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गिग वर्कर्स को मिलेगा कर्मचारी का दर्जा

देश में जल्द बनेगा नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 11, 2026
in the blitz
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ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने विधानसभा में जानकारी दी है कि केंद्र सरकार जल्द ही गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए ‘नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड’ का गठन करने जा रही है। इस बोर्ड के जरिए डिलीवरी पार्टनर्स और फ्रीलांसर्स को हेल्थ केयर, इंश्योरेंस और फैमिली वेलफेयर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। अब तक इन वर्कर्स को केवल बिजनेस पार्टनर माना जाता था, लेकिन नए कोड के तहत उन्हें पहली बार औपचारिक ‘वर्कर’ का दर्जा दिया गया है।

मंत्री आकाश फुंडकर ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत ओगले और बीजेपी के अतुल भातखलकर के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सोशल सिक्योरिटी कोड को लागू कर दिया है। यह कोड नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुका है। इसमें पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की स्थिति को बताया गया है। अब तक इन्हें केवल डिलीवरी-बेस्ड पेमेंट पर काम करने वाले इंडिपेंडेंट कांट्रेक्टर के रूप में देखा जाता था।

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राजस्थान, कर्नाटक के कानून हो जाएंगे खत्म
फुंडकर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड के अस्तित्व में आते ही राज्यों के अपने कानून लैप्स (समाप्त) हो जाएंगे। फिलहाल राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों ने गिग वर्कर्स के कल्याण के लिए अपने स्तर पर कानून बनाए हैं। केंद्र के निर्देशानुसार, अब सभी राज्यों को केंद्रीय सोशल सिक्योरिटी कोड के प्रावधानों का ही पालन करना होगा।

गिग वर्कर्स को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
हेल्थ इंश्योरेंस: बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में मेडिकल कवर।
पेंशन और ग्रेच्युटी: लंबी अवधि तक काम करने पर भविष्य की सुरक्षा।
मैटरनिटी बेनिफिट्स: महिला वर्कर्स के लिए पेड लीव और सहायता।
मृत्यु और विकलांगता कवर: काम के दौरान किसी अनहोनी पर परिवार को आर्थिक मदद।

एनटीसी मिलों के कर्मचारियों को बकाया 1 साल में मिलेगा
विधानसभा में चर्चा के दौरान मिल श्रमिकों का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मुंबई में नेशनल टेक्सटाइल कॉरपोरेशन (एनटीसी) की बंद पड़ी मिलों के श्रमिकों का बकाया चुकाने के लिए सरकार सक्रिय है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठकें चल रही हैं और सेटलमेंट के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, यह बकाया एक साल के भीतर चुका दिया जाएगा।

कोविड के बाद से बंद हैं 4 प्रमुख मिलें
मंत्री ने सदन को बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद से मुंबई की चार एनटीसी मिलें पूरी तरह बंद हैं। इन मिलों के श्रमिक संगठनों ने वेतन और अन्य बकाये के लिए औद्योगिक अदालत और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब राज्य सरकार और केंद्र मिलकर इसका समाधान निकाल रहे हैं ताकि हजारों परिवारों को राहत मिल सके।

कौन होते हैं गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स?
गिग वर्कर्स: वे लोग जो पारंपरिक ‘9 से 5’ की नौकरी के बजाय किसी खास प्रोजेक्ट या टास्क के लिए जुड़ते हैं। जैसे- फ्रीलांसर्स। प्लेटफॉर्म वर्कर्स: वे लोग जो स्विगी, जोमैटो, ओला, उबर या अमेजन जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सर्विसेज देते हैं।

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