नई दिल्ली। देश की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) के लिए अच्छी खबर आई है। केरलम सरकार ने कंपनी के प्रस्तावित शिप ब्लॉक बिल्डिंग प्रोजेक्ट के लिए 18.16 एकड़ जमीन लीज पर देने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹5,000 करोड़ का निवेश होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
कोचीन शिपयार्ड का शेयर विगत दिवस 2.2% की तेजी के साथ 1,491 रुपये के भाव पर बंद हुआ। शेयर का 52-वीक हाई 1,979 रुपये और 52-वीक लो 1,186 रुपये है।
2,000 लोगों को मिलेगा रोजगार
केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना कोच्चि में विकसित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत कोचीन शिपयार्ड बड़े पैमाने पर शिप ब्लॉक निर्माण की क्षमता विकसित करेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस निवेश से करीब 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। इसके अलावा सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
कोच्चि के पास स्थित द्वीप पर मिलेगी जमीन
सरकार जिस जमीन को लीज पर देने जा रही है, वह कोच्चि शहर के करीब स्थित एक द्वीप पर है। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान माना जा रहा है क्योंकि यहां से समुद्री गतिविधियों और शिपबिल्डिंग ऑपरेशंस को बेहतर तरीके से चलाया जा सकेगा। सरकार और कोचीन शिपयार्ड के बीच कई दौर की चर्चा के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह मामला काफी समय से लंबित था, जिसे अब कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।
सरकार को मिलेगी रेगुलर कमाई
खबर के मुताबिक, इस जमीन के बदले कोचीन शिपयार्ड सरकार को हर साल ₹1.45 करोड़ का लीज रेंट देगा। जीएसटी समेत यह राशि करीब ₹1.70 करोड़ सालाना होगी। हालांकि इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा केवल लीज आय नहीं, बल्कि राज्य में आने वाला ₹5,000 करोड़ का निवेश और उससे पैदा होने वाली आर्थिक गतिविधियां मानी जा रही हैं।
शिपबिल्डिंग सेक्टर को मिलेगा नया बूस्ट
भारत सरकार समुद्री क्षेत्र, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और जहाज निर्माण उद्योग को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रही है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड का यह विस्तार प्रोजेक्ट देश के शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम को और मजबूत कर सकता है।
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से कोच्चि एक महत्वपूर्ण शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा। साथ ही भविष्य में इस क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित होने की संभावना भी बढ़ेगी।













