ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने पूर्व अग्निवीरों को राहत देते हुए दिल्ली सरकार के 2 प्रमुख विभागों में सीधी भर्ती के दौरान 20% आरक्षण देने का फैसला मंजूर कर लिया है। यह निर्णय भारत सरकार की तरफ से पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बनाई गई नीति के तहत लिया गया है।
दिल्ली गृह विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इस फैसले से न केवल युवाओं को सेना से आने के बाद दिल्ली में स्थायी सरकारी नौकरी मिलेगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में उम्र सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में भी विशेष छूट मिलेगी। संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत उपराज्यपाल ने भर्ती नियमों में यह प्रावधान दिया है।
संबंधित विभाग तय करेंगे छूट
पूर्व अग्निवीरों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में कितनी छूट दी जाए, इसका फैसला संबंधित विभाग खुद तय करेंगे। अगर किसी भर्ती में योग्य अग्निवीर पर्याप्त संख्या में नहीं मिलते हैं तो भारत सरकार की हॉरिजॉन्टल आरक्षण गाइडलाइंस के अनुसार उन सीटों को भरा जाएगा।
सीएपीएफ में खास रियायत
पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ्स) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जीडी) और राइफलमैन (जीडी) के पदों पर 50% आरक्षण देने की घोषणा की थी।
इसके साथ ही कई राज्य सरकारों जैसे हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में भी अग्निवीरों के लिए विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट की घोषणा की है। गृह मंत्रालय के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (पीएसटी), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी।
पूर्व अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने एक्स-अग्निवीर विंग की भी स्थापना की है। यह विंग विभिन्न सुरक्षा बलों में उनकी नियुक्ति और अन्य अवसरों के लिए को ऑर्डिनेशन का काम करेगा।














