• Latest
  • Trending
रूस ने UN सुरक्षा परिषद में भारत का किया समर्थन

स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर रूस फिर भारत के साथ

October 5, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
Wednesday, November 4, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर रूस फिर भारत के साथ

जर्मनी-जापान का विरोध, भारत 8 बार अस्थायी सदस्य रह चुका

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 5, 2026
in अन्तरराष्ट्रीय
0
रूस ने UN सुरक्षा परिषद में भारत का किया समर्थन

न्यूयॉर्क। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए। हम ब्राजील और भारत की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं।

लावरोव ने सुरक्षा परिषद में पश्चिमी देशों की अतिरिक्त सीटों का विरोध किया। उन्होंने खासतौर पर जर्मनी और जापान का नाम लेते हुए उन पर ‘सैन्यवाद और बदले की भावना की ओर बढ़ने का आरोप लगाया।

YOU MAY ALSO LIKE

हमें उपदेश न दे पाकिस्तान: भारत

अफगान बॉर्डर बंद कर पाकिस्तान ने अपने ही पांव पर मारी कुल्हाड़ी

लावरोव ने साथ ही कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के दौरान मौजूदा स्थायी सदस्यों के अधिकारों और शक्तियों में कमी नहीं होनी चाहिए।

भारत की स्थायी सदस्यता की मांग 1990 से जारी
भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग 1990 के दशक से उठती रही है। 2008 से यूएन में सुरक्षा परिषद सुधार पर औपचारिक बातचीत शुरू हुई। 2010 में भारत ने ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ जी4 समूह बनाकर स्थायी सीट की मांग आगे बढ़ाई। 2026 में भी सुधार को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन सदस्य देशों के बीच सुरक्षा परिषद के नए ढांचे पर सहमति नहीं बनी है।

वीटो राइट सिर्फ 5 को
सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य हैं। इनमें 5 स्थायी सदस्य- अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन हैं। इन सबको वीटो पावर हासिल है। इसके अलावा 10 गैर-स्थायी सदस्य होते हैं, जिन्हें 2 साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है।

सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बढ़ाने के लिए यूएन चार्टर में बदलाव करना होगा। इसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत और दो-तिहाई सदस्य देशों की औपचारिक मंजूरी जरूरी है। इसमें सभी पांच मौजूदा स्थायी सदस्यों की मंजूरी भी आवश्यक है।

75 देशों ने नेतन्याहू का बायकॉट किया
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया। जैसे ही वो मंच पर आए तो 75 देशों के प्रतिनिधियों ने हूटिंग करके उनका विरोध किया, फिर बाहर चले गए। इस घटनाक्रम के बाद नेतन्याहू करीब 3 मिनट तक चुपचाप खड़े रहे।

स्थायी सदस्यता को लेकर 4 मुश्किलें

1. चीन का विरोधी रुख
भारत की स्थायी सदस्यता पर चीन का रुख सबसे महत्वपूर्ण अड़चनों में से एक माना जाता है। चीन के भारत के साथ क्षेत्रीय व रणनीतिक मतभेद भी हैं। उसने स्थायी सदस्यता को लेकर भारत का कभी भी समर्थन नही किया है।

2. जी4 के खिलाफ दूसरे देशों की आपत्ति
भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील स्थायी सीटों के विस्तार का समर्थन करते हैं लेकिन यूनाइटिंग फार कंसेंसस (यूएफसी) जैसे समूह का एक प्रस्ताव है कि सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों के बजाय गैर-स्थायी सीटें बढ़ाई जाएं।

3. अफ्रीकी देशों की सीटों पर सहमति
अफ्रीकी देशों की मांग भी सुरक्षा परिषद सुधार का बड़ा हिस्सा है। कितनी सीटें होंगी और उनका स्वरूप क्या होगा, इस पर भी बातचीत जारी है। अभी तक सर्वसम्मति नहीं बन सकी है।

4. वीटो का सवाल
नए स्थायी सदस्यों को वीटो पावर मिलेगी या नहीं, यह सबसे जटिल मुद्दों में से एक है। मौजूदा पांच स्थायी सदस्य अपने अधिकारों को बनाए रखने पर जोर देते हैं। जी4 स्थायी सदस्यता के वास्तविक अधिकारों की बात करता है, जिसमें वीटो राइट्स भी शामिल हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation