 करोड़ सालाना, ड्राइवरों को देते हैं 70 प्रतिशत तक हिस्सेदारी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 18, 2025
in the blitz
0
He left his job as a scientist at ISRO and started a taxi service

YOU MAY ALSO LIKE

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। आपने गरीबी से उठकर किसी व्यक्ति को शिखर पर पहुंचने की कहानी तो बहुत सुनी और पढ़ी होगी लेकिन, क्या कभी आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का कोई वैज्ञानिक अपनी नौकरी छोड़कर टैक्सी कैब उद्यमी बन सकता है? यह सिर्फ गप नहीं, बल्कि हकीकत है कि इसरो के वैज्ञानिक अपनी नौकरी छोड़कर टैक्सी उद्यमी बन गए हैं। इसे आप उनका जुनून या कुछ और कह सकते हैं। उनकी खासियत यह है कि उनके पास जो ड्राइवर अपनी गाड़ी लेकर आता है, उसे उस गाड़ी से होने वाली कमाई की करीब 70% हिस्सेदारी तक दे देते हैं और सालाना करीब 2 करोड़ रुपये कमाते हैं। इस शख्स का नाम डॉ उथया कुमार है।
काफी फिल्मी है डॉ उथया कुमार की कहानी
‘द बेटर इंडिया’ ने सोशल मीडिया मंच लिंक्डइन पर डॉ उथया कुमार की रिपोर्ट साझा की है। रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के एक छोटे से शहर कन्याकुमारी से निकलकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में अहम भूमिका निभाने और फिर एक सफल टैक्सी स्टार्टअप शुरू करने वाले डॉ उथया कुमार की कहानी काफी फिल्मी दिखाई देती है। यह कहानी न केवल उनके आत्मविश्वास, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व की अनूठी भावना को भी दर्शाती है।
उथया कुमार ने सांख्यिकी में एमफिल और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त कर अकादमिक रूप से उच्च शिखर छुए। उन्होंने इसरो में करीब सात साल तक काम किया। उनकी मेहनत तब रंग लाई, जब उन्हें इसरो में एक वैज्ञानिक के रूप में नियुक्ति मिली। वहां उन्होंने उपग्रह प्रक्षेपण में तरल ईंन्धन की सटीकता सुनिश्चित करने का कार्य किया। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें एक छोटी-सी गलती भी गंभीर परिणाम ला सकती है।
उद्यमशीलता की ओर कदम
हालांकि, डॉ उथया कुमार का वैज्ञानिक जीवन काफी शानदार था, लेकिन उनके भीतर का उद्यमी उन्हें नई राह पर ले गया। साल 2017 में उन्होंने एसटी कैब्स नामक टैक्सी सर्विस की शुरुआत की। इसका नाम उनके माता-पिता सुकुमारन और तुलसी के नाम पर रखा गया। उनके पास 37 गाड़ियां हैं और उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से अधिक है।
अलग सोच, अलग रणनीति
उथया कुमार सिर्फ कुशल व्यवसायी ही नहीं , बल्कि एक संवेदनशील और दूरदर्शी लीडर भी हैं। वे ड्राइवरों को गाड़ी लाने पर 70% तक हिस्सेदारी देते हैं। प्रवासी ड्राइवरों के लिए घर का निर्माण भी करवा रहे हैं। अपने गांव के 4 बच्चों की शिक्षा का खर्च खुद उठाते हैं। कोविड के समय उन्होंने खुद पीपीई किट पहनकर लंबी यात्राएं कीं, ताकि उनका व्यवसाय चलता रहे।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation