• Latest
  • Trending

बढ़ रहा छद्म युद्ध, खुफिया एजेंसियों की बढ़ीं चुनौतियां

September 20, 2024
अब गांव खुद बनाएंगे अपनी विकास योजना

अब गांव खुद बनाएंगे अपनी विकास योजना

October 29, 2026
गरीबी घटी, अब कमाई बढ़ाने की बारी

गरीबी घटी, अब कमाई बढ़ाने की बारी

October 28, 2026
ब्रिक्स से किसान आईडी तक भारत की 10 बड़ी खबरें

ब्रिक्स देशों की संसदें दिल्ली में जुटीं

October 27, 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

ब्रिक्स मंच से निर्यात और जीएसटी तक भारत की बड़ी खबरें

October 26, 2026
daily-news

साप्ताहिक समाचार डायरी 19–25 अक्टूबर 2026: 11 करोड़ फार्मर आईडी | Blitz India Media

October 25, 2026
सरिया एक साल में 26% महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सरिया एक साल में 26 फीसदी महंगा

October 24, 2026
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, 22 अक्टूबर 2026 · फोटो : पीएमओ इंडिया

पोलैंड से दोगुना कारोबार, 12.7 अरब डॉलर

October 23, 2026
village

गांव-घर तक पहुंचा विकास, रफ्तार की परीक्षा बाकी

October 22, 2026
गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी समिति

गन्ने की तौल और रिकवरी जांचेगी नई समिति

October 21, 2026
export

यूएई से कारोबार 100 अरब डॉलर पार

October 20, 2026
न्यूजीलैंड एफटीए

न्यूजीलैंड में भारतीय सामान पर अब ड्यूटी नहीं

October 20, 2026
ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

ब्लूमबर्ग ने देखा सशक्त भारत का ट्रेलर

October 19, 2026
Friday, October 30, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बढ़ रहा छद्म युद्ध, खुफिया एजेंसियों की बढ़ीं चुनौतियां

by ब्लिट्ज़ इंडिया
September 20, 2024
in the blitz
0
सिंधु झा

भैतिक संसाधन, संवेदनशील कार्य में लगी मानव शक्ति और संगठन के पास मौजूद विशेष जानकारी को सहेज कर रखना राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रमुख लक्ष्य माना गया है। दुश्मन के गुप्त हमलों यानी तोड़फोड़, विध्वंस और जासूसी से बचाना राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य में शामिल किया गया है। सुरक्षा का उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है जब ऐसे अदृश्य हमलों के पीछे की योजनाओं के बारे में लगातार जानकारी मिलती रहे।

जानकार बताते हैं कि शीत युद्ध के बाद खुले युद्ध की जगह सीमा पार से आतंकवादी हमलों के माध्यम से छद्म युद्ध को बढ़ावा मिलने, विद्रोहों के लिए गुप्त प्रचार के लिए सोशल मीडिया के प्रयोग तथा साइबर हमलों की शुरुआत के कारण, मानव खुफिया तथा तकनीकी खुफिया दोनों ही क्षेत्रों में खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

अब गांव खुद बनाएंगे अपनी विकास योजना

गरीबी घटी, अब कमाई बढ़ाने की बारी

प्रॉक्सी युद्ध के नए आयाम
प्रॉक्सी युद्ध ने नए आयाम हासिल कर लिए हैं, जैसे कि किसी सरकार के पक्ष या विपक्ष में राय को प्रभावित करने के लिए नागरिक समाज मंचों और लॉबी का उपयोग, विशेष आख्यान का निर्माण, प्रतिद्वंद्वी की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधाएं उत्पन्न करना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण रक्षा और नागरिक प्रणालियों को निष्क्रिय करने के लिए साइबरस्पेस की तकनीकी पैंतरेबाजी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जो सूचना प्रौद्योगिकी की एक परम उन्नति का प्रतिनिधित्व करती है, ने सुरक्षा खतरों को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है तथा शासन, नीति-निर्माण और क्षमता निर्माण में बुद्धिमत्ता की भूमिका को पुनः परिभाषित किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल सुरक्षा एजेंसियों का कार्य नहीं रह गया है, क्योंकि असुरक्षित विश्व में राज्य को भी अपने लोगों के जीवन की सुरक्षा करनी होती है तथा उस कर्तव्य के निर्वहन में उनकी सहायता लेनी होती है।

खुफिया विभाग के सामने अतिरिक्त चुनौती
आज खुफिया विभाग को एक अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बाहरी खतरे वर्तमान में आंतरिक सुरक्षा के लिए प्रमुख खतरा बन गए हैं। देश के खिलाफ खासकर चीन-पाक धुरी की गुप्त कार्रवाइयां, चुनौती बनी हुई हैं। रक्षा सूत्रों के अनुसार सेना खुफिया जानकारी आधारित अभियान चलाती है , जिससे एजेंसियों का काम और अधिक कठिन हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में सेना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है तथा वहां तैनात अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर ऑपरेशनल कार्य करने में सक्षम हुई है।

पुलिस बलों के बीच प्रभावी ग्रिड
केंद्र ने केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के बीच एक प्रभावी ग्रिड भी सफलतापूर्वक स्थापित किया है। आतंकवाद- रोधी अभियानों में पुलिस की भूमिका काफी बढ़ गई है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation