चेन्नई। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने द्रविड़ कड़गम (डीके) के संस्थापक ई.वी. रामासामी नाइकर, यानी पेरियार की समाज सुधार की विरासत और अपनी खुद की वैचारिक स्थिति के बीच एक स्पष्ट रेखा खींची है। उन्होंने कहा कि वह द्रविड़ नेता द्वारा महिलाओं की आज़ादी और जाति-प्रथा को खत्म करने की वकालत को तो मानते हैं, लेकिन उनके नास्तिक होने और ब्राह्मण-विरोधी रुख को ‘पूरी तरह से नकारते’ हैं।
यह स्पष्टीकरण पेरियार की 147वीं जयंती पर अन्नामलाई द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देने के कुछ दिनों बाद आया है।














