मुंबई, 19 अक्टूबर। खाड़ी में काम करने वाले लाखों भारतीय परिवारों की नजर इस बार मुंबई पर है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में यूएई के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मेजबानी करेंगे। 20 अक्टूबर को इसी शहर में उनकी बातचीत अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से होगी।
यूएई में 43 लाख भारतीय रहते हैं और अमेरिका भारत का बड़ा खरीदार है। दोनों देशों के विदेश मंत्री दो दिन में मुंबई आ रहे हैं। दोनों की बातचीत में पहला मुद्दा ऊर्जा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 अक्टूबर की ब्रीफिंग में यह कार्यक्रम बताया। यूएई के साथ ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और कनेक्टिविटी पर बात होगी। अमेरिका के साथ ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और नई तकनीक पर। जयशंकर अमेरिका की आजादी के 250 साल के समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे।
दिल्ली नहीं, मुंबई क्यों
प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली से बाहर मेहमानों की मेजबानी पिछले करीब दस साल से चल रही परंपरा है। प्रधानमंत्री ने स्पेन के प्रधानमंत्री का स्वागत वडोदरा में किया था और जर्मनी के चांसलर का अहमदाबाद में। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। दोनों देशों से जुड़ा पैसा यहीं के बैंकों और शेयर बाजारों से होकर गुजरता है।
यूएई से रिश्ते का हिसाब
अबू धाबी में भारतीय दूतावास के आंकड़े बताते हैं कि यह रिश्ता कितना बड़ा है। 2025-26 में दोनों देशों का व्यापार 101.25 अरब डॉलर रहा। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
भारत ने यूएई को 37.35 अरब डॉलर से ज्यादा का सामान बेचा। यानी करीब 63.9 अरब डॉलर का सामान वहां से खरीदा, जिसमें बड़ा हिस्सा तेल-गैस का है। यह हिसाब ब्लिट्ज ने दूतावास के दो आंकड़ों से निकाला है।
सबसे बड़ी बात लोगों की है। यूएई में करीब 43 लाख भारतीय रहते हैं। देश में विदेश से आने वाले कुल पैसे का 19.2 फीसदी हिस्सा यूएई से आता है। यूएई के निवेशकों ने अप्रैल 2000 से मार्च 2026 तक भारत में 25.59 अरब डॉलर लगाए हैं।
अमेरिका के साथ कारोबार
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच भारत ने अमेरिका को करीब 51 अरब डॉलर का सामान बेचा। पिछले साल इसी दौरान यह 45.73 अरब डॉलर था। यानी करीब 11.5 फीसदी की बढ़त, टैरिफ की मुश्किलों के बावजूद। व्यापार समझौते पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश इसे जल्द पूरा करने में लगे हैं।
भारत को इन दो दिनों से सीधा फायदा है। एक देश में हमारे लाखों लोग रोजी कमा रहे हैं, दूसरा हमारा सामान पहले से ज्यादा खरीद रहा है। और दोनों के साथ पहली बात ऊर्जा की है, ऐसे वक्त में जब ईंधन देश में महंगाई बढ़ा रहा है।
एक नजर में
•भारत-यूएई व्यापार, 2025-26 : 101.25 अरब डॉलर
•यूएई को भारत का निर्यात : 37.35 अरब डॉलर से ज्यादा
•यूएई में भारतीय : करीब 43 लाख
•विदेश से आने वाले पैसे में यूएई का हिस्सा : 19.2%
•अमेरिका को निर्यात, अप्रैल-सितंबर 2026 : करीब 51 अरब डॉलर
तुलना
•2025-26 का भारत-यूएई व्यापार : 101.25 अरब डॉलर — 2032 के लक्ष्य का 51%
•2032 का लक्ष्य : 200 अरब डॉलर — 100%
लक्ष्य 2025-26 के व्यापार से 97.5% ज्यादा है।
हमारा हिसाब
101.25 − 37.35 = 63.90 अरब डॉलर का आयात। अमेरिका को निर्यात : (51 − 45.73) ÷ 45.73 = 11.5% बढ़त।
भारत को क्या मिला
ऊर्जा, निवेश और विदेश में भारतीयों के रोजगार पर दो बड़े साझेदारों से एक ही शहर में बात।
ब्लिट्ज की सराहना
विदेश मंत्रालय और अबू धाबी में भारतीय दूतावास।
आंकड़े विदेश मंत्रालय की 16 अक्टूबर की ब्रीफिंग और अबू धाबी में भारतीय दूतावास के आर्थिक ब्योरे (जून 2026) से। अमेरिका के आंकड़े वाणिज्य मंत्रालय के, आकाशवाणी पर 16 अक्टूबर 2026 को। mea.gov.in, indembassyuae.gov.in और newsonair.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
विदेश मंत्रालय हर बैठक के बाद व्यापार, निवेश और ऊर्जा के आंकड़ों वाला एक छोटा तथ्य-पत्र जारी करे। तब खाड़ी में रहने वाले भारतीय और निर्यातक नतीजा आंकड़ों में पढ़ सकेंगे।
नमो भारत में तीन साल, 4.5 करोड़ सफर
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर। मेरठ में घर और दिल्ली में नौकरी, अब यह मुश्किल जोड़ी नहीं रही। नमो भारत रैपिड रेल ने तीन साल में 4.5 करोड़ से ज्यादा सफर पूरे कर लिए हैं। आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में नमो भारत दिवस पर यह जानकारी दी। मंत्रालय ने 18 अक्टूबर को इसकी विज्ञप्ति जारी की।
दिल्ली-मेरठ के बीच रोज एक लाख से ज्यादा लोग अब इस तेज रेल से आते-जाते हैं।

शुरुआत अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किलोमीटर से हुई थी। 22 फरवरी 2026 को पूरा 82 किलोमीटर का दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर मेरठ मेट्रो के साथ देश को सौंपा गया। अब रोज 1.1 लाख से ज्यादा लोग इसमें सफर करते हैं। सबसे भीड़ वाले दिन करीब 1.68 लाख यात्री चढ़े। यह रोज के औसत से करीब 53 फीसदी ज्यादा है।
इस रेल को 110 मेगावाट का अपना सौर बिजली संयंत्र भी ताकत देता है। आगे दिल्ली-पानीपत-करनाल, दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़, गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर की तैयारी है।
ब्लिट्ज की सलाह
एनसीआरटीसी हर स्टेशन पर रोज चढ़ने वाले यात्रियों की संख्या जारी करे। तब मेरठ, गाजियाबाद और मोदीनगर में मकान और बाजार वहीं बनेंगे जहां यात्री हैं।
मुनस्यारी की ट्राउट मछली नेपाल पहुंची
मुनस्यारी (पिथौरागढ़), 19 अक्टूबर। गोरी गंगा घाटी के ठंडे पानी में पलने वाली रेनबो ट्राउट अब सरहद पार बिक रही है। उत्तराखंड ने जून 2026 में अपनी पहली ट्राउट नेपाल भेजी। राज्य आईटीबीपी को भी समझौते के तहत ट्राउट देता है।
पहाड़ की ठंडी नदियों में पलने वाली ट्राउट अब गांव वालों के लिए कमाई का जरिया बन रही है।

केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव अभिलक्ष लिखी 18 अक्टूबर को मुनस्यारी पहुंचे। उन्होंने जोहार मत्स्य स्वायत्त सहकारिता और नामजला ट्राउट फार्म के किसानों से बात की। विभाग की उसी दिन की विज्ञप्ति के मुताबिक, छह पहाड़ी राज्यों में ट्राउट का उत्पादन दस साल में छह गुना बढ़कर करीब 5,000 टन सालाना हो गया है।
इसके पीछे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का पैसा है। ठंडे इलाकों में 2,299 करोड़ रुपये से ज्यादा लगाए गए हैं। 5,600 से ज्यादा रेसवे, 54 हैचरी, 293 कोल्ड स्टोरेज और 260 चारा मिलें मंजूर हुई हैं। उत्तराखंड के लिए 317 करोड़ रुपये के काम मंजूर हैं।
170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना 2028-29 तक 1,500 रेसवे, 100 छोटी हैचरी और 600 कोल्ड स्टोरेज और जोड़ेगी। मुनस्यारी में ट्राउट सबसे पहले भीमताल के आईसीएआर-शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय ने पहुंचाई थी।
ब्लिट्ज की सलाह
