• Latest
  • Trending
10th pass woman changed the situation with her skills

10वीं पास महिला ने हुनर से बदले हालात

February 15, 2025
jal-jeevan-mission-jal-suraksha

नल लग गया। अब असली सवाल यह है कि उसमें पानी रोज़ आता है या नहीं, और वह पीने लायक़ है या नहीं

July 29, 2026
solar

छह महीने में 29 गीगावाट: छत पर लगे सोलर ने भारत की हरित रफ़्तार को वह गति दे दी जो 2030 के लक्ष्य के लिए चाहिए थी

July 29, 2026
vikram

एक साल में सात मिशन: इसरो अंतरिक्ष का सबसे मुश्किल काम कर रहा है — लय बनाना

July 29, 2026
store

सेंसेक्स 889 अंक चढ़ा, और नतीजों में एक बड़ी बात: गांव का बाज़ार लगातार दूसरी तिमाही शहर से आगे

July 29, 2026
exam

क़ानून, कार्रवाई और एक टास्क फ़ोर्स: देश अपनी सबसे बड़ी परीक्षाओं का पूरा ढांचा दोबारा खड़ा कर रहा है

July 29, 2026
भारत का भूजल संकट और जल सुरक्षा की चुनौती

ज़मीन के नीचे का पानी: भारत का सबसे ज़रूरी संसाधन वही है जो दिखता नहीं

July 29, 2026
भारत इलेक्ट्रिक वाहन

बारह महीनों में 28 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां: अब यह प्रयोग नहीं, बाज़ार है

July 29, 2026
vikram

सात प्रक्षेपण और एक क्रू मॉड्यूल: इसरो के सामने अपना सबसे व्यस्त साल

July 29, 2026
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस कार्यक्रम ने 21 करोड़ जांच पूरी की

21 करोड़ लोगों की जांच: देश का सबसे कम चर्चित स्वास्थ्य अभियान सबसे बड़े अभियानों में है

July 29, 2026
राष्ट्रमंडल खेल 2026: खेलो इंडिया से मजबूत हुआ भारत

ग्लासगो में 12 पदक, देश में 1,067 केंद्र: अब भारत के पदक अचानक नहीं आते

July 29, 2026
solar

288 गीगावॉट के बाद का सवाल: भारत शाम की बिजली कहां रखेगा

July 27, 2026
vikram

तीन जांचें और पूरी: गगनयान उन पड़ावों से गुज़रा जिनकी तस्वीरें नहीं छपतीं

July 27, 2026
Wednesday, July 29, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

10वीं पास महिला ने हुनर से बदले हालात

खेती से नहीं हो रहा था गुजारा, अब लाखों में हो रही कमाई

by ब्लिट्ज़ इंडिया
February 15, 2025
in the blitz
0
10th pass woman changed the situation with her skills
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। काफी लोग खेती में अच्छी कमाई कर रहे हैं, लेकिन इसमें सफलता हर किसी को नहीं मिलती। ऐसा ही कुछ हो रहा था पश्चिम बंगाल में रहने वाली दीपाली मुरा के साथ। कड़ी मेहनत के बाद भी खेती से उतनी कमाई नहीं हो रही थी कि परिवार का गुजारा हो सके लेकिन उन्होंने हुनर सीखा और फिर सबकुछ बदल गया। आज वह सबई घास के बने प्रोडक्ट बेचकर लाखों रुपये सालाना कमा रही हैं।

दीपाली ने साल 2009 में 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 17 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई। दीपाली आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। ससुराल में उनके परिवार की आय का जरिया सिर्फ खेती था। काफी मेहनत के बाद भी वह खेती से पर्याप्त कमाई नहीं कर पा रही थीं। दीपाली और उनके पति अपनी एक बीघा जमीन पर सबई घास उगाते थे। इस घास की वे रस्सियां बनाकर बेचते थे। इससे उन्हें महीने के दो हजार रुपये भी नहीं मिलते थे।

YOU MAY ALSO LIKE

नल लग गया। अब असली सवाल यह है कि उसमें पानी रोज़ आता है या नहीं, और वह पीने लायक़ है या नहीं

छह महीने में 29 गीगावाट: छत पर लगे सोलर ने भारत की हरित रफ़्तार को वह गति दे दी जो 2030 के लक्ष्य के लिए चाहिए थी

क्या है सबई घास
सबई घास एक गुच्छेदार घास है। इसकी खेती पूरे साल होती है। इसे प्राकृतिक फाइबर भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल रस्सी बनाने में होता है। इसकी बनी रस्सी काफी सॉफ्ट होती है। इसे बबुई घास भी कहा जाता है। इसकी रस्सी बनाने के बाद उसे किसी रंग में रंग सकते हैं। इसका इस्तेमाल रस्सी बनाने के अलावा कागज, डिस्पोजल बर्तन, चटाई आदि बनाने में भी होता है।

समय के साथ बदल दी चीजें
करीब 10 साल पहले दीपाली को दूसरा बच्चा हुआ। उस समय भी उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इसके बाद दीपाली ने कुछ अलग करने के बारे में सोचा।

– 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी दिया
दीपाली ने साल 2013 में ग्रामीण शिल्प और सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजिक एक वर्कशॉप में हिस्सा लिया। इसका मुख्य रूप से आयोजन यूनेस्को की ओर से किया गया था। इस वर्कशॉप में महिलाओं को सबई घास से घर की सजावट में काम आने वाली चीजों को बनाने की ट्रेनिंग दी गई।

5,000 रुपये का किया निवेश
ट्रेनिंग के बाद दीपाली ने 5,000 रुपये का निवेश किया। उन्होंने इस रकम से रंग, घास और दूसरी चीजें खरीदीं। इसके बाद उन्होंने सबई घास से कई तरह की चीजें बनानी शुरू कर दीं। इसमें ज्वेलरी बॉक्स, टोकरियां, डेकोरेटिव आइटम्स आदि शामिल हैं। वह प्रोडक्ट पर अलग-अलग रंगों से तरह-तरह का डिजाइन करती हैं। इसमें फूल, पक्षी, जानवर आदि शामिल होते हैं। साथ ही वह कई तरह के दूसरे डिजाइन भी बनाती हैं। वह बताती हैं कि दीवार पर लटकाने वाली 14 इंच की थाली बनाने में 30 घंटे तक का समय लगता है।

कितनी हो रही कमाई
33 साल की दीपाली सबई घास से बने प्रोडक्ट को न केवल भारत में बल्कि विदेश में भी बेचती हैं। हर साल विभिन्न प्रदर्शनियों में अपने प्रोडक्ट बेचती हैं। वह हर महीने करीब 600 प्रोडक्ट बनाती हैं। इनकी कीमत साइज के डिजाइन के हिसाब से अलग-अलग होती है।

ये प्रोडक्ट बेचकर दीपाली साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा कमा रही हैं। साथ ही वह पश्चिम बंगाल के आदिवासी बहुल इलाके में 50 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation