ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।भारत रविवार को लॉर्ड्स में 27 रन से पीछे रह गया, और इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 2–1 से जीत ली — 2018 के बाद भारत के खिलाफ उसकी पहली वनडे सीरीज़ जीत। इंग्लैंड के 387 रन के जवाब में भारत ने 360 रन (7 विकेट) बनाए, पर तेज़ शुरुआत पर खड़े इस विशाल स्कोर को पार नहीं कर सका। फिर भी शाम की सबसे यादगार तस्वीर भारतीय रही — रोहित शर्मा के 138 रन, जो लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक जड़ने वाले पहले भारतीय पुरुष बने, और यह उनके वनडे करियर का 34वां शतक था।
यह मुकाबला रनों की बरसात रहा। बेन डकेट ने 141 और जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए — 2023 के बाद इंग्लैंड की पहली शतकीय सलामी साझेदारी — और फिर जो रूट (नाबाद 74) तथा जोस बटलर (नाबाद 41) ने मेज़बान टीम को भारत के खिलाफ उसके सबसे बड़े वनडे स्कोर तक पहुंचाया; बेथेल ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे। भारत की पारी में जज़्बे की कमी नहीं थी — रोहित के शतक के साथ कप्तान शुभमन गिल के 77 और विराट कोहली के 74 रन ने पीछा देर तक ज़िंदा रखा, पर तेज़ आउटफील्ड पर बढ़ता रन-रेट भारी पड़ गया।
ऑनर्स बोर्ड पर इतिहास: इंग्लैंड ने लॉर्ड्स का फैसला 27 रन से जीतकर सीरीज़ 2–1 की — पर रोहित शर्मा के 138 रन ने उन्हें यहां वनडे शतक जड़ने वाला पहला भारतीय बना दिया।
एक ही पारी में सीरीज़ हाथ से निकली और एक कीर्तिमान बन गया। स्कोरबोर्ड विजेता का नाम बताता है; असली कहानी उस बल्लेबाज़ी क्रम की है जो आख़िर तक लड़ता रहा।
एक नज़र में
• नतीजा: इंग्लैंड 27 रन से जीता; सीरीज़ इंग्लैंड के नाम 2–1
• इंग्लैंड: 387/3 (डकेट 141, बेथेल 91, रूट 74*, बटलर 41*)
• भारत: 360/7 (रोहित 138, गिल 77, कोहली 74)
• कीर्तिमान: लॉर्ड्स में वनडे शतक जड़ने वाले पहले भारतीय पुरुष रोहित
विदेशी दौरे पर हार कभी अच्छी नहीं लगती, पर इसमें आगे बढ़ने लायक बहुत कुछ है। भारत ने पूरी ताकत वाले इंग्लैंडी आक्रमण के सामने तीन विकेट बाकी रहते 360 रन का पीछा किया, तीन वरिष्ठ बल्लेबाज़ों ने अर्धशतक लगाए, और गिल की अगुवाई वाली नई-नवेली टीम ने वही गहराई और तेवर दिखाए जो उसकी पहचान बन चुके हैं। इंग्लैंड उस दिन बस बेहतर खेला — और जो मेहमान टीम एक मैच, एक सीरीज़ हारकर भी इतना दम दिखा दे, वह उसे ठीक करने से ज़्यादा दूर नहीं होती।
सीधी बात यह है कि खेल की जीवटता किस्मत नहीं, धीरज से बने सिस्टम की उपज है — कोचिंग की राह, प्रतिभा की खोज, और वह बेंच स्ट्रेंथ जो किसी टीम को एक झटका सहकर फिर खड़ा होने देती है। भारत की सफेद गेंद वाली क्रिकेट गहरी, निडर और युवा प्रतिभा से भरी है, और इंग्लैंड में बिताया एक कठिन हफ्ता ठीक वही परीक्षा है जो एक अच्छी टीम को बेहतरीन बनाती है। लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अब एक भारतीय नाम दर्ज है; अगला काम उसके साथ सीरीज़ ट्रॉफी जोड़ना है।














