• Latest
  • Trending
Discovery of an enzyme that can break down plastic

प्लास्टिक को नष्ट करने वाले एंजाइम की खोज

April 10, 2025
भारत भूजल पुनर्भरण

448 अरब घन मीटर: भूजल की लड़ाई भारत धीरे-धीरे जीत रहा है — पर सबसे तेज़ी वहीं नहीं, जहां सबसे ज़्यादा ज़रूरत है

July 31, 2026
mission Gaganyaan

तीन परीक्षण जिन्हें कोई नहीं देखता — और जिन पर तय होता है कि यात्री सुरक्षित लौटेगा या नहीं

July 31, 2026
United-Kingdom-Parliament

भारत–ब्रिटेन समझौते के दो हफ़्ते: 99% निर्यात पर शुल्क शून्य होने से असल में बदलता क्या है

July 31, 2026
The-Sabarmati-riverfront-in-Ahmedabad,-Gujarat

गुजरात पर रेड अलर्ट, अहमदाबाद में स्कूल बंद — और महीना आंकड़ों में जितना दिखता है, उससे ज़्यादा सूखा

July 31, 2026
Commonwealth-Games

एक ही फ़ाइनल में भारत के तीन भाला फेंक खिलाड़ी — यह आंकड़ा किसी एक थ्रो से बड़ा है

July 31, 2026
5.5% और 16.2%: भारत में नौकरियों की कमी नहीं है, उम्र का मेल नहीं बैठ रहा है

5.5% और 16.2%: भारत में नौकरियों की कमी नहीं है, उम्र का मेल नहीं बैठ रहा है

July 30, 2026
vikram

वह रडार जो ज़मीन का खिसकना देख लेता है: निसार के पहले साल से भारत को क्या मिला

July 30, 2026
Federal-Reserve-board

वॉशिंगटन में तीन अधिकारी ब्याज दर बढ़ाना चाहते थे — और यह ख़बर मुंबई तक सुबह से पहले पहुंच गई

July 30, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

40% की कमी से 15% तक: एक मुश्किल मानसून ने ख़ुद को कगार से वापस खींच लिया

July 30, 2026
Commonwealth-Games

10.71 और 10.83 सेकंड: राष्ट्रमंडल की एक फ़र्राटा दौड़ में भारत के दो खिलाड़ी पहले-दूसरे स्थान पर रहे

July 30, 2026
jal-jeevan-mission-jal-suraksha

नल लग गया। अब असली सवाल यह है कि उसमें पानी रोज़ आता है या नहीं, और वह पीने लायक़ है या नहीं

July 29, 2026
solar

छह महीने में 29 गीगावाट: छत पर लगे सोलर ने भारत की हरित रफ़्तार को वह गति दे दी जो 2030 के लक्ष्य के लिए चाहिए थी

July 29, 2026
Friday, July 31, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

प्लास्टिक को नष्ट करने वाले एंजाइम की खोज

- चींटियों के जबड़े की तरह काम करते हैं एंजाइम

by ब्लिट्ज़ इंडिया
April 10, 2025
in the blitz
0
Discovery of an enzyme that can break down plastic

YOU MAY ALSO LIKE

448 अरब घन मीटर: भूजल की लड़ाई भारत धीरे-धीरे जीत रहा है — पर सबसे तेज़ी वहीं नहीं, जहां सबसे ज़्यादा ज़रूरत है

तीन परीक्षण जिन्हें कोई नहीं देखता — और जिन पर तय होता है कि यात्री सुरक्षित लौटेगा या नहीं

डा. सीमा द्विवेदी

नई दिल्ली। प्लास्टिक कचरा पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है पर चीन के वैज्ञानिकों ने कचरा स्थलों से ऐसे एंजाइम ढूंढ़ लिए हैं जो प्लास्टिक को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यही रफ्तार रही तो 2050 तक धरती पर करीब 1,100 करोड़ मीट्रिक टन प्लास्टिक जमा हो सकता है लेकिन ये नए एंजाइम इस समस्या को हल करने में उपयोगी हो सकते हैं। शोध चीन के अनहुई विवि और अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने किया है और इसके नतीजे पीएनएएस नेक्सस नामक जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार एंजाइम और सूक्ष्मजीवों की मदद से प्लास्टिक को तोड़ना और पुनः उपयोग में लाना एक कारगर उपाय हो सकता है। अध्ययन में लियान सोंग और उनकी टीम ने मेटाजीनोमिक्स और मशीन लर्निंग तकनीकों की सहायता ली। इनकी मदद से उन्होंने दुनियाभर के लैंडफिल से प्लास्टिक को तोड़ने वाले बायोकैटेलिटिक एंजाइम इकट्ठा किए। बायोकैटेलिटिक एंजाइम प्राकृतिक प्रोटीन होते हैं। ये जो प्लास्टिक को छोटे और सरल अणुओं में तोड़ते हैं। इससे प्लास्टिक को तेजी से नष्ट करना और रिसायकल करना संभव होता है।
प्लास्टिक में मौजूद पॉलिमर को
सूक्ष्म कणों में बदल देते हैं एंजाइम
शोधकर्ताओं का मानना है कि इन एंजाइमों में प्लास्टिक नष्ट करने की बड़ी क्षमता है। ये एंजाइम, प्लास्टिक में मौजूद पॉलिमर को छोटे-छोटे मोनोमर्स में तोड़ते हैं। एक तरह से यह एंजाइम चींटियों के जबड़े की तरह काम करते हैं। कुछ मामलों में ये प्लास्टिक को 24 घंटे से भी कम वक्त में तोड़कर मोनोमर्स में बदल देते हैं। ये एंजाइम, लैंडफिल में जमा हो रहे प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद करते हैं और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
भारत समेत कई देशों से लिए गए नमूने
शोधकर्ताओं ने ये नमूने चीन, इटली, कनाडा, ब्रिटेन, जमैका और भारत से एकत्र किए हैं। शोधकर्ताओं ने 31,989 संभावित प्लास्टिक ब्रेकिंग एंजाइम्स को खोजने के लिए मशीन लर्निंग मॉडल का उपयोग किया। इसके बाद 712 एंजाइमों का गहराई से अध्ययन किया गया ताकि उनके कार्य और उनसे जुड़े सुक्ष्मजीवों को समझा जा सके।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation