ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय साहित्य के प्रतिष्ठित 60वें ज्ञानपीठ पुरस्कार (2025) से तमिल के प्रख्यात कवि, साहित्यकार और गीतकार आर. वैरमुत्तु को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी स्थित चिन्मय मिशन ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में भारत के वरिष्ठ राजनेता, प्रसिद्ध चिंतक और विद्वान डॉ. कर्ण सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार के तहत वैरमुत्तु को 11 लाख रुपये की नकद राशि, वाग्देवी (मां सरस्वती) की कांस्य प्रतिमा तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। समारोह में भारतीय ज्ञानपीठ के ट्रस्टी मुदित जैन, प्रबंध न्यासी साहू अखिलेश जैन, ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रवर परिषद की अध्यक्ष डॉ. प्रतिभा राय, महाप्रबंधक आर.एन. तिवारी सहित देशभर के साहित्यकार, लेखक, शिक्षाविद और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मुदित जैन ने कहा कि ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय भाषाओं की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।













