मुंबई। महाराष्ट्र सरकार राज्यभर के सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, आश्रम स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत व बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी जिलों को इस संबंध में समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इस अभियान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र, आईटीआई और तकनीकी शिक्षा संस्थान भी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। जिलों को छह महीने, एक साल और तीन से चार साल की अवधि के लिए अलग अलग कार्ययोजनाएं बनानी होंगी। इसके तहत तत्काल मरम्मत के कामों को लंबी अवधि वाली बड़ी निर्माण परियोजनाओं से अलग रखा जाएगा। अभियान के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी जाएगी। जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और संबंधित शहरी निकायों के आयुक्त या मुख्य अधिकारी सह-निदेशक के रूप में काम करेंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, सामाजिक न्याय और तकनीकी शिक्षा विभागों के अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और काम की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया। सरकार मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए जिला योजना समिति, विभिन्न सरकारी योजनाओं, कंपनियों के सामाजिक उत्तरदायित्व कोष और अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों से राशि जुटाने पर विचार करेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए कम समय में तैयार होने वाले वैकल्पिक निर्माण मॉडल अपनाने का सुझाव भी दिया गया है।
किराए के भवनों की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने किराये के भवनों में चल रहे छात्रावासों, आश्रम स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया। इसमें विद्यार्थियों के रहने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता जांची जाएगी। जरूरत के अनुसार नए पट्टा मॉडल के जरिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने पर भी विचार होगा।














