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12वीं में मैथ्स न होने पर भी करें बीकाम ऑनर्स

- दो डोमेन विषय और दो भाषाएं चुनने की इजाजत देगा डीयू

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 21, 2025
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ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय बीए कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को एक भाषा व तीन डोमेन विषय फार्मूले (वर्तमान में लागू) के स्थान पर दो डोमेन विषय और दो भाषाएं चुनने की इजाजत देगा। डीयू शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक एडमिशन को लेकर अपना इंफोर्मेशन बुलेटिन जारी कर चुका है। दाखिले सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर होंगे। ये दाखिले कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) के जरिए होंगे। डीयू एडमिशन की गाइडलाइंस में यह बात भी सामने आई है कि जिन छात्रों ने 12वीं कक्षा में गणित नहीं पढ़ा है, वे अब दूसरे सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन कैटेगरी के तहत बीकॉम (ऑनर्स) कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। यानी अगर आपने 12वीं में अकाउंट्स पढ़ा है और मैथ्स नहीं पढ़ा है तो भी आप बीकॉम ऑनर्स ले सकेंगे।
दो कॉम्बिनेशन
डीयू वर्ष 2022 से अपने कई यूजी कोर्सेज के लिए दो कॉम्बिनेशन विषय सिस्टम ऑफर कर रहा है। 2022 से ही डीयू ने यूजी कोर्सेज में दाखिले के लिए सीयूईटी यूजी को अपनाया था। कॉमर्स कोर्स के मामले में पहले कॉम्बिनेशन में लिस्ट ए से एक लैंग्वेज, मैथ्स या एप्लाइड मैथ्स और लिस्ट बी से कोई दो विषय आवश्यक हैं। दूसरे विषय कॉम्बिनेशन, जिसे कायम रखा गया है, में लिस्ट ए से एक लैंग्वेज, अकाउंटेंसी या बुककीपिंग और लिस्ट बी से कोई दो विषय जरूरी हैं। इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि बीकॉम (ऑनर्स) में प्रवेश के लिए दूसरे विषय कॉम्बिनेशन को समाप्त किया जा सकता है लिस्ट ए में 14 भाषाएं और लिस्ट बी में 23 डोमेन-विशिष्ट विषय शामिल हैं।
इस बार शर्तें और ज्यादा आसान हुईं
लैंग्वेज बेस्ड कोर्सेज के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी इस बार शर्तें और ज्यादा आसान हुई हैं। कुछ बीए (ऑनर्स) कोर्सेज की पात्रता मानदंड में एक बड़े बदलाव के तहत उम्मीदवार अब सूची ए से एक के बजाय दो भाषाओं और अपने विषय कॉम्बिनेशन के हिस्से के रूप में तीन डोमेन विषयों का विकल्प चुन सकते हैं।
एडिशन डीन हनीत गांधी ने कहा, ‘कुछ अंडर ग्रेजुएट बीए कोर्सेज में, उदाहरण के लिए इतिहास और साइकोलॉजी, अन्य के अलावा, इस बार हमने एक नया नियम जोड़ा है। पहले छात्र एक भाषा और तीन डोमेन विषय चुन सकते थे, लेकिन इस बार छात्र दो भाषाएं और दो विषय भी चुन सकते हैं।’
एक और बदलाव
उन्होंने कहा, ‘साइंस पाठ्यक्रमों के लिए एक और बदलाव यह है कि जिन छात्रों के पास भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (पीसीएम) था, उन्हें भाषा के पेपर में भी न्यूनतम 30 फीसदी अंक प्राप्त करने होते थे। इस बार हमने इस नियम को हटा दिया है क्योंकि छात्रों को सीयूईटी के लिए लिस्ट ए से किसी एक भाषा के पेपर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना है।’
12वीं में विषय पढ़ा होना जरूरी
दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश सीयूईटी 2025 में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करनी आवश्यक है। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को सीयूईटी यूजी 2025 में उन्हीं विषयों में उपस्थित होना होगा, जिनमें उसने 12वीं कक्षा में पढ़ाई की है।

इस बार 23 डोमेन विषय दिए गए
– लेखा, बहीखाता
– कृषि
– मानव विज्ञान
– जीव विज्ञान / जैव प्रौद्योगिकी / जैव रसायन
– व्यापार अध्ययन
– रसायन विज्ञान
• पर्यावरण अध्ययन / पर्यावरण विज्ञान
– कंप्यूटर विज्ञान / सूचना अभ्यास
• अर्थशास्त्र/ व्यापार अर्थशास्त्र
– ललित कला / दृश्य कला / वाणिज्य कला
– भूगोल / भूविज्ञान
– इतिहास
– गृह विज्ञान
– ज्ञान परंपरा भारत में अभ्यास
– मास मीडिया / मास कम्यूनिकेशन
– मास मीडिया / मास कम्यूनिकेशन
– गणित / अनुप्रयुक्त गणित
– प्रदर्शन कला (नृत्य, नाटक, संगीत)
शारीरिक शिक्षा (योग, खेल)
• भौतिकी
– राजनीति विज्ञान
– मनोविज्ञान
– संस्कृत
– समाजशास्त्र
डीयू ने स्पष्ट किया है कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल), नॉन-कॉलेजिएट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) और विदेशी छात्रों के लिए यह प्रक्रिया अलग होगी। डीयू में दाखिला शाखा की बैठक के बाद यह दिशा निर्देश (प्रॉस्पेक्टस) जारी किया गया है।
यदि उम्मीदवार का विषय सीयूईटी (यूजी) में उपलब्ध नहीं है, तो उसे संबंधित भाषा या डोमेन स्पेसिफिक विषय में परीक्षा देनी होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र ने कक्षा 12 में बायोकेमिस्ट्री पढ़ी है, तो उसे सीयूईटी में बायोलॉजी विषय चुनना होगा।
छात्र एक समय में दो नियमित डिग्री प्रोग्राम नहीं कर सकता। हालांकि, वे पार्ट-टाइम डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकता है। सीयूईटी में शामिल होने के बाद छात्रों को सामान्य सीट आवंटन प्रणाली (सीसैस-यूजी 2025) के माध्यम से आवेदन करना

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