• Latest
  • Trending
Nepal-India relations: shared civilization and tensions

नेपाल–भारत संबंध ः साझा सभ्यता और तनाव

October 20, 2023
ब्रिक्स से किसान आईडी तक भारत की 10 बड़ी खबरें

ब्रिक्स देशों की संसदें दिल्ली में जुटीं

October 27, 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स मंच से निर्यात और जीएसटी तक भारत की बड़ी खबरें

October 26, 2026
daily-news

साप्ताहिक समाचार डायरी 19–25 अक्टूबर 2026: 11 करोड़ फार्मर आईडी | Blitz India Media

October 25, 2026
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
वैश्विक 'सैटकॉम' जंग के दबाव में नहीं आएंगे

भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति

October 19, 2026
तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

तंबाकू- सिगरेट छोड़ो अभियान

October 19, 2026
Tuesday, October 27, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

नेपाल–भारत संबंध ः साझा सभ्यता और तनाव

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 20, 2023
in दृष्टिकोण
0
Nepal-India relations: shared civilization and tensions

saurabh
नेपाल–भारत संबंध बहुत आरोह-अवरोह की स्थिति से गुजर चुके हैं । 1947 में भारत की स्वतंत्रता के समय से लेकर आज तक लगभग 76 वर्षों में दोनों देशों ने आपसी समस्याओं का समाधान बड़े धैर्य और परिपक्वता के साथ किया है। भारत आज विश्व मानचित्र में एक उभरता शक्तिशाली देश है। भारत का प्रभाव दक्षिण एशियाई क्षेत्र से लेकर अमेरिकी महाद्वीप तक फैल रहा है। भौगोलिक रुप से नेपाल भारत से तीन दिशाओं से घिरा हुआ देश है।
नेपाल में राजनीति से लेकर जनस्तर के सम्बंधों तक भारतीय राजनीति, कूटनीति और रणनीति का प्रभाव है। आज नेपाल का व्यापार भारत के साथ 50 फीसदी से भी अधिक है। 2022/23 के आंकड़ों में भारत के साथ नेपाल का व्यापार घाटा 6.9 मिलियन अमेरिकी डालर था। इस तथ्य के बावजूद, दोनों देश व्यापार घाटा कम करने के लिए नियमित सचिव और प्रधानमंत्री स्तर पर परामर्श कर रहे हैं ।

दक्षिण एशियाई देशों, मसलन नेपाल में जब भी कोई राजनीतिक घटना घटित होती है, तो उसे भारत से जोड़कर कर देखा जाता है। इस सन्दर्भ में नेपाल में आजकल हिंदू राज्य और राजतन्त्र वापसी की मांग उठ रही है। यह विषय पर नेपाली जनता भारत का सहयोग और हस्तक्षेप, दोनों की सम्भावना का आकलन कर रही है ।

YOU MAY ALSO LIKE

लोकतंत्र, विरोध का अधिकार और जंतर-मंतर

देश के 1,000 आईटीआई का होगा कायाकल्प

नेपाल में हिंदू राज्य और राजतंत्र
नेपाल में इस समय हिंदू राज्य और राजतंत्र को पुनः स्थापित करने की मांग के विषय को नेपाल के सत्तासीन राजनीतिक दल उतने उत्साह के साथ नही देख रहे हैं। हिंदू राज्य और राजतंत्र के विषय में नेपाली जनता की रुचि को देखते हुए फिर से यह कहा जा सकता है कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था ने जनता को “डेलीवरी” के सवाल पर निराश किया हैं। हालांकि खुले लोकतंत्र से उन्नत व्यवस्था कोई भी नही हो सकती किन्तु “डेलीवरी” के सवाल पर नेपाल के राजनीतिक दल को ध्यान देना जरूरी है भारत में इस समय सनातनी धर्म को स्वीकार करने वाली भाजपाई सरकार है ।
ज्यादातर नेपाली जनता आज के समय में मानती है कि भारत में हिंदूवादी राजनीतिक दल की शासन व्यवस्था है और वह नेपाल में हिंदू राज्य और राजतंत्र फिर से वापस लाने में मदद कर सकती है। हालांकि, यह देखा गया है कि भाजपा के प्रतिनिधियों का नेपाल में आने-जाने का अभ्यास लगातार जारी है। नेपाली जनता मान रही है कि 2029 तक अगर भाजपा सत्ता में रही तो नेपाल फिर से हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। भाजपा के बारे में बात करें तो “बाडी लैंग्वेज ”के हिसाब से वह हिंदू राष्ट्र के सवाल पर गंभीर है। नेपाल के पूर्व नरेश को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिवाय और बडे नेताओं के साथ सार्वजनिक समारोह में मिलते हुए नहीं देखा गया है।

नेपाल का बौद्धिक वर्ग
नेपाल के बौद्धिक वर्ग के बारे में बात करें, तो यह बहुत विभाजित है । नेपाल में राजतंत्र और हिंदू राज्य के विषय में कुछ विवाद है। उदारवादी बौद्धिक जो नेपाल में पश्चिमी देशों से ज्यादा नजदीक माने जाते है, वे विवाद की बात को अस्वीकार करते हैं। जुलाई 2023 में नेपाल के एक राजनीतिक दल राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी के नेता रविन्द मिश्र ने भारतीय आनलाइन अखबार से कहा कि “एक नाजुक धर्मनिरपेक्ष नेपाल भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है। यह हिंदू राजतंत्र को वापस लाने का समय है” कहकर उन्होंने अपना विचार लेख के माध्यम से व्यक्त किया। इसके साथ ही क्या “रोटी बेटी”की संबंध के आधार पर एक “भाईचारा” और “सद्भाव”के नजरिये से उन्होंने उस लेख द्वारा चर्चा करने की कोशश की है। मुझे लगता है इस विषय पर बहस जरूरी है। 2018 में नेपाल के एक बहुत बड़े वामपंथी नेता के.पी. शर्मा ओली ने राष्ट्रीयता के सवालों को उठाकर चुनाव जीत लिया। लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में आने के बाद वह कोई विशेष कदम नेपाल की राष्ट्रीयता को सशक्त बनाने एवं अर्थतन्त्र को विस्तार देने के लिए नहीं उठा पाए।

नेपाल में भारत और चीन के अलावा पश्चिमी देश भी क्रियाशील हैं। नेपाल एक “स्माल स्टेट”के तौर पर नेपाल को तीन शक्तियों को “संतुलन”में रखने के लिए “बाध्य”है। अब प्रश्न यह है कि क्या हम हिमालयी राज्य के रूप में भारत से अपनी “साझा सभ्यता” और “राजनीतिक सार्वभौमसत्ता” के बीच का संतुलन निभा रहे हैं? अपने आप से यह प्रश्न करना जरुरी है। भारत को लगता है कि नेपाल, इन दिनों उसे उतना महत्व नहीं दे रहा है। नेपाल और भारत के संबंध जनस्तर पर सदियों से स्वतंत्र रुप से चल रहे हैं। केवल राजनीतिक तनाव है जिसे हम दोनों देशों के बुद्धिजीवी और नेताओं को बैठकर हल करना चाहिए। भारत, नेपाल में आर्थिक सहायता 1954 से प्रदान कर रहा है। परंतु भारत नेपाल के नेताओं की तरह, “डेलीवरी”में कुशलता दिखाने में जटिलताएं हैं। सवाल यह भी है कि 1950 की शांति एवं मैत्री संधि को लेकर नेपाल में एक नकारात्मकता कायम है। जहां तक हम इस संधि को एक उदारवाद की नजर से देखें, तो यह एक “खुले समाज” का अनुपम उदाहरण है।

भारत की ताकत
आज भारत विश्व की 5 वीं आर्थिक शक्ति है और निकट भविष्य में वह तीसरी आर्थिक ताकत बन जाएगा। इसलिए बांग्लादेश भी भारत–बांग्लादेश सीमा को नेपाल जैसे ही खुला करने की मांग कर रहे हैं। आज के समय में पड़ोसी देश भारत से आर्थिक लाभ उठाना चाहते हैं। भारत के प्रति नेपाली मानसिकता यह है कि वह भारत को “बाहुबली” का दर्जा देता है। परस्पर समझ-बूझ से ही नेपाल–भारत संबंधों को हिमालय की तरह उच्च एवं अटल बनाने का लक्ष्य पूरा हो सकता है ।

(लेखक मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान, नई दिल्ली में विजिटिंग फेलो हैं। ये उनके निजी विचार हैं। )

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation