कैलिफोर्निया। गूगल अब अपनी एआई तकनीक को धरती के बाद अंतरिक्ष में ले जाने की तैयारी में है। कंपनी ने एलान किया है कि वह अगले हफ्ते अंतरिक्ष में अपनी एआई चिप का पहला परीक्षण पृथ्वी की निचली कक्षा में करने जा रही है। इस अनुसंधान मिशन को ‘प्रोजेक्ट सनकैचर’ नाम दिया गया है।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या भविष्य में अंतरिक्ष को एआई कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। अगर यह सफल रहता है तो भविष्य में एआई के डाटा और बिजली की जरूरत अंतरिक्ष से पूरी हो सकती है। गूगल ने पिछले साल नवंबर में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी।
क्या है प्रोजेक्ट सनकैचर ?
प्रोजेक्ट सनकैचर गूगल का लंबी अवधि वाला रिसर्च प्रोजेक्ट है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि क्या भविष्य में अंतरिक्ष में बड़े पैमाने पर मशीन लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा सकता है। पृथ्वी की निचली कक्षा में सैटेलाइट को लगातार सूरज की रोशनी मिलती है, जिससे पृथ्वी की तुलना में आठ गुना अधिक सोलर पावर पैदा हो सकती है।
एआई से जुड़ा काम करने के लिए भारी मात्रा में बिजली और संसाधनों की जरूरत होती है। इस प्रोजेक्ट का मकसद सूरज की रोशनी का इस्तेमाल करके एआई कंप्यूटिंग सिस्टम को चलाना और बिजली सप्लाई की दिक्क तों से बचाना है।













