काठमांडू। नेपाल ने पिछले महीने आई भयानक बाढ़ चलते हुए तबाही के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए भारत से मदद मांगी है। इसी संदर्भ में गत दिवस नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने नई दिल्ली में भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात की थी, जिसमें यह मांग की गई है। बैठक में मौजूद एक अधिकारी के हवाले से मीडिया ने यह जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि बैठक के दौरान वागले ने पुनर्निर्माण के लिए अनुदान मांगा जिस पर सीतारमण ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
भारत ने दिया भरोसा
अधिकारी के अनुसार, सीतारमण ने वागले से कहा कि जब आप आपदा के बाद की जरूरतों का आकलन पूरा कर लेंगे, तब हम कोई फैसला लेंगे। बातचीत के दौरान दोनों वित्त मंत्रियों ने लाइन ऑफ क्रेटिड पर बातचीत करने और उसे अंतिम रूप देने पर भी चर्चा की, जिसकी पेशकश भारत ने नेपाल को लगभग 10 साल पहले की थी।
नेपाल में साल 2015 में भयानक भूकंप आया था, जिसके बाद भारत ने पुनर्निर्माण और बहाली के लिए 100 अरब रुपये की घोषणा की थी। इसमें 25 अरब रुपये का अनुदान था, जबकि 75 अरब रुपये आसान शर्तों वाला कर्ज (सॉफ्ट लोन) था। इसे भारत के एक्जिम बैंक से जारी किया जाना था। इसी साल मई में विदेश मंत्री ने शिशिर खनाल की भारत यात्रा के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी।
वागले का पहला विदेश दौरा
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले तीन दिनों के भारत दौरे पर आए। वित्त मंत्री के तौर पर पहली भारत यात्रा के साथ ही यह पद संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा भी थी। बैठक के दौरान भारतीय वित्त मंत्री सीतारमण ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्ति की और नेपाल के लिए भारत का लगातार समर्थन जारी रखने का भरोसा दिलाया।













