• Latest
  • Trending
भारत को सिर्फ बाजार नहीं मानतीं जर्मन कंपनियां: गोयल

भारत को सिर्फ बाजार नहीं मानतीं जर्मन कंपनियां: गोयल

October 31, 2026
वाहनों को 100% इथेनॉल से चलाने का प्रयोग तो पांच दशक पहले हो चुका

वाहनों को 100% इथेनॉल से चलाने का प्रयोग तो पांच दशक पहले हो चुका

October 31, 2026
केरल लोकभवन की रसोई में बनेगा सिर्फ शाकाहारी भोजन

केरल लोकभवन की रसोई में बनेगा सिर्फ शाकाहारी भोजन

October 31, 2026
सबरीमाला मंदिर को मिले नए मुख्य पुजारी

सबरीमाला मंदिर को मिले नए मुख्य पुजारी

October 31, 2026
metro

चेन्नई मेट्रो फेज 2 की सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी

October 31, 2026
धूम्रपान नुकसान

हर कश के साथ घटती जिंदगी

October 31, 2026
सेना को एक ही खेप में मिले 450 'नागास्त्र-1आर' ड्रोन

सेना को एक ही खेप में मिले 450 ‘नागास्त्र-1आर’ ड्रोन

October 31, 2026
₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को DAC की मंज़ूरी

रक्षा मंत्रालय ने की 4,106 करोड़ की डिफेंस डील

October 31, 2026
एचएएल ने की 2,000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी : राजनाथ

एचएएल ने की 2,000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी : राजनाथ

October 31, 2026
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली का लक्ष्य

2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली का लक्ष्य

October 31, 2026
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा लक्ष्य में झारखंड की अहम भूमिका

यूरेनियम उत्पादन में झारखंड की 24 फीसदी हिस्सेदारी

October 31, 2026
सुप्रीम कोर्ट

एसआईआर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब दिवाली के बाद

October 31, 2026
सुप्रीम कोर्ट

ठगी होने पर बैंक को लौटाना पड़ेगा पैसा!

October 31, 2026
Saturday, October 31, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत को सिर्फ बाजार नहीं मानतीं जर्मन कंपनियां: गोयल

by ब्लिट्ज़ इंडिया
October 31, 2026
in the blitz
0
भारत को सिर्फ बाजार नहीं मानतीं जर्मन कंपनियां: गोयल

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी के बर्लिन में भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत अब जर्मन कंपनियों के लिए सिर्फ सामान बेचने का बाजार नहीं रह गया है। जर्मनी भारत को मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और नई तकनीक विकसित करने के बड़े केंद्र के रूप में देख रहा है। जर्मनी की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की प्रतिभा मिलकर दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं।

विदेशों में काम कर रहे भारतीयों को वापस लाने की तैयारी
पीयूष गोयल ने विदेशों में काम कर रहे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को देश लौटने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार उद्योग जगत, विश्वविद्यालयों और प्रमुख शोध संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगी। कोशिश होगी कि भारत में ऐसा माहौल तैयार किया जाए, जहां प्रतिभाशाली लोगों को अपने काम को आगे बढ़ाने के बेहतर अवसर मिलें।

YOU MAY ALSO LIKE

हर कश के साथ घटती जिंदगी

माता-पिता को खोया बहन ने दिया साथ

सिर्फ अच्छी सैलरी से नहीं बनेगी बात
मंत्री ने बताया कि भारतीय शोधकर्ताओं से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि वे देश लौटने के लिए किन सुविधाओं की उम्मीद करते हैं। उनके मुताबिक, प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने के लिए केवल अच्छा वेतन देना काफी नहीं है। बेहतर प्रयोगशालाएं, आधुनिक उपकरण, शोध के लिए जरूरी संसाधन और उद्योगों से जुड़कर काम करने के मौके भी उतने ही जरूरी हैं।

भारत के पास तकनीक में आगे बढ़ने का मौका
गोयल ने कहा कि भारत की युवा आबादी, कुशल पेशेवर और वैज्ञानिक प्रतिभा देश को कई तकनीकी क्षेत्रों में आगे ले जा सकती है। इसके लिए जरूरी है कि उद्योग और शोध संस्थान मिलकर नई तकनीक विकसित करें और उसे बाजार तक पहुंचाएं। उन्होंने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, बैटरी, लॉजिस्टिक्स और कृषि को सहयोग के अहम क्षेत्र बताया।

बर्लिन दौरे के दौरान गोयल ने जर्मन कंपनियों और शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने जर्मनी के फ्रॉनहोफर संस्थानों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां करीब 22,000 वैज्ञानिक काम करते हैं और इनका बजट दो अरब यूरो से अधिक है। उन्होंने कहा कि शोध को प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय उसका इस्तेमाल उद्योगों और आम लोगों के फायदे के लिए किया जाना चाहिए।

2047 के लक्ष्य में मिलेगी मदद
गोयल के मुताबिक, जर्मनी में भारतीय मूल के करीब 3.3 लाख लोग रहते हैं। इसके अलावा वहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते निवेश, तकनीक और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। भारत और जर्मनी की साझेदारी देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में भी मददगार हो सकती है। पीयूष गोयल 22 से 24 अक्टूबर तक जर्मनी और 24 से 27 अक्टूबर तक नीदरलैंड के दौरे पर रहे।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation