• Latest
  • Trending

सूखने लगा पाक का कंठ, सिंधु मुद्दे पर भारत को भेजे 4 लैटर

June 13, 2025
बिहार ड्रोन सेंटर योजना

बिहार में 480 ड्रोन सेंटर खुलेंगे, पर ड्रोन किसान को बेचा नहीं जाएगा — किराये पर मिलेगा। यही इस योजना की असली बात है

August 2, 2026
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 पदकों के साथ किया शानदार समापन

39 मेडल और एक झंडा: भारत ग्लासगो से जीत लेकर लौट रहा है और 2030 की ज़िम्मेदारी लेकर भी

August 2, 2026
medical

5 लाख का इलाज, 1,949 बीमारियाँ और अब हर राज्य — पर कार्ड अस्पताल के दरवाज़े पर नहीं, आज बनवाइए

August 2, 2026
exam

अगस्त परीक्षाओं का महीना है — कल से रेलवे, 21 से यूपीएससी: तारीख़ें, तैयारी और वे ग़लतियाँ जो हर साल दोहराई जाती हैं

August 2, 2026
mansoon

पहाड़ों पर छह दिन लगातार बारिश और मैदान में तीन दिन — मौसम विभाग की तारीख़ें पढ़िए, फिर अपना हफ़्ता तय कीजिए

August 2, 2026
farmer

छह हज़ार रुपये साल और पाँच साल की पक्की तारीख़ — पीएम-किसान का असली फ़ायदा रक़म में नहीं, भरोसे में है

August 1, 2026
कावेरी जल विवाद पर फिर गरमाई तमिलनाडु की राजनीति

आज़ादी के समय जितना पानी था, अब उसका एक तिहाई — बारिश नहीं, यही असली आँकड़ा है

August 1, 2026
खेलो इंडिया योजना

करीब आठ गुना पैसा: 36,441 करोड़ रुपये के खेलो इंडिया पैकेज से ज़मीन पर क्या बदलेगा

August 1, 2026
राष्ट्रमंडल खेल 2026

दिन की शुरुआत ही दो सोने से — भारतीय मुक्केबाज़ों ने रिकॉर्ड फ़ाइनल दिन को भुनाना शुरू किया

August 1, 2026
समुद्र मंथन योजना

समुद्र के नीचे भारत ने अब तक बहुत कम खोजा है — 84,084 करोड़ रुपये की योजना इसी को बदलने की कोशिश है

August 1, 2026
water-store

बारिश रोकने के लिए भारत ने 2.76 करोड़ ढाँचे बना लिए। अगला दशक उन्हें चलाने का है

August 1, 2026
UPI

रोज़ 76 करोड़ से ज़्यादा भुगतान: यूपीआई के जुलाई के रिकॉर्ड का असली मतलब

August 1, 2026
Sunday, August 2, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सूखने लगा पाक का कंठ, सिंधु मुद्दे पर भारत को भेजे 4 लैटर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
June 13, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

बिहार में 480 ड्रोन सेंटर खुलेंगे, पर ड्रोन किसान को बेचा नहीं जाएगा — किराये पर मिलेगा। यही इस योजना की असली बात है

39 मेडल और एक झंडा: भारत ग्लासगो से जीत लेकर लौट रहा है और 2030 की ज़िम्मेदारी लेकर भी

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सिंधु जल संधि बहाल करने को लेकर पाकिस्तान अब तक भारत को चार लैटर भेज चुका है। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि इन चार लैटर में से एक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भेजा गया है।
सूत्रों ने बताया कि ये चार पत्र पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सैयद अली मुर्तजा ने जल शक्ति मंत्रालय को भेजे थे। इसके बाद मंत्रालय ने उन्हें विदेश मंत्रालय को भेज दिया।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 में पाकिस्तान के साथ हुए जल समझौते को स्थगित कर दिया था। इसे सिंधु जल संधि के नाम से जाना जाता है। इसके तहत सिंधु वाटर सिस्टम की 3 पूर्वी नदियों का पानी भारत इस्तेमाल कर सकता है और बाकी 3 पश्चिमी नदियों के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार दिया गया था। अब जल संधि स्थगित होने से पाकिस्तान में जल संकट मंडराने लगा है।
सिंधु जल समझौता क्या है?
सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं- सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% भारत, 8% चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है। इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं।
1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था। 1947 में भारत और पाक के इंजीनियरों के बीच ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ। इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा। ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला।
1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने दोनों नहरों का पानी रोक दिया। इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती बर्बाद हो गई। दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया। इसके बाद 1951 से लेकर 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत-पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली और आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के पीएम नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए। इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है। पहलगाम में आतंकी हमले के एक दिन बाद यानी 23 अप्रैल की शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था, सीसीएस ने फैसला किया है कि 1960 के सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमापार आतंकवाद को सपोर्ट देना बंद नहीं कर देता।
शर्तें मानने के लिए बाध्य नहीं भारत
जेएनयू में इंटरनेशनल स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर राजन कुमार बताते हैं, ‘विदेश सचिव के बयान से साफ जाहिर है कि भारत अब सिंधु जल समझौते से अलग हो गया है और इसकी शर्तें मानने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, ग्राउंड पर इसके एक्शन देखने में थोड़ा समय लगेगा। दरअसल, नदियों का पानी रोकने या मोड़ने के लिए डैम, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट या किसी और तैयारी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा।’ राजन कुमार मानते हैं कि पाकिस्तान का सिस्टम ही ऐसा है कि वो आतंकवाद को नहीं रोक सकते।
पाकिस्तान की नीयत ही नहीं है कि वो आतंकवाद को खत्म करे या भारत में किसी तरह के आतंकी हमले को रोके। वहां के सिस्टम की सोच पूरी तरह से एंटी-इंडिया है। इस माहौल में हाल के सालों में भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरने की उम्मीद न के बराबर है। यानी सिंधु जल समझौते पर भी कोई बात नहीं बनेगी।
क्या भारत पानी को रोक सकता है?
दरअसल, सिंधु जल समझौता एक स्थायी संधि है। इसे कोई एक देश अपनी मर्जी से रद नहीं कर सकता। दोनों देश मिलकर ही इसमें कोई बदलाव कर सकते हैं।
हालांकि, स्ट्रैटजी एनालिस्ट ब्रह्मा चेलानी कहते हैं, वियना समझौते के लॉ ऑफ ट्रीटीज की धारा 62 के तहत भारत इस आधार पर संधि से पीछे हट सकता है कि पाकिस्तान उसके खिलाफ आतंकी गुटों का इस्तेमाल कर रहा है। इंटरनेशनल कोर्ट ने भी कहा है कि अगर मौजूदा स्थितियों में कोई बदलाव हो तो कोई भी संधि रद की जा सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात इसलिए जरूरी है क्योंकि ये सभी नदियां भारत के ऊंचाई वाले इलाके में हैं। भारत से बहकर ही ये पाकिस्तान के इलाकों में पहुंचती हैं।
पूर्वी नदियों पर भारत के 5 बड़े प्रोजेक्ट चालू
भारत ने पूर्वी नदियों यानी सतलुज पर भाखड़ा नागल बांध, ब्यास पर पोंग बांध, रावी पर रंजीत सागर बांध और हरिके बैराज, इंदिरा नहर जैसे प्रोजेक्ट लगाए हुए हैं। ये सभी प्रोजेक्ट चालू हैं, जिससे भारत इन नदियों के 3.3 करोड़ एकड़ फीट पानी में से करीब 94% पानी का इस्तेमाल करता है। 2019 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने कहा था कि वह इन नदियों का बहाव मोड़कर 100% पानी अपने यहां इस्तेमाल करेगा। इसके बाद रावी पर शाहपुर कांडी प्रोजेक्ट, सतलुज ब्यास नहर लिंक प्रोजेक्ट और रावी की सहायक नदी पर ‘उझ डैम’ बनाया जा रहा है। हालांकि, अभी ये प्रोजेक्ट पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हुए है।
पश्चिमी नदियों पर भारत के 2 प्रोजेक्ट चालू
पाकिस्तान के हिस्से वाली पश्चिमी नदियों में चिनाब पर भारत ने बगलीहार डैम और रतले प्रोजेक्ट, चिनाब की एक और सहायक नदी मारुसूदर पर पाकल डुल प्रोजेक्ट और झेलम की सहायक नदी नीलम पर किशनगंगा प्रोजेक्ट शुरू किया है। इनमें से बगलीहार प्रोजेक्ट और किशनगंगा चालू हैं। सिंधु जल समझौते से पूरी तरह बाहर आने के बाद इन बांधों और परियोजनाओं के जरिए भारत वेस्टर्न रिवर्स का ज्यादा से ज्यादा पानी इस्तेमाल करना शुरू कर सकता है। हालांकि, डैम बनाकर और उनमें पानी स्टोर करके ऐसा रातोंरात नहीं किया जा सकता। पश्चिमी नदियों में पूरी सिंधु जल प्रणाली का करीब 80% पानी है। इसे अचानक रोकने से भारत के पंजाब और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation