• Latest
  • Trending
10th pass woman changed the situation with her skills

10वीं पास महिला ने हुनर से बदले हालात

February 15, 2025
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
तेजस एमके-2 समय सीमा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

September 7, 2026
पीएम बोले- युवाओं ने देश का मान बढ़ाया

विकसित भारत के लिए युवाओं का नशामुक्त होना जरूरी

September 7, 2026
आईसीएमआर तकनीक हस्तांतरण

आईसीएमआर की तीन जांच तकनीकें उद्योग के लिए होंगी हस्तांतरित

September 7, 2026
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026

सीएम योगी ने चला ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक

September 7, 2026
यूपी 50 हजार छात्राओं को स्कूटी

योगी सरकार का तोहफा, 50 हजार छात्राओं को देगी स्कूटी

September 7, 2026
दिल्ली चिड़ियाघर प्रवेश क्षेत्र पुनर्विकास

आधुनिक होगा दिल्ली चिड़ियाघर

September 7, 2026
हिमाचल स्कूल एडमिशन जाति कॉलम

हिमाचल में अगले सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म में नहीं होगा जाति का कॉलम

September 7, 2026
ठाणे-पालघर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम तेज, 135 किमी एलिवेटेड सेक्शन निर्माणाधीन

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन के काम ने पकड़ी रफ्तार

September 7, 2026
Thursday, September 10, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

10वीं पास महिला ने हुनर से बदले हालात

खेती से नहीं हो रहा था गुजारा, अब लाखों में हो रही कमाई

by ब्लिट्ज़ इंडिया
February 15, 2025
in the blitz
0
10th pass woman changed the situation with her skills
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। काफी लोग खेती में अच्छी कमाई कर रहे हैं, लेकिन इसमें सफलता हर किसी को नहीं मिलती। ऐसा ही कुछ हो रहा था पश्चिम बंगाल में रहने वाली दीपाली मुरा के साथ। कड़ी मेहनत के बाद भी खेती से उतनी कमाई नहीं हो रही थी कि परिवार का गुजारा हो सके लेकिन उन्होंने हुनर सीखा और फिर सबकुछ बदल गया। आज वह सबई घास के बने प्रोडक्ट बेचकर लाखों रुपये सालाना कमा रही हैं।

दीपाली ने साल 2009 में 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 17 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई। दीपाली आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। ससुराल में उनके परिवार की आय का जरिया सिर्फ खेती था। काफी मेहनत के बाद भी वह खेती से पर्याप्त कमाई नहीं कर पा रही थीं। दीपाली और उनके पति अपनी एक बीघा जमीन पर सबई घास उगाते थे। इस घास की वे रस्सियां बनाकर बेचते थे। इससे उन्हें महीने के दो हजार रुपये भी नहीं मिलते थे।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

क्या है सबई घास
सबई घास एक गुच्छेदार घास है। इसकी खेती पूरे साल होती है। इसे प्राकृतिक फाइबर भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल रस्सी बनाने में होता है। इसकी बनी रस्सी काफी सॉफ्ट होती है। इसे बबुई घास भी कहा जाता है। इसकी रस्सी बनाने के बाद उसे किसी रंग में रंग सकते हैं। इसका इस्तेमाल रस्सी बनाने के अलावा कागज, डिस्पोजल बर्तन, चटाई आदि बनाने में भी होता है।

समय के साथ बदल दी चीजें
करीब 10 साल पहले दीपाली को दूसरा बच्चा हुआ। उस समय भी उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इसके बाद दीपाली ने कुछ अलग करने के बारे में सोचा।

– 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी दिया
दीपाली ने साल 2013 में ग्रामीण शिल्प और सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजिक एक वर्कशॉप में हिस्सा लिया। इसका मुख्य रूप से आयोजन यूनेस्को की ओर से किया गया था। इस वर्कशॉप में महिलाओं को सबई घास से घर की सजावट में काम आने वाली चीजों को बनाने की ट्रेनिंग दी गई।

5,000 रुपये का किया निवेश
ट्रेनिंग के बाद दीपाली ने 5,000 रुपये का निवेश किया। उन्होंने इस रकम से रंग, घास और दूसरी चीजें खरीदीं। इसके बाद उन्होंने सबई घास से कई तरह की चीजें बनानी शुरू कर दीं। इसमें ज्वेलरी बॉक्स, टोकरियां, डेकोरेटिव आइटम्स आदि शामिल हैं। वह प्रोडक्ट पर अलग-अलग रंगों से तरह-तरह का डिजाइन करती हैं। इसमें फूल, पक्षी, जानवर आदि शामिल होते हैं। साथ ही वह कई तरह के दूसरे डिजाइन भी बनाती हैं। वह बताती हैं कि दीवार पर लटकाने वाली 14 इंच की थाली बनाने में 30 घंटे तक का समय लगता है।

कितनी हो रही कमाई
33 साल की दीपाली सबई घास से बने प्रोडक्ट को न केवल भारत में बल्कि विदेश में भी बेचती हैं। हर साल विभिन्न प्रदर्शनियों में अपने प्रोडक्ट बेचती हैं। वह हर महीने करीब 600 प्रोडक्ट बनाती हैं। इनकी कीमत साइज के डिजाइन के हिसाब से अलग-अलग होती है।

ये प्रोडक्ट बेचकर दीपाली साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा कमा रही हैं। साथ ही वह पश्चिम बंगाल के आदिवासी बहुल इलाके में 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation