• Latest
  • Trending
Changing relationships in the global landscape

वैश्विक परिदृश्य में बदलते रिश्ते

March 7, 2025
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
Friday, October 9, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

वैश्विक परिदृश्य में बदलते रिश्ते

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 7, 2025
in the blitz
0
Changing relationships in the global landscape
दीपक द्विवेदी

गत कुछ माह या वर्षों पर अगर नजर दौड़ाएं तो वैश्विक स्तर पर अनेक देशों के रिश्तों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। खास कर अमेरिका में हुए राष्ट्रपति के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद वैश्विक परिदृश्य में ये बदलाव बहुत तेजी से देखने को मिलेगा। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका से गहराते मतभेद के बीच भारत के साथ यूरोप मजबूत दोस्ती की पींगें बढ़ाने को ही आतुर नहीं दिख रहा है बल्कि भारत और यूरोप के आपसी संबंधों को इक्क ीसवीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बनने की क्षमता वाला भी करार दिया जा रहा है। बीते चंद वर्षों के दौरान वैश्विक स्तर पर सहयोग के समीकरणों में तेजी से बदलाव हो रहा है। उसमें ज्यादातर देशों के लिए यह बात मायने रखती है कि आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत का रुख क्या रहता है। इसकी वजह यह है कि बदलते परिदृश्य में अलग-अलग देश अपने-अपने तरीके से भारत के साथ सहयोग के नए रास्ते खोजने के प्रयास कर रहे हैं।

जब से डोनाल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने हैं, तब से ही अनेक मुद्दों पर अमेरिका का रुख किसी से छिपा नहीं है। ट्रंप के अनेक बयानों से वैश्विक स्तर पर जो अनिश्चितता उपजी है उसके बीच यह स्वाभाविक ही है कि दूसरे देश भावी अवरोधों और आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए नए और वैकल्पिक रास्तों की ओर अपने कदम बढ़ाएं। इसका ताजा उदाहरण अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यूक्रेन के संबंध में अपनाया गया वर्तमान रुख है। हालांकि इसे गलत भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि ट्रंप नहीं चाहते कि अब और आगे भी उनके देश के करदाताओं का धन रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंका जाए। रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल से अधिक हो चुके हैं और अमेरिका अभी तक इस युद्ध में लगातार यूक्रेन के साथ खड़ा दिखाई दिया है। अमेरिका फर्स्ट के सिद्धांत को मानने वाले ट्रंप के बदले रुख के लिहाज से अगर देखें तो यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयेन की ताजा भारत यात्रा भी अब कुछ अलग ही महत्व रखती है।

YOU MAY ALSO LIKE

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

27 देशों के इस शक्तिशाली यूरोपीय संघ के लिए भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार और कूटनीति में अस्थिरता देखी जा रही है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयेन विगत दिनों अपनी पूरी टीम के साथ भारत पहुंची थीं जो उनकी चार साल में तीसरी भारत यात्रा रही। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से जिस तरह तेजी से दुनिया बदली है, ऐसे में यूरोप खुद को अलग-थलग पा रहा है। रूस और चीन मिलकर उसके अस्तित्व के लिए खतरा बन चुके हैं; ऐसे में यूरोप अब भारत की ओर उम्मीदों की निगाह से देख रहा है। ईयू चीफ उर्सला का आना यही बताता है कि भारत अब सिर्फ एक उभरती अर्थव्यवस्था ही नहीं बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम हिस्सा भी बन चुका है। दिल्ली पहुंचने के बाद उर्सुला ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पहले ट्विटर) पर यही पोस्ट किया, “संघर्षों और तीव्र प्रतिस्पर्धा के युग में, आपको विश्वसनीय मित्रों की आवश्यकता है। यूरोप के लिए भारत एक मित्र और रणनीतिक सहयोगी है।” उनका यह पोस्ट साफ दिखाता है कि यूरोप, भारत को एक मजबूत साझेदार के रूप में देखता है।

दरअसल लेयेन की यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय संघ पर निशाना साधते हुए कहा था कि यूरोपीय संघ की स्थापना अमेरिका को परेशान करने के लिए की गई थी। ट्रंप ने ईयू से होने वाले आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की चेतावनी दी थी जिसका यूरोपीय संघ ने कड़ा विरोध किया। ऐसे में भारत और ईयू के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। अब चूंकि बदलते परिवेश में भारत एक ग्लोबल पावर का केंद्र बनता जा रहा है, इसलिए भी तमाम देशों को आज एक निश्छल और निष्कपट साथी की जरूरत महसूस हो रही है। भारत एक ऐसा देश है जो तमाम वैश्विक मुद्दों पर तटस्थ एवं स्पष्ट रुख अतीत में प्रदर्शित कर चुका है; इसलिए भी अनेक देश अब भारत के साथ ही अपना उज्ज्वल भविष्य देख रहे हैं। यूरोप के भारत की तरफ झुकाव के पीछे एक बड़ा कारण यूक्रेन युद्ध और रूस से बिगड़ते संबंध भी हैं। भारत ने इस युद्ध में न्यूट्रल स्टैंड लिया जिससे उसे मध्यस्थ की भूमिका में देखा जा रहा है। भारत और रूस के ऐतिहासिक संबंधों के बावजूद यूरोप भारत के साथ मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध चाहता है। यूरोपीय आयोग अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयेन ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच सुरक्षा और रक्षा साझेदारी का प्रस्ताव किया है। यह साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी क्षेत्रों को विकास देने के लिए की गई है। लेयेन ने भारत-यूरोप संबंधों की अपार संभावनाओं की बात करते हुए कहा कि ये इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक हो सकती है। 27 देशों के इस शक्तिशाली यूरोपीय संघ के लिए भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार और कूटनीति में अस्थिरता देखी जा रही है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation