• Latest
  • Trending
हरियाणा में चलाया स्वच्छता अभियान

सीवर में एक भी मौत नहीं — ‘मिशन ज़ीरो’ का लक्ष्य

August 23, 2026
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Wednesday, September 16, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सीवर में एक भी मौत नहीं — ‘मिशन ज़ीरो’ का लक्ष्य

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 23, 2026
in the blitz
0
हरियाणा में चलाया स्वच्छता अभियान

सफ़ाई कर्मचारी की सुरक्षा पर बात अकसर संवेदना से शुरू होकर संवेदना पर ही ख़त्म हो जाती है। भुवनेश्वर में आज जो सम्मेलन शुरू हुआ, उसका लक्ष्य एक संख्या है — शून्य।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज भुवनेश्वर में दूसरे राष्ट्रीय गरिमा सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। सम्मेलन का विषय है — ‘मिशन ज़ीरो: सफ़ाई कार्य में मौतों का अंत’। इसी विषय पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 22 अगस्त को राष्ट्रीय कार्यशाला भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नमस्ते जैसी योजनाएँ सीवर और सेप्टिक टैंक की सफ़ाई में मशीनीकरण और सुरक्षित तरीक़ों को आगे बढ़ा रही हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

मशीन ही असली सुरक्षा है। मिशन ज़ीरो का पूरा तर्क यही है कि आदमी को गड्ढे में उतारने की ज़रूरत ही न पड़े — सुरक्षा उपकरण उसके बाद की बात है, पहली बात मशीन है।
नमस्ते योजना 2031 तक बढ़ा दी गई है। किसी योजना को पाँच साल आगे बढ़ाना यह मानना है कि काम अभी अधूरा है — और यही ईमानदार शुरुआत है।

एक नज़र में

• आयोजन: दूसरा राष्ट्रीय गरिमा सम्मेलन 2026, भुवनेश्वर
• उद्घाटन: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, 23 अगस्त 2026
• विषय: मिशन ज़ीरो — सफ़ाई कार्य में मौतों का अंत
• राष्ट्रीय कार्यशाला: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, 22 अगस्त 2026
• नमस्ते योजना: 2031 तक बढ़ाई गई
• तरीक़ा: आपातकालीन प्रतिक्रिया सफ़ाई इकाइयाँ (ईआरएसयू)
• सम्मेलन में: उन्नत सफ़ाई मशीनों की प्रदर्शनी; सफ़ाई कर्मचारियों को पीएम आवास योजना के कार्यादेश; दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को बीमा सहायता

सम्मेलन में क्या-क्या हुआ, यह भी बताता है कि नीति किस दिशा में जा रही है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित और मशीनीकृत सफ़ाई के उपकरणों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, सफ़ाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्यादेश सौंपे, और दिवंगत सफ़ाई कर्मचारियों के परिवारों को बीमा योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी। तीनों काम अलग-अलग दिखते हैं, पर एक ही सोच से निकले हैं — इस पेशे में सुरक्षा अकेली नहीं चलती; उसके साथ घर, बीमा और सम्मान भी चलना चाहिए।

नमस्ते — यानी राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्ययोजना — का मक़सद शुरू से यही रहा है कि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफ़ाई मशीन से हो, आदमी के हाथ से नहीं। इसे 2031 तक बढ़ाया जाना अपने आप में एक स्वीकारोक्ति है कि काम बाक़ी है, और यही इसकी सबसे भरोसेमंद बात है। इसका ढाँचा आपातकालीन प्रतिक्रिया सफ़ाई इकाइयों पर टिका है — शहर स्तर पर तैयार टीमें, जिनके पास मशीन, प्रशिक्षण और बुलावे पर पहुँचने की व्यवस्था हो, ताकि जब कहीं टैंक खोलना पड़े तो कोई ठेकेदार आस-पास से मज़दूर पकड़कर न उतार दे।

आगे का रास्ता तीन चीज़ों से बनेगा। पहली — हर शहरी निकाय के पास काम करने वाली मशीन हो, सिर्फ़ ख़रीदी हुई मशीन नहीं; उपकरण खड़ा रहे तो उसका होना न होने के बराबर है। दूसरी — ठेके की शर्तों में यह साफ़ लिखा हो कि मशीन के बिना काम कराना अनुबंध का उल्लंघन है, क्योंकि ज़्यादातर हादसे ठेके की सबसे निचली कड़ी पर होते हैं। तीसरी — हर घटना का रिकॉर्ड सार्वजनिक हो। जो गिना नहीं जाता, वह सुधरता भी नहीं। ‘मिशन ज़ीरो’ नाम में एक संख्या है, और संख्या वाला लक्ष्य इसीलिए अच्छा होता है कि उसे हर साल जाँचा जा सकता है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation