भोपाल। जो महिलाएं पहली बार ड्रोन देखकर डर गईं ं, वही अब ड्रोन से खेतों में उर्वरक छिड़ककर 12 लाख रुपये तक कमा रही हैं। मांग इतनी है कि कुछ जगह किसान 10 दिनों तक प्रतीक्षा में रहते हैं। एप से बुकिंग हो रही है। अभी प्रदेश में उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के सीएसआर फंड से दीदियों को 89 ड्रोन दिए गए थे। सभी चल रहे हैं।
-700 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बनाई जाएगी ड्रोन दीदी बटालियन
मांग बढ़ने पर राज्य आजीविका मिशन ड्रोन दीदी बटालियन बनाने जा रहा है। इसमें 700 से अधिक महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत ड्रोन उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।
15 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण और कीटनाशकों का छिड़काव
केंद्र की ओर से विभिन्न राज्यों को वर्ष 2023-24 में 1094 ड्रोन निशुल्क दिए गए थे, जिनमें मध्य प्रदेश में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को 89 ड्रोन मिले थे। इन महिलाओं को ड्रोन पायलट का 15 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया था। साथ ही परिवार के एक व्यक्ति को पांच दिन का प्रशिक्षण दिया गया है। योजना से सर्वाधिक आय अर्जित करने वाली चार महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ड्रोन में कोई खराबी नहीं आई है, पर बैटरी पुरानी होने से उनका बैकअप कम हो गया है। उनका कहना है कि एक एकड़ में उर्वरकों का छिड़काव करने में पांच से 15 मिनट तक लगते हैं। इनसे नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का छिड़काव किया जा रहा है। कुछ किसान कीटनाशकों का छिड़काव भी करा रहे हैं।
ड्रोन भी उपलब्ध करवाएंगे
हम 700 से अधिक दीदियों को प्रशिक्षण देकर ड्रोन दीदी बटालियन तैयार कर रहे हैं। योजना के अंतर्गत उन्हें ड्रोन भी उपलब्ध कराएंगे। पहले चरण में 89 महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराए गए थे जो सफलतापूर्वक चल रहे हैं।
-विनय निगम, सीईओ, मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन।’
नौ लाख की आय
ड्रोन देखकर पहले तो डर लगा था, लेकिन अब तक 4,500 एकड़ में फसल पर छिड़काव कर चुके हैं। प्रति एकड़ 400 रुपये लेते हैं। अभी तक नौ लाख रुपये की आय हो चुकी है। ड्रोन के साथ एक इलेक्ट्रिक वाहन भी मिला था, जिससे ड्रोन और अन्य सामान लाने-ले जाने में सुविधा हो गई है।
-कविता चौहान, ड्रोन दीदी, हरसूद।













