ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।सर्दी-खांसी में बच्चे को जो सिरप घर में सबसे ज़्यादा पिलाया जाता है, सरकार ने उसे दुकान से हटाया नहीं है। उसने एक छोटा-सा बदलाव किया है, जिसका असर बड़ा है — अब हर शीशी पर लिखा मिलेगा कि यह दवा किसे नहीं देनी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 अगस्त 2026 को अधिसूचना एस.ओ. 4595(ई) जारी की है। इसके तहत क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट और फिनाइलेफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड — इन दोनों दवाओं को मिलाकर बनने वाले हर फ़ॉर्मूलेशन के बनाने, बेचने और बाँटने पर पाबंदी लगाई गई है। साफ़ शब्दों में कहें तो अब हर ऐसी दवा के लेबल पर, पैकेट के अंदर पर्चे पर और प्रचार सामग्री पर यह चेतावनी छापनी होगी कि यह दवा चार साल से छोटे बच्चों को नहीं दी जाएगी। यह आदेश औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत निकला है — वही धारा जिससे सरकार जनहित में किसी दवा पर रोक या शर्त लगा सकती है।
शीशी पर कहाँ देखें: ब्रांड का नाम बड़े अक्षरों में सामने होता है, लेकिन काम की बात पीछे छोटे अक्षरों वाले खाने में लिखी होती है। वहीं इन दोनों नामों को ढूँढ़िए — क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट और फिनाइलेफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड। अकसर इनके साथ पैरासिटामोल भी लिखा रहता है।
दवा बाज़ार से हटी नहीं है। बदला यह है कि अब पैकेट को ख़ुद बताना होगा कि वह किसके लिए नहीं है।
एक नज़र में
• अधिसूचना: एस.ओ. 4595(ई), 18 अगस्त 2026
• क़ानून: औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26ए
• दवाएँ: क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट + फिनाइलेफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड
• उम्र: चार साल से कम
• दायरा: इन दोनों के मेल वाला हर फ़ॉर्मूलेशन
• चेतावनी कहाँ: लेबल, पैकेट का पर्चा, प्रचार सामग्री
• सलाह किसने दी: ड्रग्स टेक्निकल एडवाइज़री बोर्ड
• पहले क्या था: 15 अप्रैल 2025 की अधिसूचना, जो सीमित फ़ॉर्मूलेशन पर लागू थी
• मंत्रालय: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
दरअसल इस आदेश की असली बात एक शब्द में है — हर। 15 अप्रैल 2025 को भी लगभग ऐसी ही अधिसूचना आई थी, लेकिन वह गिने-चुने फ़ॉर्मूलेशन पर लागू होती थी। नतीजा यह हुआ कि कंपनियाँ इन्हीं दो दवाओं को थोड़े अलग मेल में डालकर उस दायरे से बाहर निकल जाती थीं। अगस्त वाले आदेश ने यह रास्ता बंद कर दिया है। अब चाहे शीशी में और कुछ भी मिला हो, चाहे मात्रा कुछ भी हो — अगर ये दोनों नाम साथ हैं, तो चेतावनी छापनी ही होगी। यही वजह है कि माँ-बाप के लिए यह आदेश पिछले वाले से कहीं ज़्यादा मायने रखता है।
अब सवाल यह कि चार साल ही क्यों? सीधी बात यह है कि ये दोनों दवाएँ अलग-अलग काम करती हैं। क्लोरफेनिरामाइन एलर्जी रोकने वाली दवा है और यह दिमाग़ पर असर करती है — इसीलिए बच्चा नींद में चला जाता है। फिनाइलेफ्रिन नाक की बंदी खोलने के लिए ख़ून की नलियों को सिकोड़ती है। छोटे बच्चे का वज़न कम होता है, लिवर पूरी तरह विकसित नहीं होता और साँस की नली बहुत पतली होती है। ऐसे में जिस मात्रा से नाक खुलती है और जिस मात्रा से साँस पर असर पड़ने लगता है — दोनों के बीच का फ़ासला उतना बड़ा नहीं होता जितना घरवाले मान लेते हैं। और बड़ी बात यह है कि चार साल से छोटे बच्चे की सर्दी-ज़ुकाम ज़्यादातर मामलों में ख़ुद ही ठीक हो जाती है।
तो अब घर में क्या करें? तीन बातें। पहली — बच्चे को कोई भी कॉम्बिनेशन सिरप देने से पहले शीशी पीछे पलटकर दोनों नाम पढ़िए। दूसरी — मेडिकल स्टोर वाले की सलाह पर बच्चे की दवा मत ख़रीदिए; चार साल से छोटे बच्चे के लिए डॉक्टर की पर्ची ही सही रास्ता है। तीसरी — बंद नाक के लिए सादा नमकीन पानी (सलाइन ड्रॉप्स), भरपूर तरल और थोड़ा धीरज, यही सबसे भरोसेमंद इलाज है। सरकार ने अपना काम कर दिया है। अब लेबल पढ़ना हमारा काम है।
ओडिशा में ‘गरिमा’ सम्मेलन, नारा — एक भी मौत नहीं
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज भुवनेश्वर में दूसरे राष्ट्रीय गरिमा सम्मेलन का उद्घाटन किया। विषय — ‘मिशन ज़ीरो’। काम की बात यह है कि नमस्ते योजना 2031 तक बढ़ा दी गई है, और सीवर सफ़ाई के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाइयाँ बनाई जा रही हैं।
कोचीन शिपयार्ड ने तीसरा युद्धपोत सौंपा
पनडुब्बी खोजने वाला जहाज़ मंगरोल 21 अगस्त को नौसेना को सौंप दिया गया। यह आठ में से तीसरा है। सबसे बड़ी बात — इसमें 80 फ़ीसदी से ज़्यादा सामान भारत में बना है, जिसमें हल्के टॉरपीडो और स्वदेशी रॉकेट शामिल हैं।
महिलाओं के ग्रामीण उद्यमों पर बड़ी बैठक
ग्रामीण विकास मंत्रालय की सशक्त समिति ने 22 अगस्त को महिला-संचालित ग्रामीण उद्यमों को बढ़ाने के प्रस्तावों पर विचार किया। बदलाव यह है कि अब बात स्वयं सहायता समूह के छोटे कर्ज़ से आगे बढ़कर कारोबारी पूँजी और बाज़ार जोड़ने तक पहुँच रही है।
‘विज्ञान प्रगति’ के 75 साल पूरे
सीएसआईआर-निसपर ने 22 अगस्त को हिंदी की लोकप्रिय विज्ञान पत्रिका विज्ञान प्रगति का प्लैटिनम जुबली समारोह किया। दुनिया भर में विज्ञान लेखन आज भी ज़्यादातर अंग्रेज़ी में ही पहुँचता है — 75 साल से लगातार हिंदी में छपना इसीलिए मामूली बात नहीं है।
बीज कंपनी ने भारत के जीन का दाम चुकाया
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने 22 अगस्त को 2.82 करोड़ रुपये 27 राज्य बोर्डों और तीन केंद्रशासित परिषदों को जारी किए। यह पैसा एडवांटा एंटरप्राइज़ेज़ से मिले 2.94 करोड़ से आया — फूलगोभी, मिर्च, भिंडी और टमाटर की संकर किस्मों के लिए।
गोवा में इफ़्फ़ी 20 से 28 नवंबर
57वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह की पहली संचालन समिति बैठक 21 अगस्त को दिल्ली में हुई। राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा — इस बार ज़ोर नए और उभरते फ़िल्मकारों को मंच देने, मास्टरक्लास बढ़ाने और मार्गदर्शन पर रहेगा।
‘दुनिया की फार्मेसी’ से ‘दुनिया की प्रयोगशाला’ तक
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 22 अगस्त को कहा कि भारत को दूसरों की खोजी दवाएँ बनाने से आगे बढ़कर ख़ुद खोज करनी होगी। उनकी दूसरी बात ज़्यादा अहम थी — इलाज में एआई डॉक्टर की समझ की जगह नहीं ले सकती, सिर्फ़ मदद कर सकती है।
अमित शाह ने सिलीगुड़ी गलियारे की समीक्षा की
केंद्रीय गृह मंत्री ने 22 अगस्त को सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा की समीक्षा की। इसी दिन सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में पहाड़ी इलाक़ों के प्रतिनिधियों से अलग बैठक भी हुई। यह गलियारा पूर्वोत्तर से जुड़ने का इकलौता ज़मीनी रास्ता है।
लगातार दो बहुराष्ट्रीय अभ्यास पूरे
भारतीय वायुसेना ने पिच ब्लैक और उदारा शक्ति 2026 — दोनों अभ्यास पूरे कर लिए, रक्षा मंत्रालय ने 22 अगस्त को बताया। एक के बाद एक अभ्यास करने से वह चीज़ परखी जाती है जो अकेले अभ्यास से नहीं होती — दूर तक लगातार रसद पहुँचाने की क्षमता।
मॉरीशस का पूरा पेट्रोल-डीज़ल अब भारत से
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की 20-21 अगस्त की मॉरीशस यात्रा में इंडियन ऑयल और वहाँ के स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन में समझौता हुआ। अब मॉरीशस का पूरा पेट्रोल, डीज़ल और विमान ईंधन इंडियन ऑयल देगा।
चेन्नई घोषणापत्र पर ब्रिक्स की सहमति
भारत की अध्यक्षता में चेन्नई में हुई ब्रिक्स विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक 22 अगस्त को ‘चेन्नई घोषणापत्र’ के सर्वसम्मत अनुमोदन के साथ ख़त्म हुई। 2026-27 का कार्यक्रम कैलेंडर भी मंज़ूर हुआ; अगली बैठक 2027 में चीन की अध्यक्षता में होगी।
शुक्रवार को बाज़ार लगभग जहाँ था, वहीं बंद
21 अगस्त को सेंसेक्स 77,540.83 पर बंद हुआ, सिर्फ़ 3.11 अंक ऊपर; निफ़्टी 24,252.00 पर, 20.15 अंक ऊपर। मेटल और रियल्टी में ख़रीदारी रही, आईटी और एफ़एमसीजी में बिकवाली। एक दिन पहले निफ़्टी ने सात दिन की गिरावट तोड़ी थी।














