• Latest
  • Trending
Allahabad High Court

इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

April 4, 2025
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
तेजस एमके-2 समय सीमा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

September 7, 2026
पीएम बोले- युवाओं ने देश का मान बढ़ाया

विकसित भारत के लिए युवाओं का नशामुक्त होना जरूरी

September 7, 2026
आईसीएमआर तकनीक हस्तांतरण

आईसीएमआर की तीन जांच तकनीकें उद्योग के लिए होंगी हस्तांतरित

September 7, 2026
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026

सीएम योगी ने चला ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक

September 7, 2026
यूपी 50 हजार छात्राओं को स्कूटी

योगी सरकार का तोहफा, 50 हजार छात्राओं को देगी स्कूटी

September 7, 2026
दिल्ली चिड़ियाघर प्रवेश क्षेत्र पुनर्विकास

आधुनिक होगा दिल्ली चिड़ियाघर

September 7, 2026
हिमाचल स्कूल एडमिशन जाति कॉलम

हिमाचल में अगले सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म में नहीं होगा जाति का कॉलम

September 7, 2026
ठाणे-पालघर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम तेज, 135 किमी एलिवेटेड सेक्शन निर्माणाधीन

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन के काम ने पकड़ी रफ्तार

September 7, 2026
गूगल गुजरात के युवाओं को कुशल बनाने में सहयोग देगा

गूगल गुजरात के युवाओं को कुशल बनाने में सहयोग देगा

September 7, 2026
Wednesday, September 9, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 4, 2025
in the blitz
0
Allahabad High Court

YOU MAY ALSO LIKE

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश की उन टिप्पणियों पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि अभियोजन के आरोप के मुताबिक ब्रेस्ट दबाना और पायजामे की डोरी खींचना बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के अपराध की श्रेणी में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई की अगुवाई वाली बेंच ने हाई कोर्ट के उक्त फैसले के मामले में संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में की गई कुछ टिप्पणियां असंवेदनशील और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर तत्काल रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उक्त आदेश पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट ने 17 मार्च को दिए अपने फैसले में कहा था कि जो केस का तथ्य है उसके तहत अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उसके मुताबिक लड़की का प्राइवेट पार्ट पकड़ा गया और उसके पायजामे के नाड़े को तोड़ा गया और उसे घसीटने की कोशिश की गई और इसी दौरान गवाह वहां पहुंच गए जिसके बाद आरोपी भाग गए।
हाई कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में जो तथ्य है वह रेप या रेप की कोशिश नहीं है। बल्कि यह मामला आईपीसी की धारा-354 बी (महिला पर बल प्रयोग कर उसको निर्वस्त्र का प्रयास करना) और पोक्सो की धारा-9 (नाबालिग पीड़िता पर गंभीर यौन उत्पीड़न)) का बनता है। हाई कोर्ट के जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र की बेंच ने दो लोगों की रिविजिन पिटिशन पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी। याचिकाकर्ताओं (आरोपियों) ने यूपी के कासगंज के स्पेशल जज द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी। स्पेशल जज ने दो आरोपियों को रेप के मामले में दोनों को समन जारी किया था।
इस तरह की टिप्पणियां कानून के मूल सिद्धांतों से परे
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उक्त आदेश पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां कानून के मूल सिद्धांतों से परे हैं और पूरी तरह से असंवेदनशील और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के इस आदेश पर कड़ी असहमति जताई और इसे चौंकाने वाला करार दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि हमें यह कहने में दुख हो रहा है कि इस फैसले में, विशेष रूप से पैराग्राफ 21, 24 और 26 में, निर्णयकर्ता की पूर्ण असंवेदनशीलता झलकती है।
सोच-समझकर सुनाया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यह निर्णय किसी जल्दबाजी में नहीं दिया गया था, बल्कि इसे चार महीने तक सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया। इसका अर्थ यह है कि न्यायाधीश ने इसे सोच-समझकर सुनाया। फिर भी, चूंकि इस फैसले की न्यायिक सिद्धांतों से कोई संगति नहीं थी और यह पूर्ण रूप से असंवेदनशील और अमानवीय दृष्टिकोण दर्शाता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे चौंकाने वाला बताया। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता द्वारा एक एनजीओ की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर संज्ञान लिया।
नवंबर 2021 का है मामला
पेश मामले के मुताबिक 10 नवंबर 2021 को शाम लगभग 5:00 बजे, शिकायतकर्ता अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ अपनी ननद के घर से लौट रही थी। रास्ते में गांव के ही आरोपी उससे मिले और पूछा कि वह कहां से आ रही है। जब उसने जवाब दिया कि वह अपनी ननद के घर से आ रही है, तो एक ने उसकी बेटी को बाइक पर बैठाने की पेशकश की और आश्वासन दिया कि वह उसे घर छोड़ देगा। आश्वासन पर भरोसा करके उसने अपनी बेटी को उनके साथ जाने दिया लेकिन रास्ते में, आरोपी व्यक्तियों ने अपनी बाइक रोक दी और पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पकड़ लिए। एक आरोपी ने उसे घसीटने की कोशिश की और उसे पुलिया के नीचे ले जाने का प्रयास किया। उसने पीड़िता के पायजामे की डोरी खींच दी। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर दो लोग मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने उन्हें देशी पिस्तौल दिखाकर धमकी दी और वहां से फरार हो गए। पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद, अदालत ने आरोपियों को बलात्कार के आरोप में तलब किया।
– केंद्र सरकार, यूपी सरकार और अन्य पक्षों को जारी किया नोटिस
– सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर लिया था स्वत: संज्ञान

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation