ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। आजकल सिनेमाघरों में फिल्म देखने का मतलब सिर्फ फिल्म ही नहीं, बल्कि ढेर सारे विज्ञापन देखना भी होता है। अगर फिल्म ढाई घंटे की है, तो आपको कम से कम साढ़े तीन घंटे का समय निकालना होगा। हाल ही में बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और पीवीआर-आइनोक्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बेंगलुरु के अभिषेक एमआर नाम के व्यक्ति ने कोर्ट में शिकायत की कि उन्होंने विक्क ी कौशल की फिल्म सैम बहादुर देखने के लिए टिकट खरीदी थी, लेकिन पीवीआर-आइनोक्स ने फिल्म से पहले 25 मिनट तक विज्ञापन दिखाए। इस वजह से उनका कीमती समय बर्बाद हुआ और उनके अन्य कामों पर असर हुआ है।
कोर्ट का फैसला : कोर्ट ने माना कि पीवीआर-आइनोक्स का ये कदम सही नहीं था और लोगों के समय का गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा था। कोर्ट ने कहा कि पीवीआर-आइनोक्स टिकट पर फिल्म का सही समय डालें। फिल्म शो टाइम के बाद एड न दिखाएं। कोर्ट ने पीवीआर पर सख्त कार्रवाई करते हुए- शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी के लिए 20,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। शिकायत दर्ज कराने में हुए खर्च के लिए 8,000 रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने को कहा। दोनों मल्टीप्लेक्स चेन्स पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
क्यों है ये फैसला जरूरी? : ये फैसला उन सभी फिल्म प्रेमियों के लिए राहतभरी खबर है, जो सिनेमाघरों में बार-बार बेवजह के विज्ञापन देखने को मजबूर होते हैं। अब उम्मीद की जा सकती है कि मल्टीप्लेक्स चेन अपने नियमों में बदलाव करेंगी और लोगों के समय की कद्र करेंगी।













