नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान देश की पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है, की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में सीमा निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने पर चर्चा हुई।
अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में केंद्रीय सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस व प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
सिलीगुड़ी दौरे के तीसरे और आखिरी दिन शहर के बाहरी इलाके सुकना में यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि सिलीगुड़ी नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब है। साथ ही यह संकरा कॉरिडोर पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख जमीनी संपर्क है।
अमित शाह ने क्या कहा
बैठक से पूर्व अमित शाह ने सिलीगुड़ी में एसएसबी के एक कार्यक्रम में कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर आठ राज्यों को जोड़ने वाले सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ‘चिकन नेक’ क्षेत्र के आसपास तीन नए सैन्य ठिकानों वाला एक त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है। ये सैन्य ठिकाने असम के धुबरी, बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में होंगे।













