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मक्का की ‘अल हरम’ मस्जिद का अब गोरखपुर में करिए दीदार!

- 11 लोगों की टीम ने 8 महीने की अथक मेहनत से किया तैयार

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 11, 2025
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ब्लिट्ज ब्यूरो

गोरखपुर। गोरखपुर में सऊदी अरब के मक्क ा स्थित ‘अल हरम’ मस्जिद का दीदार लोग कर सकेंगे। दुनिया भर में यह मस्जिद अपने आप में मिसाल पेश करने वाली है। इसका मॉडल गोरखपुर में 11 लोगों की टीम ने मिलकर पिछले 8 महीने की अथक मेहनत और लगभग ढाई लाख रुपए खर्च करने के बाद तैयार किया है। इसे मोहर्रम की नौवीं और दसवीं के जुलूस में आम लोगों के समक्ष दीदार हेतु पेश किया गया।
शाहपुर थाना क्षेत्र के बिछिया रेलवे कॉलोनी निवासी इस मॉडल को तैयार करने वाले 21 वर्षीय अदनान और रेलवे में कार्यरत उनके मौसी के लड़के आसिफ हैं।
उनका कहना है कि दिन में ड्यूटी और रात में जाग कर इस मॉडल को तैयार किया गया है। इसे तैयार करने में कुल ढाई लाख रुपए खर्च आए हैं और 11 लोगों की युवा टीम ने मिलकर कुल 8 महीने का समय दिया। तब जाकर यह तैयार हो पाया है। इस मॉडल की खासियत यह है कि इसमें थर्माकोल का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया । अमूमन ताजिए में थर्माकोल का विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इस मॉडल को तैयार करने के लिए सन बोर्ड का इस्तेमाल किया गया जिसे गोरखपुर के अलावा लखनऊ से भी मंगाया गया। इस वक्त यह मॉडल चर्चा में है।
अब तक का यह पहला मॉडल
इस मस्जिद के मॉडल को पूर्व में कई लोगों ने बनाया लेकिन इसे हुबहू तैयार करने का यह पहला उदाहरण है। इसमें हेलीपैड से लेकर हॉस्पिटल तक को बड़ी बारीकी से उकेरा गया है। एक और खासियत है कि इसे तैयार करने वाले कोई विशेष कारीगर नहीं हैं। सभी परिवार और आसपास के लोग हैं, यह मॉडल गोरखपुर के बिछिया रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने तैयार किया है, इसे बनाने वाले अदनान का कहना है कि यह हुनर उन्होंने अपने दादा और पिता रियाज से सीखा।
अदनान का कहना है कि हम लोग छोटे थे तभी से अपने दादाजी और पिताजी को मोहर्रम के समय ताजिया तैयार करते हुए देखे थे। उसी समय से हमारे मन में भी इसे बनाने और सीखने की ललक रही है। हालांकि अब्बा और दादाजी रहे नहीं तो यह जिम्मेदारी हम लोगों ने संभाल ली हैं। मोहल्ले के अन्य लोग भी साथ देते हैं इनमें ज्यादातर युवा है। मीडिया द्वारा जब फाइनेंस की बात पूछी गई तो उनका कहना था कि सारा पैसा घर से ही लगा है।
आसिफ कहते हैं कि थर्माकोल बांस, कागज और अन्य पदार्थों का इस्तेमाल कर तो बहुत से ताज़िए बनाए गए लेकिन इसे बनाने में इनमें से किसी चीज का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह पूरी तरह सन बोर्ड से तैयार किया गया मॉडल था।

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