नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अंतर्गत अब कोई भी राजनीतिक दल, संगठन आदि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। धरने, प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन नए स्थल- रामलीला मैदान, बुराड़ी, सीबीडी ग्राउंड तय किए हैं।
बीते कुछ दिनों से मध्य दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते आमजन को काफी दिक्क तों का सामना करना पड़ा है। इस बीच व्यापारिक संगठनों ने भी व्यापार प्रभावित होने की बात कही थी।
रैली स्थलों के लिए विस्तृत आदेश जारी
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में धरना-प्रदर्शन और रैलियों के आयोजन को लेकर एक संशोधित और विस्तृत आदेश जारी किया है।
इसके तहत अब जंतर-मंतर के स्थान पर तीन अन्य स्थलों को आधिकारिक रूप से धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित कर दिया गया है। इस आदेश में कोई तारीख अंकित नहीं है। इसका अर्थ है कि यह आदेश हमेशा के लिए प्रभावी रहेगा।
संसद की सुरक्षा बनी फैसले की वजह
दिल्ली पुलिस के अधिकारी का कहना है कि नई दिल्ली जिले में संसद, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास आदि तमाम वीवीआईपी की सुरक्षा दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनती जा रही थी। जंतर-मंतर से चंद कदम की दूरी पर संसद भवन है। बीते जुलाई में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान उपद्रवी प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में घुसने की कोशिश की थी।
कुछ राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास पर जाकर धरना देने की कोशिश की थी। सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को दिल्ली को बंधक बनने के मामले ने केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट को भी हैरान कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा के बाद फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शनों के बारे में विचार करने व इसकी विस्तृत समीक्षा करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि समीक्षा के दौरान यह भी ध्यान रखा जाए कि प्रदर्शन स्थल से लोगों को दिक्क त न आए और प्रदर्शनकारियों के प्रजातांत्रिक अधिकार भी सुरक्षित रहें।
जिसके बाद गृह मंत्रालय में इसको लेकर एक कमेटी बनाई गई। कमेटी ने करीब दो माह तक सभी पहलुओं को देखते हुए पुलिस आयुक्त को इस संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश कर स्थायी आदेश जारी करने का निर्देश दिया। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने ऑर्डर जारी कर कहा कि कोई भी पार्टी, संगठन या अन्य जंतर मंतर पर प्रदर्शन नहीं कर सकेगा।














