नई दिल्ली। वर्ष 2025 में खास एआई स्किल्स की मांग वाली नौकरियों में कुल जॉब मार्केट की तुलना में लगभग आठ गुना तेजी से बढ़ोतरी हुई। ऐसी नौकरियों में वेतन भी तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी प्रोफेशनल सर्विसेज और कंसल्टिंग फर्मों में से एक पीडब्ल्यूसी की 2026 एआई जॉब्स बैरोमीटर’ रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। ऐसी नौकरियां जो क्रिएटिविटी और सही फैसले लेने जैसी इंसानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एआई का इस्तेमाल कर सकती हैं, उनमें सबसे तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट और रिक्रूटर को इसके उदाहरण के तौर पर बताया गया है। जिन नौकरियों में एआई गैर-विशेषज्ञों के लिए काम आसान बनाता है, जैसे आईटी सर्विस मैनेजर और मेडिकल सेक्रेटरी, उनमें बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी है। स्टडी में बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ग्लोबल लेबर मार्केट को दो विपरीत दिशाओं में ले जा रहा है। यह उन कंपनियों को फायदा पहुंचा रहा है जो इंसानी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल करती हैं, जबकि जो कंपनियां सिर्फ लागत कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं, वे पीछे रह जाती हैं। पीडब्ल्यूसी के ग्लोबल चीफ एआई ऑफिसर जो एटकिंसन ने कहा, जो कंपनियां एआई से ज्यादा फायदा उठा रही हैं, वे इसका प्रयोग इंसानी विशेषज्ञता को बढ़ाने, इनोवेशन में तेजी लाने को कर रही हैं।
एआई इनोवेशन में बेंगलुरु एशिया में दूसरे नंबर पर
ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट 2026 के अनुसार,बेंगलुरु एआई इनोवेशन के लिए एशिया में दूसरे स्थान पर है। परफॉर्मेंस और शोध के मामले में दुनिया के टॉप 10 में जगह बनाई है। स्टार्टअप इकोसिस्टम इंडेक्स में दुनिया भर में 15वें स्थान पर रहने वाला बेंगलुरु, भारत के प्रमुख स्टार्टअप हब के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और इसके इकोसिस्टम वैल्यू 152.8 अरब अमेरिकी डॉलर है।
भारत सहित 27 देशों पर अध्ययन किया
रिपोर्ट में भारत सहित 27 देशों और क्षेत्रों में एक अरब से अधिक जॉब पोस्टिंग के डाटा का इस्तेमाल किया गया। इसमें लेबर मार्केट, फाइनेंशियल और पेशे की जानकारी को मिलाकर यह देखा गया कि एआई कैसे काम, स्किल्स, वेतन को बदल रहा है। पीडब्ल्यूसी ने कहा एंट्री-लेवल की एआई से संबंधित नौकरियों के लिए अब अक्सर ऐसी क्षमताओं की जरूरत होती है जो पारंपरिक रूप से सीनियर लेवल की मानी जाती थीं।
एआई से जूनियर लेवल पर हायरिंग कम होगी
पीडब्ल्यूसी के ही सर्वे में पाया गया कि 49% सीईओ को उम्मीद है कि अगले तीन वर्षों में एआई के इस्तेमाल से जूनियर लेवल पर हायरिंग कम होगी, जबकि सीनियर लेवल की नौकरियों के लिए ऐसा सोचने वाले सीईओ सिर्फ 12% हैं। जिन कंपनियों में एआई का इस्तेमाल सबसे अधिक हुआ, उन्होंने 2018 के मुकाबले रोजगार में 52% की बढ़ोतरी की।
इन नौकरियों की मांग बढ़ी
खास एआई स्किल्स जैसे मशीन लर्निंग और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में 69% बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रेडियोलॉजिस्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और रिक्रूटर जैसी प्रोफेशनल भूमिकाओं में नौकरियों में बढ़ोतरी हुई।













