• Latest
  • Trending
modi

मोदी का मास्टर स्ट्रोक

May 15, 2025
स्वदेशी एआई

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

November 4, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

November 3, 2026
श्रीहरिकोटा से एनवीएस-03 लेकर उड़ान भरता जीएसएलवी-एफ18। एजेंसी जांच: तस्वीर पर एएनआई, पीटीआई या रॉयटर्स का नाम हो तो न लगाएं।

नाविक को मिला तीसरा नया उपग्रह

November 2, 2026
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
Thursday, November 5, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

मोदी का मास्टर स्ट्रोक

by ब्लिट्ज़ इंडिया
May 15, 2025
in the blitz
0
modi

YOU MAY ALSO LIKE

अब 22 भारतीय भाषाओं में बोलेगा देसी एआई

21 लाख सोलर घरों का बिजली बिल शून्य

ब्लिट्ज ब्यूरो

बहुत संभव है कि जब तक इस जातीय जनगणना की प्रक्रिया पूरी होगी अथवा उसके परिणाम आने शुरू होंगे तब तक भारत पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका होगा और यह एकदम अलग देश होगा। ऐसे में इसके नतीजों के आधार पर नीतियों को बनाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
मोदी सरकार ने अंतत: जाति जनगणना कराने का अप्रत्याशित निर्णय कर ही लिया। लगभग 100 वर्षों बाद देश में पूर्ण जाति जनगणना कराई जाएगी। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 2031 के आस-पास हमें जातियों के प्रमाणिक आंकड़े मिल सकेंगे। इसके पहले अंतिम जाति जनगणना 1931 में अंग्रेजों ने कराई थी। उसके बाद से देश में किसी भी सरकार ने जातिगत जनगणना कराए जाने की आवश्यकता नहीं समझी। हालांकि समय-समय पर इसकी मांग जरूर हुई। मनमोहन सिंह की सरकार ने कुछ क्षेत्रीय दलों के दबाव में 2011 में सर्वेक्षण की सूरत में सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना अवश्य कराई थी पर उलझाने वाले आंकड़ों की वजह से उसे कभी सार्वजनिक नहीं किया गया।
यद्यपि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जातिवार जनगणना कराए जाने की मांग बहुत जोर-शोर से करते रहे हैं जबकि कांग्रेस कभी भी जातिगत जनगणना के पक्ष में नहीं रही। वैसे भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही समय-समय पर इस मुद्दे पर अपना दृष्टिकोण बदलते रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी इस पर अपना रुख बदला है। देश के विपक्षी दल इसके लिए मांग करते रहे हैं और विशेष रूप से कांग्रेस तो यह कहती रही है कि ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी’ होनी चाहिए। कांग्रेस यह आरोप भी लगाती रही है कि मोदी सरकार जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहती ताकि समाज का वंचित वर्ग कभी आगे न बढ़ पाए। पर अब जब मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का मास्टर स्ट्रोक चल दिया है तो राजनीतिक हलकों में इसे मोदी सरकार की विपक्ष पर पॉलिटिकल स्ट्राइक की संज्ञा दी जा रही है जबकि विपक्षी दलों में अब जाति जनगणना के निर्णय का श्रेय लेने की होड़ सी मच गई है।
दरअसल मोदी सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब विपक्षी दलों को इसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। सबका ध्यान पहलगाम आतंकी हमले पर था और विपक्ष मोदी सरकार के साथ खड़ा था। इस निर्णय को बिहार के आगामी चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां तेजस्वी यादव और राहुल गांधी जातिगत जनगणना को अपना प्रमुख चुनावी एजेंडा बना कर मोदी- नीतीश को चुनाव के मैदान में शिकस्त देना चाह रहे थे।
अब सवाल यह है कि इस जातिगत जनगणना का अगर सार्थक इस्तेमाल नहीं हो पाया तो इससे देश में मतभेद और बढ़ सकते हैं। समाज के लिए यह विभेदकारी और वैमनस्यता बढ़ाने वाली भी बन सकती है। यह कड़वा सच है कि इस देश की राजनीति सदा से ही धर्म और जातियों के इर्द-गिर्द अपना ताना-बाना बुनती आ रही है। पिछड़ा वर्ग एक बड़ा वोट बैंक है। सभी उसे लुभाने के लिए आरक्षण की हदें पार कर देना चाहते हैं। यह किसी भी दृष्टि से देशहित में नहीं होगा। यह जरूरी है कि समाज में जो पिछड़े हैं, उन्हें आगे बढ़ने के हर वो अवसर मिलने चाहिए जिन पर उनका हक है पर कहीं ऐसा न हो कि आरक्षण देने की होड़ में योग्यता की अहमियत को बिल्कुल हाशिये पर न डाल दिया जाए। हमारे मनीषियों ने हमें योग्यता की कद्र करने का जो मूल मंत्र दिया था; राजनीति के फेर में उसको भुलाना नहीं चाहिए। समाज सुधारक के रूप में विख्यात
संत काव्यधारा के प्रमुख कवि कबीर दास जी का नाम इस समय याद आना स्वाभाविक है। कबीरदास जी ने धर्म का सम्बन्ध सत्य से जोड़कर समाज में व्याप्त रूढ़िवादी परम्परा का खण्डन किया। वह कहते हैं कि ‘जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिए ज्ञान’ यानी कि साधु की कोई जाति नहीं होती है। उसकी जाति नहीं पूछनी चाहिए। साधु का ज्ञान जात–पात से परे होता है। किसी भी व्यक्ति की विद्वता उसका ज्ञान है जो उसके जात-पात के बंधनों से मुक्त होता है। अत: आवश्यकता इस बात की भी है कि हमें जातिगत जनगणना के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों तथा सभी के लिए विकास के समान अवसर भी सुनिश्चित करने होंगे। तभी जातिगत जनगणना का मकसद सार्थक हो सकेगा और सामाजिक समरसता कायम रहेगी। अब जल्द से जल्द जनगणना करना भी आवश्यक है। कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में होने वाली दशकीय जनगणना को टाल दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आंकड़ों के मुताबिक 2011 में जब भारत में पिछली जनगणना हुई थी तब हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 1.8 लाख करोड़ डॉलर था। बहुत संभव है कि जब तक इस जातीय जनगणना की प्रक्रिया पूरी होगी अथवा उसके परिणाम आने शुरू होंगे, तब तक भारत पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका होगा और यह एकदम अलग देश होगा। ऐसे में इसके नतीजों के आधार पर नीतियों को बनाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation