ब्लिट्ज ब्यूरो
भोपाल। भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शनकारी किसान जब बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक स्कूल बस धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। बस में कोई ड्राइवर नहीं था, जबकि कुछ किसान बस की छत पर खड़े थे और कुछ लोग नीचे से उसे धक्का दे रहे थे। स्थिति कभी भी बड़ी घटना में बदल सकती थी। मौके पर तैनात एसीपी मोनिका शुक्ला ने जो किया, उसने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश कर दी।
नहीं की ख्ातरे की परवाह
किसानों की भीड़ के बीच जब बस धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी तो एसीपी मोनिका शुक्ला तुरंत दौड़कर वहां पहुंचीं। खतरे की परवाह किए बिना वह दोनों हाथों से बस को रोकने की कोशिश करने लगीं। सामने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी थे और पीछे से बस को धक्क ा दिया जा रहा था लेकिन मोनिका शुक्ला अपनी जगह से नहीं हटीं। उन्होंने पूरी ताकत लगाकर बस को रोकने की कोशिश जारी रखी। उनके साहस को देखकर मौके पर मौजूद कुछ किसान और पुलिसकर्मी भी मदद के लिए आगे आए। आखिरकार बस रुक गई और हादसा टल गया।














