ब्लिट्ज ब्यूरो
अयोध्या। रामनगरी के दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। पांच से आठ नवंबर तक आयोजित होने वाले दीपोत्सव में करीब 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित किया जा रहा है। इनमें 12 देशों के विशेष मेहमानों के साथ 30 से अधिक देशों के राजदूत और अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न देशों में बसे प्रवासी भारतीयों को भी आयोजन में शामिल होने का न्योता भेजा जा रहा है। भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने की योजना है। विदेशी मेहमानों और प्रवासी भारतीयों की भागीदारी के जरिये दीपोत्सव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की कवायद की जा रही है।
पांच, छह और सात नवंबर को दीपोत्सव में देश-विदेश की रामलीला परंपराओं का मंचन भी होगा। इसके माध्यम से अलग-अलग देशों में प्रचलित रामकथा की परंपराओं और सांस्कृतिक विविधताओं को एक मंच पर देखने का अवसर मिलेगा।
सजने लगी अयोध्या
रामनगरी एक बार फिर त्रेतायुग की अनुभूति कराने के लिए तैयार हो रही है। कहीं घाटों को संवारा जा रहा है तो कहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए मंच आकार ले रहे हैं। दीपों के महापर्व से पहले रामनगरी के कोने-कोने को सजाने का काम तेजी से चल रहा है।
राम की पैड़ी पर तैयारियों की रौनक साफ दिखाई देने लगी है। यहां लाल कारपेट बिछा दिया गया है। सरयू की धारा के किनारे घाटों से सिल्ट हटाने का काम पूरा हो चुका है। लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के लिए 300 फीट लंबी विशाल स्क्रीन तैयार की जा रही है। रामकथा पार्क के आसपास भी तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्क के पास अस्थायी हेलीपैड का निर्माण पूरा कर लिया गया है। प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों के लिए तोरण द्वार बनाए गए हैं। रामपथ की रेलिंग को चमकाया जा रहा है।