मत्स्य पालन विभाग हर क्लस्टर में ट्राउट पालकों की गिनती और उनकी औसत कमाई जारी करे। तब मुनस्यारी का मॉडल दूसरे पहाड़ी जिलों में अपनाया जा सकेगा।
नदियों से माल ढुलाई 2030 का लक्ष्य पार
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026 — नदियों पर चलने वाले जहाज अब सड़कों का बोझ कम कर रहे हैं। 2025-26 में राष्ट्रीय जलमार्गों से 218 मिलियन टन माल ढोया गया। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। मैरीटाइम इंडिया विजन में 2030 तक 200 मिलियन टन का लक्ष्य था। यानी लक्ष्य चार साल पहले ही 9 फीसदी ज्यादा पार हो गया।
2025-26 में राष्ट्रीय जलमार्गों से 218 मिलियन टन माल गया। 2030 के लिए लक्ष्य 200 मिलियन टन था।
2014-15 में यह आंकड़ा सिर्फ 29 मिलियन टन था। यानी 11 साल में करीब साढ़े सात गुना बढ़त। मंत्रालय के मुताबिक हर साल औसत बढ़त 20.13 फीसदी रही। ब्लिट्ज ने यह हिसाब दोबारा जांचा, आंकड़ा सही है।
देश में 111 राष्ट्रीय जलमार्ग हैं, जिनमें से 32 चालू हैं। ब्रह्मपुत्र पर माल ढुलाई एक साल में 0.90 से बढ़कर 1.29 मिलियन टन हो गई, यानी करीब 43 फीसदी ज्यादा। वहां 74 करोड़ रुपये से चार लाइटहाउस बन रहे हैं। केरल के जलमार्ग पर 312 सौर ऊर्जा वाले बोया लगाए गए हैं।
ब्लिट्ज की सलाह
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण हर तिमाही हर जलमार्ग की माल ढुलाई अलग से जारी करे। तब राज्य और कारोबारी देख सकेंगे कि अगला टर्मिनल कहां फायदे का है।
एक ही तिमाही में चीन से तेज भारत
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर। दुनिया की दो बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत आगे निकल रहा है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने 19 अक्टूबर को बताया कि जुलाई-सितंबर 2026 में उसकी अर्थव्यवस्था 4.5 फीसदी बढ़ी। अप्रैल-जून में यह बढ़त 4.3 फीसदी थी।
अप्रैल-जून 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी बढ़ी, चीन की 4.3 फीसदी।
भारत के अप्रैल-जून 2026 के आंकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने 31 अगस्त को जारी किए थे। इसी तिमाही में भारत की असल जीडीपी 7.8 फीसदी बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये हो गई। यानी एक ही तिमाही में भारत चीन से 3.5 फीसदी अंक तेज बढ़ा। यह हिसाब ब्लिट्ज ने दोनों देशों के आंकड़ों से निकाला है।
फर्क सिर्फ रफ्तार का नहीं है। भारत में कारखानों, सड़कों और मशीनों पर निवेश इसी तिमाही में 11.9 फीसदी बढ़ा। चीन में जनवरी-सितंबर के दौरान स्थायी संपत्तियों में निवेश 7.2 फीसदी घटा, जबकि उसका निर्यात 16.4 फीसदी बढ़ा। भारत की बढ़त घर में बन रही है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 13 अक्टूबर को 2026-27 में भारत की बढ़त का अनुमान 7 फीसदी कर दिया है। भारत का यह पहला अनुमान है और आगे बदल सकता है। जुलाई-सितंबर के आंकड़े 30 नवंबर को आएंगे।
ब्लिट्ज की सलाह
सांख्यिकी मंत्रालय अपने तिमाही जीडीपी नोट में दुनिया की दस बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की उसी तिमाही की बढ़त की एक तालिका जोड़े। तब तुलना सरकारी आंकड़ों से होगी।
बैंगनी आलू में ज्यादा आयरन
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर। आलू हर रसोई में है। अब वही आलू थाली में ज्यादा आयरन और जिंक भी दे सकता है। शिमला के आईसीएआर-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान ने कुफरी जामुनिया नाम की बैंगनी आलू की किस्म तैयार की है। यह 2024 में जारी हुई और उत्तर भारत के मैदानों के लिए सुझाई गई है। सरकार ने 18 अक्टूबर 2026 को इसका ब्योरा जारी किया।
आईसीएआर की नई किस्म कुफरी जामुनिया आम आलू से कहीं ज्यादा पोषण देती है।

100 ग्राम कुफरी जामुनिया में 3.22 मिलीग्राम आयरन है, जबकि आम पीले आलू में 0.57 मिलीग्राम। जिंक 2.28 मिलीग्राम है, आम आलू में 0.28। विटामिन सी 42.75 मिलीग्राम है, आम आलू में 23.15। यानी करीब 5.6 गुना आयरन, 8 गुना जिंक और 1.8 गुना विटामिन सी। यह हिसाब ब्लिट्ज ने सरकारी तालिका से निकाला है।
किसान के लिए भी यह किस्म कमजोर नहीं है। सही तरीके से खेती करने पर एक हेक्टेयर में 32 से 35 टन पैदावार होती है। एक पौधे में 10 से 12 कंद लगते हैं और भंडारण में नुकसान कम होता है। इसका रंग एंथोसायनिन से आता है, जो जामुन जैसे फलों में भी होता है।
अभी यह नहीं बताया गया कि कितना बीज उपलब्ध है और कितने रकबे में यह बोई जा रही है।
ब्लिट्ज की सलाह
आईसीएआर-सीपीआरआई बताए कि रबी सीजन के लिए कुफरी जामुनिया का कितना बीज मिलेगा और किसान उसे कहां से खरीदें। तब यह किस्म रिपोर्ट से निकलकर खेत तक पहुंचेगी।
मालदीव से मुद्रा अदला-बदली आगे बढ़ी
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर। भारत मालदीव के साथ 3,000 करोड़ रुपये की मुद्रा अदला-बदली (करेंसी स्वैप) को 23 अक्टूबर 2026 से आगे बढ़ाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 अक्टूबर की ब्रीफिंग में बताया कि यह मालदीव सरकार के कहने पर किया जा रहा है। अक्टूबर 2024 के समझौते के तहत यह पहली बार आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रवक्ता के मुताबिक इससे मालदीव की आर्थिक स्थिरता मजबूत होगी। रुपये में होने वाली इस व्यवस्था से पड़ोसी देश डॉलर खर्च किए बिना जरूरी भुगतान कर सकता है।
ब्लिट्ज की सलाह
रिजर्व बैंक हर साल बताए कि इस सुविधा का कितना इस्तेमाल हुआ। तब पड़ोस में रुपये की बढ़ती भूमिका आंकड़ों में दिखेगी।
नगालैंड बढ़ा, खजाना तंग
कोहिमा, 19 अक्टूबर। नगालैंड की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, पर सरकारी खजाने की आमदनी उतनी नहीं बढ़ी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2026 की रिपोर्ट नंबर 2 यही बताती है। यह 2024-25 के राज्य वित्त पर है और कैग ने इसे 3 सितंबर 2026 को पेश हुई बताया है।
कैग की 2024-25 की राज्य वित्त रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था 9.39 फीसदी बढ़ी, पर सरकार की कुल आमदनी घटी।
कैग के मुताबिक राज्य की जीडीपी 9.39 फीसदी बढ़ी। जीएसटी समेत टैक्स की वसूली बढ़ी और केंद्रीय टैक्स में हिस्सा भी बढ़ा। फिर भी कुल आमदनी 0.42 फीसदी घटी, क्योंकि केंद्र से मिलने वाला अनुदान कम हुआ। दूसरी तरफ रोजमर्रा का खर्च 3.47 फीसदी बढ़ा।
बजट में गुंजाइश कम है। वेतन, पेंशन, ब्याज और सब्सिडी जैसे पहले से तय खर्च रोजमर्रा के खर्च का 75.01 फीसदी ले गए। कैग ने बताया कि 2022-23 से राजकोषीय घाटा तय सीमा से ऊपर है और पूंजीगत खर्च बजट से कम रहा। रिपोर्ट में 79 अनुदानों में बचत या ज्यादा खर्च और सरकारी खाते से बाहर रखे एक कोष का भी जिक्र है।
अच्छी बात भी इसी रिपोर्ट में है। 9 फीसदी से ज्यादा बढ़ती अर्थव्यवस्था का मतलब है बढ़ता टैक्स आधार। राज्य की अपनी आमदनी में जो सुधार कैग ने दर्ज किया है, वहीं से विकास के काम के लिए पैसा निकलेगा।
ब्लिट्ज की सलाह
नगालैंड का वित्त विभाग हर कोष को सरकारी खाते में लाए और घाटे को सीमा में लाने की तीन साल की योजना जारी करे।














