अमरावती। देश के शीर्ष उद्योगति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी के अंदाज से आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण हैरान रह गए। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में पूर्णकालिक कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे अनंत अंबानी ने मदनपल्ले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खुद को आंध्र प्रदेश का बेटा बताया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से कहा कि मुझे आंध्रप्रदेश का बेटा समझें। कृपया मुझे गाइड करें कि मैं राज्य के लिए कैसे योगदान दे सकता हूं। अनंत अंबानी के तेलुगू में बोलने पर हर कोई खुश हो गया। इस वीडियो को टीडीपी ने साझा किया है।
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत ऐसे की- ‘नमस्कारम्, नन्नू आंध्रा बिड्डागा भाविंचंडी… अंदरिकी धन्यवादमुलु’। इसका हिंदी में अर्थ है कि नमस्कार, मुझे आंध्र का बेटा समझिए। आप सभी को धन्यवाद।। दरअसल, अनंत अंबानी गांधी जयंती के मौके पर मदनपल्ले में देश के पहले इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर (आईएसए) और ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब के संकुल के शिलान्यास में पहुंचे थे। अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से तेलुगू में कहा कि आपके इस खूबसूरत राज्य के लिए मैं अपनी तरफ से जो भी कर सकता हूं, मुझे बताइए।
नायडू ने कहा तेलुगू का प्यारा बेटा
जब अनंत अंबानी टूटी-फूटी तेलुगू में यह बोल रहे थे, तो वहां मौजूद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मुस्कुराने लगे और उनकी इस कोशिश की सराहना की। बाद में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी अनंत अंबानी की तारीफ करते हुए उन्हें तेलुगू मुद्दुबिड्डा (तेलुगू का प्यारा बेटा) कहकर संबोधित किया। उन्होंने याद दिलाया कि अनंत अंबानी ने तिरुमला श्रीवारी मंदिर (तिरुपति) के लिए इलेक्टि्रक बसें भी दान की हैं। इस कार्यक्रम में अनंत अंबानी ने भरोसा दिलाया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज इस एग्रीकल्चर स्कूल को पूरी तरह से सपोर्ट करेगी ताकि किसानों की आय बढ़ सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
‘वंतारा’ के लिए चर्चा में रहते हैं
अनंत अंबानी अपने सामाजिक, धार्मिक और जीवों के संरक्षण की गतिविधियों के लिए निरंतर चर्चा में रहते हैं। अनंत अंबानी को 1 मई, 2025 को पांच साल के कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। वह जामनगर, गुजरात में वन्यजीव बचाव और संरक्षण पहल ‘वंतारा’ के संस्थापक भी हैं।














