चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अब नया सचिवालय और विधानसभा परिसर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने विधानसभा में नियम 110 के तहत दिए अपने बयान में नए कॉम्प्लेक्स के निर्माण की घोषणा की। इसके लिए करीब 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है। नए परिसर का बिल्ट-अप एरिया 20 लाख वर्ग फीट होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फोर्ट सेंट जॉर्ज करीब 400 साल से तमिलनाडु सरकार का प्रशासनिक केंद्र रहा है। 1640 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने यहां जमीन खरीदी थी और 1644 में इसका निर्माण पूरा हुआ। आज यह तमिलनाडु सरकार के सचिवालय के तौर पर इस्तेमाल हो रहा है।
करीब 107 एकड़ में फैले फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में तमिलनाडु सरकार के पास सिर्फ करीब चार एकड़ जमीन ही उपलब्ध है। बाकी जमीन रक्षा मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई के नियंत्रण में है। ऐसे में परिसर में नए भवन बनाने या बड़े स्तर पर विस्तार का काम संभव नहीं है।
दो इमारतों से संचालित होता है सचिवालय
फिलहाल सचिवालय दो इमारतों से संचालित होता है। फोर्ट सेंट जॉर्ज की मुख्य इमारत में विधानसभा, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय, मुख्य सचिव का कार्यालय, वित्त विभाग समेत कई अहम विभाग हैं। वहीं 1978 में बनी नमक्क ल कविग्नर मालिगई में 30 से ज्यादा सरकारी विभागों के सचिव और अधिकारी काम करते हैं। इन इमारतों में 6,000 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले 40 वर्षों में सरकारी विभागों और कर्मचारियों की संख्या के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ी हैं लेकिन मौजूदा ढांचे में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, जिसके चलते जगह की कमी हो गई है।
नए सचिवालय परिसर में सभी सरकारी विभागों को एक ही कैंपस में लाया जाएगा। यहां फायर सेफ्टी, दिव्यांगों के लिए सुविधाएं, ग्रीन बिल्डिंग मानक, पर्याप्त पार्किंग, कॉन्फ्रेंस हॉल और पब्लिक सर्विस सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
वहीं फोर्ट सेंट जॉर्ज की विरासत इमारतों को ऐतिहासिक धरोहर के तौर पर संरक्षित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि नया परिसर तमिलनाडु की अगले 100 वर्षों की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।
27,000 करोड़ का एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 27,000 करोड़ रुपये के परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद कर दिया है। किसानों के 1000 दिन लंबे विरोध, पर्यावरणीय चिंताओं और चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत के बीच यह फैसला लिया गया।
सब कुछ लगभग ट्रैक पर था, लेकिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के एक फैसले ने पूरे खेल को बदल दिया। तमिलनाडु सरकार ने विवादित परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद कर दिया। यह फैसला उन हजारों किसानों और ग्रामीणों की बड़ी जीत माना जा रहा है जो तीन साल से ज्यादा समय से अपनी जमीन और जलस्रोत बचाने के लिए 1000 दिनों से आंदोलन कर रहे थे।अब बड़ा सवाल यह है कि परंदूर के बाद चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट का क्या होगा? इस सवाल का जवाब इसलिए भी जरुरी हो जाता है क्योंकि खुद सरकार का मानना है कि चेन्नई को दूसरे एयरपोर्ट की सख्त जरूरत है
क्या थी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आधिकारिक तौर पर परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद करने की घोषणा कर दी। यह फैसला उन्होंने चुनाव से पहले स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं से किए गए वादे को पूरा करते हुए लिया। विजय ने साफ कहा कि वह औद्योगिक विकास और एयरपोर्ट की जरूरत के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन परंदूर में एयरपोर्ट बनाना स्वीकार्य नहीं है। सरकार जल्द ही नए एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक स्थान की घोषणा करेगी और तब तक मौजूदा चेन्नई एयरपोर्ट के विस्तार पर काम किया जाएगा।














