नागपुर। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में एक फ्लाइओवर का उद्घाटन किया। यह फ्लाइओवर चर्चा का विषय बन गया है। इसे अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट (यूएचपीएफआरसी) तकनीक से बनाया गया है। इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर की खास बात है कि यह न सिर्फ यात्रा का समय एक घंटे से घटाकर 10-15 मिनट कर देगा। बल्कि यह इको फ्रेंडली होगा। नेशनल हाईवे नंबर 353डी पर लगभग 8.9 किलोमीटर लंबा यह इंदोरा चौक-दिघोरी फ्लाईओवर नागपुर शहर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ता है। यह नागपुर का सबसे लंबा और सबसे महंगा एलिवेटेड कॉरिडोर है।
नागपुर फ्लाईओवर नई तकनीक से बनाया
इस मौके पर गडकरी ने इस फ्लाईओवर की तकनीकी खूबियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूएचपीएफआरसी तकनीक के इस्तेमाल से दो खंभों के बीच लंबे स्पैन बनाना मुमकिन हुआ, जिसमें स्ट्रक्चरल सेगमेंट के एक ही जोड़े का इस्तेमाल किया गया। इससे जरूरी सपोर्ट की संख्या कम हुई और फ्लाईओवर का निर्माण तेजी से हो सका।
यात्रा के समय में भारी कमी
नितिन गडकरी ने कहा कि इंदोरा और दिघोरी के बीच सड़क से यात्रा करने में पहले लगभग एक घंटा लगता था, लेकिन अब नए फ्लाईओवर से यह यात्रा सिर्फ़ 10 से 15 मिनट में पूरी हो सकती है। इस फ्लाईओवर का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से किया है।
नागपुर की खास पहचान बन गया मल्टी-लेयर्ड स्ट्रक्चर
नितिन गडकरी ने बताया कि यह फ्लाईओवर अशोक स्क्वायर पर पांच दिशाओं को जोड़ता है। जंक्शन पर एक अशोक स्तंभ भी लगाया गया है, साथ ही संविधान-थीम वाली पेंटिंग और आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। उन्होंने साफ किया कि इस फ्लाईओवर कॉरिडोर की वजह से मौजूदा सड़कों के नाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह मल्टी-लेयर्ड स्ट्रक्चर, चाहे वह तीन लेयर का हो या चार लेयर का, नागपुर की एक खास पहचान बन गया है।
उदाहरण के लिए दिघोरी रिंग रोड को ही लें: बेस लेवल पर रिंग रोड है, उसके ऊपर नया नेशनल हाईवे फ्लाईओवर है, और उसके ऊपर एक और फ्लाईओवर है; यानी एक जगह पर तीन लेयर हैं। कुछ जगहों पर मेट्रो चौथी लेयर बनाती है।














