ब्लिट्ज ब्यूरो
जापानी एजेंसी ने भारत की रेटिंग बढ़ाई
जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) ने भारत की लंबी अवधि की रेटिंग ‘बीबीबी+’ से बढ़ाकर ‘ए−’ कर दी है। देश की सीमा-रेटिंग भी एक पायदान चढ़कर ‘ए’ हो गई। आउटलुक स्थिर है। एजेंसी ने वजह बताई — निजी उपभोग और सरकारी निवेश से टिकी ऊंची विकास दर, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, जीएसटी, और खर्च का पूंजीगत निवेश की तरफ झुकाव। एजेंसी ने यह भी दर्ज किया कि केंद्र का राजकोषीय घाटा 2024-25 के 4.7 फीसदी से घटकर 2025-26 में 4.4 फीसदी रह गया।
———-
एनआरआई जमा से 127 अरब डॉलर आए
रिजर्व बैंक की विशेष डॉलर-रुपया स्वैप खिड़की 31 अगस्त को बंद हुई। कुल करीब 136.4 अरब डॉलर आए, जिनमें अकेले एफसीएनआर(बी) यानी अनिवासी भारतीयों की विदेशी मुद्रा जमा से करीब 127.2 अरब डॉलर आए। यह कुल राशि का 93.29 फ़ीसदी है। ये जमा तीन से पांच साल के लिए हैं
अगस्त में जीएसटी कलेक्शन दो लाख करोड़ के करीब
अगस्त, 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 1,99,853 करोड़ रुपये रहा, जबकि अगस्त 2025 में यह 1,74,116 करोड़ था। यानी 14.78 फ़ीसदी की बढ़त।










