टोरंटो। कनाडा में नौकरी कर रहे भारतीय वर्कर्स और पढ़ाई के बाद जॉब करने की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को सरकार ने बड़ी सहूलियत दी है। अब उन्हें पता चल पाएगा कि वर्क परमिट कब तक मिल सकता है। वर्क परमिट बढ़ाने यानी एक्सटेंशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (पीजीडबल्यूपी) के लिए अप्लाई करने वाले लोग अब अपने आवेदन की तारीख के आधार पर प्रोसेसिंग में लगने वाले अनुमानित समय की जानकारी देख सकते हैं।
पर्सनलाइज्ड प्रोसेसिंग अनुमान, सितंबर 2026 के आखिर में इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के प्रोसेसिंग समय वाले वेब पेज पर हुए अपडेट के बाद उपलब्ध हैं।
सरकारी वेब पेज पर आने वाले लोग, जो अपने एप्लीकेशन टाइप के तौर पर टेम्पररी रेजिडेंस चुनते हैं, वे अब ड्रॉप-डाउन मेनू से ‘कनाडा में वर्क परमिट एक्सटेंशन’ का ऑप्शन चुन सकते हैं। फिर अपने आवेदन की तारीख के आधार पर वेटिंग समय देख सकते हैं। ये समय हफ्तों में बताया जाएगा।
वर्क परमिट को लेकर क्या बदलाव हुआ
वीजा प्रोसेसिंग पेज पर आने वाला शख्स ये भी देख सकता है कि उनसे पहले कितने लोगों ने वर्क परमिट के लिए अप्लाई किया है और कुल कितने लोग परमिट का इंतजार कर रहे हैं।
पेज के अनुमान के मुताबिक, 26 सितंबर, 2026 (जब यह जानकारी आखिरी बार अपडेट की गई थी) तक 2,02,900 लोग वर्क परमिट मिलने का इंतजार कर रहे थे। जिन्होंने अभी तक परमिट के लिए अप्लाई नहीं किया है, वे यह देख सकते हैं कि अगर वे अभी अप्लाई करते हैं तो उन्हें कितना इंतजार करना पड़ सकता है।
अप्लाई करने के समय के आधार पर ये अनुमान सिर्फ उन लोगों के लिए उपलब्ध है, जो कनाडा में ही मौजूद हैं और अपने मौजूदा वर्क परमिट को एक्सटेंड करवा रहे हैं।
इसी तरह से जो विदेशी स्टूडेंट ग्रेजुएट के तौर पर पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के लिए पहली बार अप्लाई कर रहे हैं, उन्हें भी परमिट का वेटिंग टाइम देखने को मिलेगा।
परमिट बढ़ाने के लिए अप्लाई करने वालों में कनाडा में मौजूद वे वर्क परमिट होल्डर भी शामिल हैं, जो अपने मौजूदा परमिट की शर्तों में बदलाव के लिए अप्लाई कर रहे हैं। इस पेज के अपडेट होने से पहले, सिर्फ़ एक ड्रॉप-डाउन ऑप्शन ‘वर्क परमिट इन कनाडा’ उपलब्ध था, जो सर्च करने के समय के आधार पर प्रोसेसिंग में लगने वाले अनुमानित समय की जानकारी देता था। ‘वर्क परमिट इन कनाडा’ वाला ड्रॉप-डाउन ऑप्शन पेज पर अभी भी मौजूद है, लेकिन अब ये सिर्फ उन नॉन-पीजीडब्ल्यूपी आवेदकों के लिए है जो कनाडा के अंदर से अपने पहले वर्क परमिट के लिए आवेदन कर रहे हैं। जब कनाडा में वर्क परमिट वाला व्यक्ति अपने मौजूदा परमिट की समय-सीमा खत्म होने से पहले वर्क परमिट के लिए अप्लाई करता है, तो उसे ‘मेंटेन्ड स्टेटस’ (बना हुआ स्टेटस) का फायदा मिल सकता है। यह स्टेटस उसे तब तक अपने मौजूदा परमिट की शर्तों के तहत काम करने की इजाजत देता है, जब तक कि उसके परमिट को बढ़ाने के आवेदन पर कोई फैसला नहीं हो जाता।
किस परमिट पर काम करते हैं?
दरअसल, कनाडा में भारतीय स्टूडेंट पढ़ाई पूरी करने के बाद पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के लिए अप्लाई करते हैं। इसके जरिए वे 8 महीने से लेकर 3 साल तक जॉब कर सकते हैं। ये अवधि उनके कोर्स पर निर्भर करती है। इसी तरह से जो भारतीय कनाडा में जॉब करने जाते हैं, वे वर्क परमिट लेकर जॉब करने जाते हैं। वर्क परमिट की अवधि भी 3 साल के लिए होती है। अगर कंपनी को वर्कर को आगे रखना होता है तो फिर वर्क परमिट एक्सटेंड करवाना पड़ता है।














