ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के 330 एडेड डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली 2107 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले एक उच्च स्तरीय समिति समकक्ष अर्हता का स्पष्ट निर्धारण करेगी।
उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे गए सभी विषयों और उपाधियों की शैक्षणिक व विशेष अर्हता की समकक्षता को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद योग्यता को लेकर होने वाले कानूनी विवादों और मुकदमों पर ब्रेक लगेगा।
बद्री नाथ सिंह की अध्यक्षता में बनी 5 सदस्यीय समिति
शासन में उच्च शिक्षा अनुभाग के उपसचिव संजय कुमार द्विवेदी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है।
समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह आगामी 15 दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट संस्तुतियों सहित पूरा प्रस्ताव प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को सौंपेगी।
कौन-कौन हैं समिति के सदस्य ?
गठित समिति में प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों को शामिल किया गया है:
अध्यक्षः बद्री नाथ सिंह (विशेष सचिव)
सदस्य सचिवः उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा नामित अधिकारी
सदस्यः शकील अहमद सिद्दीकी (संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग)
सदस्यः उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव द्वारा नामित अधिकारी
सदस्यः लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा नामित अधिकारी
गौरतलब है कि कार्मिक विभाग ने 7 अक्तूबर 2021 को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के मुताबिक, जहां भी सेवा या भर्ती नियमों में निर्धारित अर्हता के साथ ‘समकक्ष अर्हता’ शब्द का उल्लेख हो, वहां चयन प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही समकक्षता को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया जाए। इसके बाद ही पदों का अधियाचन चयन एजेंसियों को भेजा जाना चाहिए।
कार्मिक विभाग ने लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और विभिन्न भर्ती बोर्डों से भी यह अपेक्षा की थी कि वे पद विज्ञापित करने से पहले विज्ञापन में ही समकक्ष अर्हता का स्पष्ट उल्लेख करें। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों का विज्ञापन जारी करने से पहले शासन से समकक्षता स्पष्ट करने का अनुरोध किया था।














