• Latest
  • Trending
चुनाव, चुनौतियां, रणनीति और रोड शो

चुनाव, चुनौतियां, रणनीति और रोड शो

January 20, 2023
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Wednesday, September 16, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

चुनाव, चुनौतियां, रणनीति और रोड शो

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 20, 2023
in दृष्टिकोण
0
चुनाव, चुनौतियां, रणनीति और रोड शो

इस वर्ष नौ राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं। अगर इनमें जम्मू-कश्मीर को भी शामिल कर लिया जाए तो 10 राज्यों के चुनाव और 2024 में लोकसभा के चुनाव भी प्रस्तावित हैं।

देश में सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ही एक ऐसी राजनीतिक पार्टी कही जा सकती है जो हमेशा खुद को चुनावी मोड में रखती है। प्राय: भारत में किसी न किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होते ही रहते हैं। ऐसे में भाजपा ही एक ऐसा राजनीतिक दल नजर आता है जो सांगठनिक स्तर पर चुनाव की दृष्टि से सदैव ‘एवर रेडी’ दिखाई पड़ता है। यही कारण है कि पिछले साल सात राज्यों में चुनाव हुए और इनमें से पांच पर भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई। गुजरात और उत्तर प्रदेश में भाजपा ने जोरदार जीत हासिल की। यह बात दीगर है कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली एमसीडी के परिणामों से भाजपा को निराशा भी हाथ लगी पर उसका प्रदर्शन इन राज्यों, खासकर हिमाचल में सत्ता वापसी से थोड़ा ही दूर रहा। राष्ट्रीय राजनीति की बात की जाए तो दिल्ली में लोकसभा की सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में भाजपा की स्थिति और दृढ़ करने में पीएम मोदी का रोड शो निश्चित रूप से उल्लेखनीय कारक साबित होगा। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल में भी नई स्फूर्ति का संचार होगा। बहुत दिनों से पीएम मोदी का इस तरह का कोई भी कार्यक्रम दिल्ली में नहीं हुआ था। इस रोड शो के जरिए देश व दिल्ली की जनता को भी संदेश दिया गया है कि वह अभी भी सबके साथ हैं। इस बार दिल्ली एमसीडी के चुनाव में भी पीएम मोदी न कोई रैली अथवा न ही कोई रोड शो किया था।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत का बढ़ा रुतबा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा एक राजनीतिक आंदोलन बन चुकी है। अब यह सामाजिक आंदोलन भी बनेगी।

हाल के दिल्ली रोड शो के जरिए एक बार फिर से लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। इस रोड शो पर अलग-अलग तरह के विपक्ष के बयान से भी लोगों में चर्चा का माहौल गरम है। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों को भी नए सिरे से जुटने का संदेश इस रोड शो के जरिए भाजपा की ओर से दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समापन सत्र में कहा कि लोकसभा चुनाव में सिर्फ 400 दिन बचे हैं। ऐसे में पार्टी के सभी सदस्य चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह संदेश भी दिया कि आप सभी अल्पसंख्यक समुदाय के बोहरा, पसमांदा और सिखों समेत समाज के सभी वर्गों तक जाएं। चुनावी रणनीति के तहत ही पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा एक राजनीतिक आंदोलन बन चुकी है। अब यह सामाजिक आंदोलन भी बनेगी। हमें लोगों से हर दिन मिलना है। जैसे एक दिन यूनिवर्सिटी, एक दिन चर्च, एक दिन अन्य जगह जाकर लोगों से मिलें। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भाजपा नेताओं को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के बारे में गलत बयानबाजी न करें। कई नेताओं के बयान अमर्यादित होते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए।

वैसे भाजपा ने राजधानी दिल्ली में संपन्न हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में जिस तरह का जोश, उत्साह और आत्मविश्वास दिखाया, उसे स्वाभाविक ही कहा जा सकता है। पार्टी की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब 2024 के लोकसभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं हैं, बल्कि उससे पहले नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इनमें से पांच राज्यों में भाजपा या तो अकेली या सहयोगी दलों के साथ सत्ता में है। विधानसभा चुनावों का जो हालिया राउंड हुआ, उसमें कोई दो राय नहीं कि गुजरात में पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की जिसका रिकॉर्ड किसी भी अन्य राजनीतिक दल के लिए भविष्य में तोड़ पाना आसान नहीं होगा लेकिन हिमाचल प्रदेश में एक फीसदी की जो कसर रह गई, उसने विपक्ष (कांग्रेस) के पस्त हो जाने और भाजपा के अपराजेय होने का वह नैरेटिव नहीं बनने दिया, जिसकी भाजपा समर्थक उम्मीद कर रहे थे। ऐसे में अब और जरूरी हो गया है कि उस कसर की भरपाई पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं के जोश और उनके मनोबल को कई गुना बढ़ाकर करे। आश्चर्य नहीं कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि 2023-24 में पार्टी एक भी चुनाव में पराजित नहीं हो। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में यह भी कहा कि हमें सक्रिय रहना है और आत्ममुग्ध नहीं होना है। कोई यह नहीं समझें कि मोदी आएगा और जीत दिला देगा। हमें इस मानसिकता से बाहर निकलना होगा। प्रधानमंत्री ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पिछली बार हम अति आत्मविश्वास के कारण हार गए थे। इस बार हमें इससे बचना होगा।

पार्टी संगठन को मजबूती देने का मोर्चा ऐसा है, जिस पर भाजपा ने निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस बार भी पार्टी अध्यक्ष नड्डा की यह घोषणा विशेष महत्व रखती है कि भाजपा ने 72,000 कमजोर पाए गए बूथों को मजबूत बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए लक्ष्य से आगे बढ़कर 1.30 लाख बूथों तक अपनी पहुंच बनाई। इसी के साथ वर्तमान पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता को जून 2024 तक का विस्तार देने का फैसला भी उचित ही कहा जा सकता है क्योंकि जो चुनावी चुनौतियां पार्टी के सामने हैं, उनको ध्यान में रखते हुए वर्तमान परिदृश्य में निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता पार्टी के समक्ष सबसे अधिक जरूरी है। भले ही विपक्षी दल भाजपा अध्यक्ष का चुनाव न हो पाने की जो भी व्याख्या करें।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation