• Latest
  • Trending
नारियल उद्योग

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

October 14, 2026
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
Wednesday, November 4, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

नारियल का छिलका, सात लाख लोगों की रोजी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 14, 2026
in the blitz
0
नारियल उद्योग

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर।केरल के अलप्पुझा में जी. साबू ने 2024 में नारियल की जटा से सूत कातने की इकाई लगाई। दो साल में वहां 8 से 10 लोगों को रोज काम मिलने लगा, ज्यादातर आसपास के गांवों की महिलाएं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने 14 अक्टूबर को जारी अपनी विज्ञप्ति में ऐसी चार कहानियां गिनाई हैं।

ये कहानियां एक बड़े आंकड़े का हिस्सा हैं। देश में जटा (कॉयर) की 21,000 से ज्यादा इकाइयां हैं। मंत्रालय के मुताबिक इस धंधे से 7 लाख से ज्यादा लोगों की रोजी चलती है, सीधे भी और दूसरे कामों के जरिए भी। इनमें 80 फीसदी महिलाएं हैं, और वे गांव के घरों से आती हैं।

चार गुना निर्यात

2014-15 में भारत ने 1,630 करोड़ रुपये की जटा और उससे बनी चीजें विदेश भेजी थीं। 2025-26 में यह रकम 6,614 करोड़ रुपये पहुंच गई। ब्लिट्ज के हिसाब से यह हर साल करीब 13.6 फीसदी की बढ़त है, लगातार ग्यारह साल।

सबसे ज्यादा खरीदार अमेरिका, चीन, नीदरलैंड, स्पेन और ब्रिटेन हैं। विदेश जाने वाले माल में जटा का बुरादा (कॉयर पिथ), रेशा, सूत और गुच्छेदार चटाई सबसे आगे हैं। दुनिया की करीब दो-तिहाई जटा भारत में बनती है।

छोटी पूंजी, पक्की कमाई

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले की अल्लम गौतमी ने पांच साल पहले जटा बोर्ड के केंद्र में ट्रेनिंग ली। फिर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से मदद लेकर अपनी इकाई खोली। आज उनकी इकाई का सालाना कारोबार करीब 35 लाख रुपये है और मुनाफा करीब 10 लाख। छह महिलाओं को वहां काम मिला है, और करीब 120 महिलाओं को उन्होंने चटाई और रस्सी बनाना सिखाया है।

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग की रंजना रामचंद्र कदम की फैक्टरी रस्सी, तकिए और पायदान बनाती है और छह लोगों को पूरे समय का काम देती है। केरल के कोझिकोड में सुरेंद्रन पी. की इकाई ने एक साल में जटा के बुरादे से बनी 20 टन से ज्यादा जैविक खाद बेची।

मंत्रालय की कॉयर विकास योजना नई मशीनों, ट्रेनिंग और देश-विदेश के मेलों में भागीदारी का खर्च उठाती है। 2014-15 से अब तक 68,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग मिली है, जिनमें 80 फीसदी से ज्यादा महिलाएं हैं।

भारत को क्या मिला

: नारियल के कचरे से विदेशी कमाई, और गांव की महिलाओं के हाथ में अपनी कमाई।

एक नजर में

•निर्यात 2025-26 : 6,614.40 करोड़ रुपये
•निर्यात 2014-15 : 1,630.33 करोड़ रुपये
•इकाइयां : 21,000 से ज्यादा · काम : 7 लाख से ज्यादा लोग, 80% महिलाएं
•दुनिया के उत्पादन में हिस्सा : करीब दो-तिहाई

तुलना

•निर्यात 2025-26 : 6,614.40 करोड़ रुपये — 100%
•निर्यात 2014-15 : 1,630.33 करोड़ रुपये — 2025-26 का 25%
•ग्यारह साल में निर्यात 305.7% बढ़ा।

हमारा हिसाब

6,614.40 ÷ 1,630.33 = 4.06 गुना। ग्यारह साल में 4.06 गुना होने का मतलब है हर साल करीब 13.6% की बढ़त।

भारत को क्या मिला

खेती के कचरे से निर्यात, और गांव की महिलाओं को रोजगार।

ब्लिट्ज की सराहना

जटा बोर्ड के ट्रेनर, जिन्होंने 68,000 से ज्यादा लोगों को हुनर सिखाया।
आंकड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की 14 अक्टूबर की विज्ञप्ति (पीआईबी रिलीज आईडी 2323051) से; pib.gov.in पर जांचे।

ब्लिट्ज की सलाह

जटा बोर्ड राज्यवार इकाइयों और रोजगार का ब्योरा हर साल छाप सकता है, ताकि नए उद्यमी जान सकें कि किस जिले में कच्चा माल और खरीदार दोनों मौजूद हैं।


थोक महंगाई बढ़कर 11.39% हुई

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन और कच्चे तेल के दाम ने सितंबर 2026 में थोक बाजार की महंगाई को 11.39 फीसदी पर पहुंचा दिया। अगस्त में यह 9.92 फीसदी थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 14 अक्टूबर 2026 को ये शुरुआती आंकड़े जारी किए।
ईंधन और बिजली के समूह में दाम एक साल पहले से 25.85 फीसदी ऊपर रहे। खनिज तेल 40.02 फीसदी महंगे हुए। थोक बाजार में खाने-पीने की चीजें 8.66 फीसदी महंगी हुईं। राहत की बात बिजली रही, जो साल भर पहले से 0.43 फीसदी सस्ती है।
दुकान पर महंगाई अभी इससे आधी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक सितंबर में खुदरा महंगाई 5.54 फीसदी रही। दोनों के बीच 5.85 अंक का फर्क है।

