नई दिल्ली। इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने पर डिजिटल भुगतान में आने वाली दिक्क त जल्द कम हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटल रुपये से ऑफलाइन भुगतान की संभावनाओं पर काम कर रहा है।
इसके लिए ब्लूटूथ और एनएफसी (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने वाले विकल्पों की पड़ताल की जा रही है। इसका मकसद ऐसे इलाकों और परिस्थितियों में डिजिटल भुगतान संभव बनाना है, जहां इंटरनेट उपलब्ध नहीं है या कनेक्टिविटी बेहद कमजोर है।
आरबीआई के अनुसार डिजिटल रुपये के ऑफलाइन फीचर से सीमित या बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्थानों पर लेन-देन संभव बनाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल अलग-अलग तकनीकी समाधान तलाशे जा रहे हैं। इनमें एक विकल्प ऐसा है जिसमें इंटरनेट के बिना भी दूरसंचार कनेक्टिविटी की जरूरत हो सकती है, जबकि दूसरे विकल्प में एनएफसी के जरिए पास-पास मौजूद उपकरणों के बीच लेन-देन का परीक्षण किया जा रहा है।
डिजिटल रुपया : डिजिटल रुपया (e₹) आरबीआई की डिजिटल मुद्रा है। यह डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है। व्यक्ति और दुकानदार के बीच भुगतान किया जा सकता है। ब्लूटूथ एनएफसी के जरिए बिना इंटरनेट भुगतान की सुविधा देने पर काम हो रहा है।
यूपीआई: यह भुगतान का आधुनिक डिजिटल माध्यम है। आम तौर पर बैंक खाते से सीधे भुगतान होता है। क्यूआर कोड, मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी से भुगतान किया जा सकता है। यूपीआई में सीमित ऑफलाइन विकल्प विकसित किए गए है।
आमजन के लिए नहीं आया ऑफलाइन ‘ई’
भारतीय रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि बिना इंटरनेट से संभव हो सकने वाला ‘ई’ भुगतान अभी बड़े पैमाने पर आम लोगों के लिए शुरू नहीं हुआ है। आरबीआई के मुताबिक फिलहाल इसके अलग-अलग तकनीकी विकल्पों का परीक्षण किया जा रहा है।













