• Latest
  • Trending

नोएडा में अब कचरे से बनेंगे जल, ऊर्जा और खाद

October 11, 2025
बातचीत से सुलझाएं विवाद : पीएम मोदी

उज्बेकिस्तान-भारत के बीच यूरेनियम समेत हुए 11 समझौते

September 6, 2026
मोदी-जापारीव बैठक किर्गिस्तान 2026

भारत और किर्गिस्तान बढ़ाएंगे आर्थिक सहयोग

September 6, 2026
मोदी-पुतिन द्विपक्षीय बैठक 2026

मोदी ने पुतिन से कहा, इस युद्ध का अंत हो

September 6, 2026
बातचीत से सुलझाएं विवाद : पीएम मोदी

बातचीत से सुलझाएं विवाद : पीएम मोदी

September 6, 2026
सिविल जज भर्ती 1 साल वकालत

अब एक साल वकालत कर बन सकेंगे जज

September 6, 2026
kerla-high-court

हाई कोर्ट में 10वीं पास को मिलेगी ₹52000 तक मंथली सैलरी

September 6, 2026
3 लाख छात्रों को साइबर एक्सपर्ट बनाएगा आईआईटी

3 लाख छात्रों को साइबर एक्सपर्ट बनाएगा आईआईटी

September 6, 2026
शिक्षक

अतिथि शिक्षकों के लिए खुशखबरी अब बन सकेंगे प्रधानाचार्य

September 6, 2026
लवकुश प्रसाद ISRO साइंटिस्ट

इसरो में साइंटिस्ट बन राज्य का नाम रोशन किया लवकुश ने

September 6, 2026
आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा UPSC सफलता

यूपीएससी के लिए छोड़ी 48 लाख की नौकरी

September 6, 2026
विदेश में पीएचडी सबसे ज्यादा स्टाइपेंड

पीएचडी करने के लिए सालाना ₹1 करोड़ स्टाइपेंड

September 6, 2026
पुणे आयकर विभाग स्पोर्ट्स कोटा भर्ती 2026

खिलाड़ियों के लिए आयकर विभाग में भर्ती, ₹81000 तक सैलरी

September 6, 2026
Sunday, September 6, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

नोएडा में अब कचरे से बनेंगे जल, ऊर्जा और खाद

एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र स्थापित करने की तैयारी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 11, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

उज्बेकिस्तान-भारत के बीच यूरेनियम समेत हुए 11 समझौते

भारत और किर्गिस्तान बढ़ाएंगे आर्थिक सहयोग

ब्लिट्ज ब्यूरो

नोएडा। उत्तर प्रदेश की नोएडा अथॉरिटी वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण के लिए अपना पहला एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र स्थापित करेगी। इस संयंत्र की शुरुआती क्षमता 300 टीपीडी होगी, जिसे आगे चलकर 500 टीपीडी तक बढ़ाया जाएगा। यहां कचरे से पानी, बिजली और जैविक खाद (कंपोस्ट) तैयार की जाएगी।
नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में चेयरमैन दीपक कुमार ने परियोजना को मंजूरी दे दी। संयंत्र शुरू होने पर गीले और सूखे कचरे का निस्तारण एक ही स्थान पर किया जाएगा। यह प्लांट सेक्टर-145 में 19.5 एकड़ भूमि या ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में 16.66 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित केंद्र में लगाया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी 30 एकड़ भूमि 64 करोड़ रुपये में खरीदेगा।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में नोएडा से प्रतिदिन लगभग 1200 मीट्रिक टन कचरा एकत्र होता है, जो भविष्य में 1500 टीपीडी तक बढ़ने की संभावना है। एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड के साथ 600 टीपीडी कचरे के निस्तारण के लिए अनुबंध किया गया है। फिलहाल संयंत्र निर्माण का 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, 40 टीपीडी क्षमता वाले छह विकेंद्रीकृत एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र भी लगाए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 240 टीपीडी होगी।
सीईओ ने दी जानकारी
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम के अनुसार, नोएडा में उत्पन्न कचरे से एक साथ तीन प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। बायोगैस से बिजली, कंपोस्ट और पानी। यह पानी वाहन धुलाई, निर्माण कार्य और सिंचाई जैसे उपयोग में काम आएगा। गोवा में इसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जहां प्लांट में कचरे से जैविक तत्वों को अलग कर बायोगैस में परिवर्तित किया जाता है। यह बायोगैस बिजली उत्पादन में सहायक होती है। रेस्टोरेंट्स से निकलने वाले गीले कचरे को मीथेन युक्त बायोगैस जैसे उपयोगी बायो-प्रोडक्ट में बदला जाता है, जबकि सूखे कचरे से पुनर्चक्रण योग्य सामग्री प्राप्त होती है। इस प्लांट में प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन कचरे का इसी तकनीक से निस्तारण किया जाएगा, जिससे पानी भी उत्पन्न होगा।
इसके साथ ही प्लांट से प्रतिदिन करीब 7 से 8 टन खाद भी तैयार होगी। अधिकारी ने बताया कि इस तकनीक से गीले और सूखे कचरे के निस्तारण के दौरान लिचेट नामक गंदा पानी उत्पन्न होता है, जिसे शोधित कर पुन: उपयोग में लाया जा सकता है। प्राधिकरण इस पानी का इस्तेमाल करेगा और इसके लिए एक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) इंटीग्रेटेड सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के साथ ही स्थापित किया जाएगा, जहां इस लिचेट का शोधन किया जाएगा।
पीपीपी मॉडल पर स्थापित होगा
एक अनुमान के मुताबिक, 100 टन कचरे से रोजाना लगभग 2 टन पानी तैयार किया जा सकता है, जिसका उपयोग वाहन धुलाई, सिंचाई और निर्माण कार्यों में किया जाएगा। अस्तौली या सेक्टर-145 में बनने वाला यह प्लांट पीपीपी मॉडल पर स्थापित होगा, जिसमें कंपनी बिजली, कंपोस्ट और पानी बेचकर खर्च वहन करेगी और संयंत्र का संचालन करेगी। अनुबंध अवधि पूरी होने पर यह प्लांट प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation