• Latest
  • Trending

जन-धन की बर्बादी से बचें

July 25, 2025
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
तेजस एमके-2 समय सीमा

तेजस एमके-2 फाइटर जेट पर पूर्व वाइस चीफ की दो टूक ‘कब तक करेंगे इंतजार’

September 7, 2026
पीएम बोले- युवाओं ने देश का मान बढ़ाया

विकसित भारत के लिए युवाओं का नशामुक्त होना जरूरी

September 7, 2026
आईसीएमआर तकनीक हस्तांतरण

आईसीएमआर की तीन जांच तकनीकें उद्योग के लिए होंगी हस्तांतरित

September 7, 2026
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026

सीएम योगी ने चला ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक

September 7, 2026
यूपी 50 हजार छात्राओं को स्कूटी

योगी सरकार का तोहफा, 50 हजार छात्राओं को देगी स्कूटी

September 7, 2026
दिल्ली चिड़ियाघर प्रवेश क्षेत्र पुनर्विकास

आधुनिक होगा दिल्ली चिड़ियाघर

September 7, 2026
हिमाचल स्कूल एडमिशन जाति कॉलम

हिमाचल में अगले सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म में नहीं होगा जाति का कॉलम

September 7, 2026
ठाणे-पालघर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम तेज, 135 किमी एलिवेटेड सेक्शन निर्माणाधीन

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन के काम ने पकड़ी रफ्तार

September 7, 2026
गूगल गुजरात के युवाओं को कुशल बनाने में सहयोग देगा

गूगल गुजरात के युवाओं को कुशल बनाने में सहयोग देगा

September 7, 2026
Monday, September 7, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

जन-धन की बर्बादी से बचें

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 25, 2025
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

यह सत्र विजयोत्सव तभी बन पाएगा जब सत्ता और विपक्ष; दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सदन में सार्थक और सकारात्मक बहस का माहौल बनाने में कामयाब होंगे। विपक्ष को भी अपनी सिर्फ ‘विरोध के लिए विरोध’ की राजनीति को तिलांजलि देनी होगी ताकि जन-धन की बर्बादी बचे तथा संसद में परिणामपरक बहस हो, न कि हंगामा।

इस साल का मानसून सत्र 21 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। यह सत्र 21 अगस्त तक चलने वाला है, लेकिन 12 से 18 अगस्त तक स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कार्यवाही स्थगित रहेगी। सरकार और विपक्ष, दोनों ही इस सत्र के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जहां एक तरफ इस सत्र के लिए सरकार कई अहम बिल पेश कर सकती है, तो वहीं विपक्ष तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है जैसा कि गत दो दिनों की संसद की कार्यवाही से स्पष्ट दिख रहा है। संसद में हंगामा और बहिष्कार जैसी चीजें देखने को मिल रही हैं जिनसे सिर्फ समय और जन-धन की बर्बादी ही होती नजर आ रही है। ऐसे में यह भी सवाल खड़ा होता है कि आखिर सरकार एक घंटे की कार्यवाही के लिए कितने रूपये खर्च करती है क्योंकि इसको चलाने में जो धन व्यय किया जाता है वह जनता का ही होता है जिसे करों के रूप में वसूला जाता है। खबरों की मानें तो संसद की प्रत्येक कार्यवाही पर करीब हर मिनट में ढाई लाख के खर्चे का अनुमान है। वहीं अगर घंटे के हिसाब से देखा जाए तो एक घंटे में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्चा आ जाता है। सामान्य तौर पर संसद सत्र 7 घंटे चलता है, ऐसे में लंच ब्रेक में एक घंटा हटा दें तो बचे 6 घंटे। इन छह घंटों में बहस और मुद्दों पर चर्चा तो होती ही है, साथ ही साथ विरोध और हल्ला भी होता है, जिसमें लाखों रुपये की बर्बादी होती है।
मॉनसून सत्र का पहला और दूसरा दिन दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। यह स्थिति तब हुई, जब सरकार कह चुकी थी कि वह चर्चा के लिए तैयार है। सत्र प्रारंभ होने के पहले सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच जो सहमति बनती नजर आई थी, वह सत्र के पहले दिन के कुछ ही घंटों में नदारद हो गई। यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण ही कही जाएगी। इसमें कोई शक नहीं था कि इस सत्र में पहलगाम, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों और बिहार में चल रही वोटर लिस्ट की समीक्षा को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। निश्चित रूप से ये सारे मुद्दे अहम हैं और सरकार भी इस बात को स्वीकार कर रही है। दोनों पक्ष सदन में सार्थक बहस के लिए तैयार दिख रहे थे पर पक्ष-विपक्ष में सहमति तब समाप्त हो गई जब विपक्ष ने यह मांग की कि सत्र के प्रारंभ में ही चर्चा हो जाए जबकि सरकार का कथन है कि पहले कार्य मंत्रणा समिति में उन विषयों को उठाया जाए जिन पर बात होनी है। जो मुद्दे तय होंगे, सरकार उन पर चर्चा को राजी है। इसलिए इन मुद्दों की गंभीरता के मद्देनजर राजनीतिक विरोध को दरकिनार कर देना चाहिए। सरकार और विपक्ष, दोनों को ही यह बात याद रखनी चाहिए कि वे जिन प्रश्नों को लेकर आमने-सामने हैं, उनकी वास्तविकता जानने का पहला हक पहले देश और उसकी जनता का है। यद्यपि सरकार ने पहले भी अनेक अवसरों पर अपना पक्ष रखा है पर पारदर्शी और विस्तार के साथ सारी बातें सामने आनी चाहिए। इससे पक्ष-विपक्ष; दोनों के प्रति जनता का विश्वास दृढ़ एवं लोकतंत्र और मजबूत होता है । संसद में मौजूद सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों की जवाबदेही उस जनता के प्रति भी सर्वाधिक होती है जो इन्हें चुन कर संसद में भेजती है। इसलिए किसी भी सदन की कार्यवाही को हंगामे की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है कि सत्र के आने वाले दिन सकारात्मक और सार्थक रहें।
मानसून सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयोत्सव की तरह बताया है। इस संदर्भ में पीएम मोदी ने युद्ध के मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ, नक्सलियों के विरुद्ध देश के भीतर चल रही लड़ाई और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मिली सफलताओं का जिक्र किया। पीएम मोदी का यह वक्तव्य यही दर्शाता है कि वर्तमान सत्र का एजेंडा क्या रहने वाला है। यह सत्र विजयोत्सव तभी बन पाएगा जब सत्ता और विपक्ष; दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सदन में सार्थक और सकारात्मक बहस का माहौल बनाने में कामयाब होंगे। विपक्ष को भी अपनी सिर्फ ‘विरोध के लिए विरोध’ की राजनीति को तिलांजलि देनी होगी ताकि जन-धन की बर्बादी बचे तथा संसद में परिणामपरक बहस हो, न कि हंगामा।

YOU MAY ALSO LIKE

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation