नई दिल्ली। ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) योजना के नए चरण को लेकर केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट का काम शुरू कर दिया है। राज्यों के सहयोग 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
केंद्र ने स्पष्ट किया है कि नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के चयन के लिए राज्य प्रस्ताव भेज सकते हैं। जमीन की उपलब्धता, तकनीकी जांच, यात्रियों की संभावना के आधार पर स्थानों का चुनाव किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, राज्यों से भी प्रस्ताव मांग जा रहा है। राज्य जमीन उपलब्ध कराते हैं तो
तकनीकी जांच के बाद देखा जाएगा कि संबंधित जगह से कितने यात्री मिल सकते हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी हवाई पट्टियों को भी एयरपोर्ट के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जो बड़े शहरों में हैं और किसी वीवीआईपी के आवागमन के लिए इनका इस्तेमाल होता है, जबकि इन शहरों से हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या काफी है। पर्वतीय प्रदेशों, पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य आकांक्षी क्षेत्रों में दो सौ हेलीपोर्ट बनाने का भी प्रस्ताव है। हाल ही में लोकसभा में नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू एक सवाल के जवाब में बताया कि योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 10 वर्ष के लिए लागू की गई है।12 हजार 159 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है नए एयरपोर्ट विकसित करने के लिए केंद्र ने दस वर्ष के लिए उड़ान योजना का लक्ष्य तय किया।
वैश्विक संकट व पूंजी की कमी से शुरू नहीं हो पा रहीं नई एयरलाइंस
भारतीय नागरिक उड्डयन बाजार में एकाधिकार और द्वयाधिकार तोड़ने की केंद्र सरकार की योजना फिलहाल आगे बढ़ती नजर नहीं आ रही।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का प्रयास भी किया। ताजा स्थिति यह है कि पिछले कुछ महीनों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 63.6 फीसद से बढ़ कर 67.4 फीसदी हो गई है, जिन कंपनियों की शुरूआत की गई, वो प्रतिस्पर्धी बाजार में ठीक से संचालन भी शुरु नहीं कर पाई हैं।
अभी तक शुरू नहीं हुईं
दिसंबर 2025 में शंख एयर उत्तर प्रदेश से, अल हिंद केरल से और फ्लाईएक्सप्रेस तेलंगाना/हैदराबाद से क्षेत्रीय सेवाएं शुरू करने वाली थीं। जुलाई 2026 तक इनमें से कोई भी कंपनी व्यावसायिक उड़ानें शुरू नहीं कर पाई है। एक कारण पश्चिम एशिया संकट को बताया जा रहा है जिसकी वजह से इन नई कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में लीज पर विमान नहीं मिल पा रहा।
शंख एयर कई बार सेवाएं शुरू करने की योजना आगे बढ़ा चुकी है। अब वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही का लक्ष्य रख रही है। जानकार बता रहें हैं कि नई एयरलाइनों को एटीआर-72 जैसे छोटे जहाज भी लीज पर नहीं मिल पा रहे।














