नई दिल्ली। पीओके (पाक के कब्जे वाले कश्मीर) में आजादी की आवाजें तेज हो गई हैं। एलओसी (नियंत्रण रेखा) से लगभग 7 किमी दूर मंधोल में 25 हजार लोगों का हुजूम आंदोलन पर बैठा है।
पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर और पाक पीएम शहबाज शरीफ के खिलाफ नारे गूंज रहे हैं। जॉइंट अवामी लीग (जेएएल) के नेता अब आर-पार के लिए कमर कस चुके हैं। उन्होंने दो टूक एलान किया है कि पाक सरकार को पुंछ और मेंढर का रास्ता खोलना होगा। ये रास्ता भारत की ओर जाता है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम भारत से मिलना चाहते हैं। पाक हुकूमत ने प्रदर्शनों के कारण पीओके की सप्लाई लाइन को काट दिया है। लोगों के पास आटा और खाने का सामान नहीं है। 5 जून से पीओके में जारी आंदोलन के 120 दिन हो चुके हैं मंधोल के इलाके में खासी गहमागहमी चल रही है।
पीओके के मुजफ्फराबाद से अब लोग एलओसी के पास जमा होने लगे हैं। जेएएल के नेताओं की अपील पर रोज एलओसी पर हुजूम बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि पाक हुकूमत का दमन अब उनके इरादों को डिगा नहीं पाएगा। पाकिस्तान ने बरसों तक उनके हकों को दबाया है, लेकिन अब इंतेहा हो चुकी है। फैसला होकर रहेगा।
अब क्या हालात?
खुफिया एजेंसी आईएसआई की डाला ब्रिगेड यानी वो जीपें जिनमें लोगों को गिरफ्तार कर डाला जाता था, वो अब फेल हो रही हैं। हालात ये हो गए हैं कि आईएसआई के एजेंट इन्हें लेकर जाने से घबराने लगे हैं। पीओके के प्रदर्शनकारी इन पर पथराव करते हैं।
आर्मी चीफ मुनीर क्या करेंगे?
पाक आर्मी चीफ मुनीर गुपचुप पीओके में अपने फौजियों को भेज रहे हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पाक आर्मी अपने सैनिकों को पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं उतार सकती।













