• Latest
  • Trending

इंसान हो या पर्यावरण, सभी की सेहत बिगाड़ रहा प्लास्टिक प्रदूषण

June 13, 2025
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
तेजस एमके-2 समय सीमा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

September 7, 2026
पीएम बोले- युवाओं ने देश का मान बढ़ाया

विकसित भारत के लिए युवाओं का नशामुक्त होना जरूरी

September 7, 2026
आईसीएमआर तकनीक हस्तांतरण

आईसीएमआर की तीन जांच तकनीकें उद्योग के लिए होंगी हस्तांतरित

September 7, 2026
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026

सीएम योगी ने चला ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक

September 7, 2026
यूपी 50 हजार छात्राओं को स्कूटी

योगी सरकार का तोहफा, 50 हजार छात्राओं को देगी स्कूटी

September 7, 2026
दिल्ली चिड़ियाघर प्रवेश क्षेत्र पुनर्विकास

आधुनिक होगा दिल्ली चिड़ियाघर

September 7, 2026
हिमाचल स्कूल एडमिशन जाति कॉलम

हिमाचल में अगले सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म में नहीं होगा जाति का कॉलम

September 7, 2026
ठाणे-पालघर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम तेज, 135 किमी एलिवेटेड सेक्शन निर्माणाधीन

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन के काम ने पकड़ी रफ्तार

September 7, 2026
गूगल गुजरात के युवाओं को कुशल बनाने में सहयोग देगा

गूगल गुजरात के युवाओं को कुशल बनाने में सहयोग देगा

September 7, 2026
Tuesday, September 8, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

इंसान हो या पर्यावरण, सभी की सेहत बिगाड़ रहा प्लास्टिक प्रदूषण

by ब्लिट्ज़ इंडिया
June 13, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। कभी सुविधा का प्रतीक रहा प्लास्टिक, अब प्रकृति, स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। समुद्र की गहराइयों से लेकर माउंट एवरेस्ट की चोटियों तक और मां के गर्भ में पल रहे शिशु से लेकर समुद्री डॉल्फिन तक माइक्रोप्लास्टिक का असर अब हर जगह महसूस किया जा रहा है। हालिया एक अध्ययन में दावा किया गया है कि बच्चों के समय से पहले पैदा होने के पीछे प्लास्टिक प्रदूषण एक कारण हो सकता है। यही कारण है कि 2025 में इसकी भयावहता को देखते हुए इसे विश्व पर्यावरण दिवस की मुख्य थीम बनाया गया है।
सोसाइटी फॉर मैटरनल-फीटल मेडिसिन की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए एक शोध में गर्भावस्था की जटिलताओं में प्लास्टिक प्रदूषण की भूमिका के बारे में बताया गया। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया कि माइक्रोप्लास्टिक के प्रदूषण और समय से पहले जन्म के बीच एक चौंकाने वाला संबंध है।
काफी काम किए जाने की जरूरत
शोधकर्ताओं के मुताबिक इस अध्ययन से इस बात पर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं कि ये छोटे प्लास्टक कण मानव स्वास्थ्य को किस- किस तरह से प्रभावित कर सकते हैं। इस पर काफी काम किए जाने की जरूरत है। शोधकर्ताओं ने पाया कि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के प्लेसेंटा में माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक का स्तर पूर्ण अवधि के गर्भधारण की तुलना में काफी अधिक था।
175 प्लेसेंटा पर अध्ययन
अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में किए गए अध्ययन में 175 प्लेसेंटा पर अध्ययन किया गया। इनमें से 100 बच्चे पूर्ण-अवधि जन्म (औसतन 37.2 सप्ताह) और 75 समय से पहले जन्मे (औसतन 34 सप्ताह) थे। शोधकर्ताओं ने समय से पहले जन्मे प्लेसेंटा में ऊतक के प्रति ग्राम औसतन 203 माइक्रोग्राम प्लास्टिक पाया, जो पूर्ण-अवधि प्लेसेंटा में पाए जाने वाले 130 माइक्रोग्राम से 50% ज्यादा था।
डॉल्फिन की सांस में माइक्रोप्लास्टिक
अमेरिकी शोधकर्ताओं के दल ने हाल ही में एक अध्ययन में पहली बार डॉल्फिन की सांस में माइक्रोप्लास्टिक पाया । वैज्ञानिकों ने दो जगहों पर बॉटलनोज़ डॉल्फिन से सांस छोड़ते हुए हवा के नमूने एकत्र किए। फ्लोरिडा और लुइसियाना के करीब 11 बॉटलनोज डॉल्फिन की सांसों के सैंपल में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया। वहां की हवा में ही ये प्लास्टिक के बेहद छोटे कण थे। डॉल्फिन की सांस के नमूनों में पाए गए अधिकांश माइक्रोप्लास्टिक पॉलिएस्टर थे जिसका इस्तेमाल कपड़े बनाने के लिए किया जाता है। पॉलिएस्टर गर्म पानी में काफी मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक छोड़ता है। दक्षिण कैरोलिना के कॉलेज ऑफ चार्ल्सटन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शोधार्थी लेस्ली हार्ट के मुताबिक सांस के जरिए इंसानों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक जाने के कुछ मामले सामने आए हैं लेकिन वन्यजीवों पर इस विषय पर बहुत कम अध्ययन हुए हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation