ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक नया आदेश जारी करते हुए चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और बाकी केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, लद्दाख, दादरा-नगर हवेली और दमण-दीव) के लेफ्टिनेंट गवर्नर (एल-जी) या प्रशासक को विशेष अधिकार दिए हैं। ये अधिकार नागरिक उड्डयन की सुरक्षा के विरुद्ध अवैध कृत्यों के दमन अधिनियम, 1982 से जुड़े हैं। इस कानून का मकसद हवाई यात्रा की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अपराधों से निपटना है।
चूंकि केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य राज्य सरकार नहीं होती, इसलिए राष्ट्रपति ने आदेश दिया है कि वहां के एलजी या प्रशासक ही राज्य सरकार की तरह काम करेंगे। वे कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों का प्रयोग करेंगे, लेकिन यह सब राष्ट्रपति के नियंत्रण और संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से होगा।
गृह मंत्रालय ने 25 जून को जारी अधिसूचना में कहा कि राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 239(1) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त आदेश जारी किये हैं। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।