भारत को क्या मिला

हर महीने चीज-दर-चीज ब्योरा, जिससे पता चलता है कि लागत कहां बढ़ रही है।


आसियान को मिलकर रक्षा उपकरण बनाने की पेशकश

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ मिलकर गश्ती जहाज, रडार, हवाई रक्षा प्रणाली, हेलीकॉप्टर और ड्रोन बनाने को तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में यह बात कही। मौका था मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान में पहले आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम का।

नई दिल्ली में पहले आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम को संबोधित करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, 14 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीआईबी
नई दिल्ली में पहले आसियान-भारत रक्षा थिंक टैंक फोरम को संबोधित करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, 14 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीआईबी

रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक उन्होंने कहा, “आत्मनिर्भरता का मतलब अलग-थलग रहकर काम करना नहीं है।” उनकी बात का सार था कि भारत भरोसेमंद साथियों के साथ उपकरण डिजाइन करे, बनाए, उनकी मरम्मत करे और उन्हें बेहतर करे।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल की लड़ाइयों में सस्ते ड्रोन ने महंगी रक्षा प्रणालियों को चुनौती दी है। इसलिए जवाब सस्ता, काम का और बदलने लायक होना चाहिए। ड्रोन-रोधी प्रणाली, साइबर सुरक्षा, समुद्री निगरानी और आपदा राहत पर दोनों तरफ के स्टार्टअप, विश्वविद्यालय और छोटी कंपनियां मिलकर काम करें, यह उनका सुझाव था।
संस्थान के अपने पन्ने के मुताबिक दो दिन के इस फोरम में आसियान के सभी 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि आए हैं। 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष घोषित किया गया है।

भारत को क्या मिला

भारत में बने जहाज, रडार और ड्रोन के लिए पड़ोसी समुद्री इलाके में साझेदार और बाजार।


200 किलो ढोएगा देसी ड्रोन

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। जहां सड़क खत्म हो जाती है, वहां तक 200 किलो सामान पहुंचाने वाला ड्रोन भारत में बनेगा। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने इसके लिए मुंबई की कंपनी आइडियाफोर्ज के साथ 151 करोड़ रुपये की मदद का करार किया है। यह जानकारी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 14 अक्टूबर को दी।

येती ड्रोन के करार के बाद प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और आइडियाफोर्ज के अधिकारी, नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीआईबी
येती ड्रोन के करार के बाद प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और आइडियाफोर्ज के अधिकारी, नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीआईबी

ड्रोन का नाम येती है। यह हेलीकॉप्टर की तरह सीधा उठता है और फिर विमान की तरह पंखों पर उड़ता है। इसे 200 किलोमीटर तक उड़ने और 6,500 मीटर की ऊंचाई पर काम करने के लिए बनाया जा रहा है। उतरने के लिए करीब 15 मीटर लंबी-चौड़ी जगह काफी होगी।
परियोजना की कुल लागत 302 करोड़ रुपये है। बोर्ड का हिस्सा ठीक आधा है, और यह कर्ज के रूप में मिलेगा, अनुदान के रूप में नहीं। अभी यह तकनीक प्रयोगशाला के स्तर (टीआरएल-4) पर है। लक्ष्य इसे असली काम में परखे गए स्तर (टीआरएल-9) तक ले जाना है।

भारत को क्या मिला

सीमा की चौकियों, द्वीपों और बाढ़ में कटे गांवों तक रसद पहुंचाने का अपना साधन।


100 तैयार फैक्टरी पार्क बनेंगे

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर।फैक्टरी लगाने वाले को सड़क, बिजली, पानी और शेड पहले से तैयार मिलें, इसके लिए केंद्र सरकार 100 औद्योगिक पार्क बनाएगी। पीआईबी के 14 अक्टूबर के ब्योरे के मुताबिक भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) पर छह साल में 33,660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ब्लिट्ज के हिसाब से यह औसतन हर पार्क पर करीब 337 करोड़ रुपये है।

योजना हर एकड़ पर एक करोड़ रुपये तक देगी। पार्क 25 से 1,000 एकड़ के होंगे, और उनमें मजदूरों के घर, अस्पताल और हुनर सिखाने के केंद्र भी होंगे। पहले 50 पार्क राज्यों के बीच मुकाबले से चुने जाएंगे।

भारत को क्या मिला

छोटे कारोबारियों के लिए फैक्टरी शुरू करने का कम खर्च और कम समय, और राज्यों में नए रोजगार।


कोस्टा रिका में भारत का नया दूतावास

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। मध्य अमेरिका के देश कोस्टा रिका की राजधानी सान होसे में भारत का दूतावास 10 अक्टूबर 2026 से काम करने लगा है। विदेश मंत्रालय ने 13 अक्टूबर को बताया कि वहां रहने वाले भारतीयों को अब कांसुलर मदद वहीं मिलेगी। व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसी दिन मंत्रालय ने एक और यात्रा की जानकारी दी। विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा 16 से 22 अक्टूबर तक प्रशांत महासागर के तीन द्वीप देशों — समोआ, कुक आइलैंड्स और नाउरू — जाएंगे। वे वहां भारतीय समुदाय से मिलेंगे और भारत की मदद से बनी परियोजनाएं देखेंगे।

भारत को क्या मिला

विदेश में बसे भारतीयों के लिए नजदीकी दफ्तर, और दुनिया के नए कोनों में भारत की आवाज।

YOU MAY ALSO LIKE

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation